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मनमर्जी: विरोध के बावजूद पहले सिंगल टेँडर लगाया, अब इसे रद्द कर जोन बनाकर कूड़ा उठवाने की तैयारी
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यमुनानगर। नगर निगम के वार्डों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के नाम पर खेल हो रहा है। पहले सभी 22 वार्डों से कूड़ा उठाने के लिए सिंगल टेंडर लगाया गया। आवेदन करने वाली चार एजेंसियों के दस्तावेजों की जांच चल रही है तो दूसरी तरफ सिंगल टेंडर को रद्द कर नए सिरे से वार्डों को दो से तीन जोन में बांट कर छोटे टेंडर लगाने की तैयारी हो रही है। इसकी वजह सत्ता व विपक्ष के पार्षदों द्वारा सिंगल टेंडर का विरोध करना है। सिंगल टेंडर लगाने का पार्षदों ने पहले ही विरोध किया, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।
अधिकारियों ने गत माह घरों से कूड़ा उठाने के लिए 25 करोड़ 95 लाख रुपये का सिंगल टेंडर लगाया था। पहले टेंडर के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 28 मार्च थी, लेकिन किसी भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया। ऐसे में अधिकारियों ने आवेदन की तारीख को बढ़ाकर चार अप्रैल कर दिया। इस बार चार एजेंसियों ने आवेदन किया। वह शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं इसके लिए उनके दस्तावेजों की जांच हो रही है। यदि वार्डों को जोन में बांट कर सफाई कराई जाती है तो इस टेंडर को रद्द करना पड़ेगा।
कूड़ा उठाने के टेंडर को कितने जोन में बांट कर लगाया जाए, इसके लिए मंगलवार को अधिकारियों ने सभी 22 वार्डों के पार्षदों की बैठक बुलाई है। जिसमें उनके साथ टेंडर लगाने को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। पार्षद देवेंद्र सिंह, निर्मल चौहान का कहना है कि वह तो शुरू से ही छोटे टेंडर लगाकर कूड़ा उठवाने की मांग कर रहे हैं। छोटे टेंडर से सफाई जल्दी व अच्छी होती है। परंतु अधिकारियों व मेयर ने टेंडर लगाने से पहले किसी की नहीं सुनी। टेंडर लगाने के बाद इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए हाउस की बैठक में लाया गया जिसका उन्होंने विरोध किया था। सिंगल टेंडर से सभी वार्डों में सफाई नहीं होगी। पार्षद राम आसरे का कहना है कि बार-बार टेंडर लगाकर व रद्द करने से पता चलता है कि अधिकारी सफाई को लेकर कितने गंभीर हैं।
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बाक्स
लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे शहरवासी
टेंडर लगाने में की जा रही लेट लतीफी का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। यदि दो से तीन जोन में बांट कर टेंडर लगाया जाता है तो उसके लिए नए सिरे से तैयारी करनी होगी। यदि किसी एजेंसी ने पहली बार में आवेदन नहीं किया तो टेंडर की तारीख आगे बढ़ानी होगी। इसके बाद वर्क अलॉट होगा। जिसमें काफी समय लग जाएगा। तब तक वार्डों में कूड़े के ढेर लग जाएंगे। शहर के सभी 22 वार्डों से रोजाना 272 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। पहले अधिकारी 22 वार्डों को एक से 11 व 12 से 22 दो जोन में बांट कर घरों से कूड़ा उठवा रहे थे। दोनों जोन में एक ही एजेंसी को कूड़ा उठाने का ठेका दिया हुआ था। परंतु एजेंसी का कार्य संतोषजनक नहीं रहा।
बाक्स
चार आवेदन आए हैं : सुरेंद्र चोपड़ा
नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेंद्र चोपड़ा का कहना है कि घरों से कूड़ा उठाने का जो टेंडर लगाया था उसके लिए चार एजेंसियों ने आवेदन किया है। उनके दस्तावेजों की जांच चल रही है। टेंडर को लेकर पार्षदों की बैठक बुलाई है।
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अधिकारियों ने गत माह घरों से कूड़ा उठाने के लिए 25 करोड़ 95 लाख रुपये का सिंगल टेंडर लगाया था। पहले टेंडर के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 28 मार्च थी, लेकिन किसी भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया। ऐसे में अधिकारियों ने आवेदन की तारीख को बढ़ाकर चार अप्रैल कर दिया। इस बार चार एजेंसियों ने आवेदन किया। वह शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं इसके लिए उनके दस्तावेजों की जांच हो रही है। यदि वार्डों को जोन में बांट कर सफाई कराई जाती है तो इस टेंडर को रद्द करना पड़ेगा।
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कूड़ा उठाने के टेंडर को कितने जोन में बांट कर लगाया जाए, इसके लिए मंगलवार को अधिकारियों ने सभी 22 वार्डों के पार्षदों की बैठक बुलाई है। जिसमें उनके साथ टेंडर लगाने को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। पार्षद देवेंद्र सिंह, निर्मल चौहान का कहना है कि वह तो शुरू से ही छोटे टेंडर लगाकर कूड़ा उठवाने की मांग कर रहे हैं। छोटे टेंडर से सफाई जल्दी व अच्छी होती है। परंतु अधिकारियों व मेयर ने टेंडर लगाने से पहले किसी की नहीं सुनी। टेंडर लगाने के बाद इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए हाउस की बैठक में लाया गया जिसका उन्होंने विरोध किया था। सिंगल टेंडर से सभी वार्डों में सफाई नहीं होगी। पार्षद राम आसरे का कहना है कि बार-बार टेंडर लगाकर व रद्द करने से पता चलता है कि अधिकारी सफाई को लेकर कितने गंभीर हैं।
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लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे शहरवासी
टेंडर लगाने में की जा रही लेट लतीफी का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। यदि दो से तीन जोन में बांट कर टेंडर लगाया जाता है तो उसके लिए नए सिरे से तैयारी करनी होगी। यदि किसी एजेंसी ने पहली बार में आवेदन नहीं किया तो टेंडर की तारीख आगे बढ़ानी होगी। इसके बाद वर्क अलॉट होगा। जिसमें काफी समय लग जाएगा। तब तक वार्डों में कूड़े के ढेर लग जाएंगे। शहर के सभी 22 वार्डों से रोजाना 272 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। पहले अधिकारी 22 वार्डों को एक से 11 व 12 से 22 दो जोन में बांट कर घरों से कूड़ा उठवा रहे थे। दोनों जोन में एक ही एजेंसी को कूड़ा उठाने का ठेका दिया हुआ था। परंतु एजेंसी का कार्य संतोषजनक नहीं रहा।
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चार आवेदन आए हैं : सुरेंद्र चोपड़ा
नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेंद्र चोपड़ा का कहना है कि घरों से कूड़ा उठाने का जो टेंडर लगाया था उसके लिए चार एजेंसियों ने आवेदन किया है। उनके दस्तावेजों की जांच चल रही है। टेंडर को लेकर पार्षदों की बैठक बुलाई है।