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डिपो संचालकों ने किया मशीन से राशन बांटने से किया इंकार
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:57 PM IST
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जिले के डिपो संचालकों को राशन वितरण के लिए बॉयोमीट्रिक मशीन दी गई। डिपो संचालकों ने मशीनों को ले लिया, लेकिन इन पर काम करने से मना कर दिया। उनका कहना है कि मशीन पर राशन वितरण करना बड़ी समस्या है। ध्यान रहे कि डिपो संचालक एक नवंबर से हड़ताल पर हैं। यूनियन ने मांगें न माने जाने तक राशन न बांटने का निर्णय लिया हुआ है।
शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय में डीएफएसओ द्वारा डिपो संचालकों मशीनें दी गई। कार्यालय में मशीनें लेने के लिए बड़ी संख्या में डिपो संचालक पहुंचे, जिन्होंने अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखते हुए मशीनें ले ली। मगर अभी राशन वितरण करने इंकार कर दिया। डिपो संचालक गुरजीत सिंह ने बताया कि जिले में कई गांव ऐसे हैं जिन में नेट की समस्या रहती है। ऐसे में उन गांवों में अंगूठा लगा कर राशन नही दिया जाएगा। इसी तरह कई डिपो संचालकों की नजर कमजोर हैं। उन्हें मशीन के अक्षर भी नजर नही आ रहे। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या लोगों को टाइम टेबल की है। पांच बजे के बाद यहां सरकारी कार्यालय बंद हो जाते हैं, जबकि अधिकतर लोग शाम को अपने काम से आकर ही राशन लेने के लिए आते हैं। ऐसे में डिपो संचालक पांच बजे के बाद उन्हें राशन नही दे पाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को भी समस्या होगी।
यमुनानगर डिपो यूनियन के प्रधान व प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अमरेंद्र सिंह व जगाधरी प्रधान राम रत्तन ने बताया कि डिपो संचालक एक नवंबर से हड़ताल पर हैं। कुछ दिन पहले ही डिपो संचालकों ने निर्णय लिया था कि वह विभाग से समान तो लेंगे लेकिन आगे वितरण नही करेंगे। उनका कहना है कि सरकार के फैसले का स्वागत करते है। लेकिन ये मशीनें उनके लिए परेशानी का सबब बन गई है। पहले वे डिपो के साथ दूसरे काम भी करते थे, लेकिन अब वह केवल डिपो ही चला पाएंगे। उनकी मांग है कि सरकार उनकी दस महीने की बकाया कमीशन का भुगतान करें। साथ ही कमीशन में वृद्धि की जाए। इसके अलावा न्यूनतम 15 से 20 हजार रुपये मानदेय सरकार दें और दुकान का किराया, बिजली बिल व हेल्पर का खर्च भी दें। नही तो यूनियन की हड़ताल जारी रहेगी।
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उधर, डीएफएससी सुरिंदर सिंह धोलरा का कहना है कि डिपो संचालक ने उन्हें ज्ञापन हैं, जोकि आगे भेज दिया गया है।
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शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय में डीएफएसओ द्वारा डिपो संचालकों मशीनें दी गई। कार्यालय में मशीनें लेने के लिए बड़ी संख्या में डिपो संचालक पहुंचे, जिन्होंने अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखते हुए मशीनें ले ली। मगर अभी राशन वितरण करने इंकार कर दिया। डिपो संचालक गुरजीत सिंह ने बताया कि जिले में कई गांव ऐसे हैं जिन में नेट की समस्या रहती है। ऐसे में उन गांवों में अंगूठा लगा कर राशन नही दिया जाएगा। इसी तरह कई डिपो संचालकों की नजर कमजोर हैं। उन्हें मशीन के अक्षर भी नजर नही आ रहे। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या लोगों को टाइम टेबल की है। पांच बजे के बाद यहां सरकारी कार्यालय बंद हो जाते हैं, जबकि अधिकतर लोग शाम को अपने काम से आकर ही राशन लेने के लिए आते हैं। ऐसे में डिपो संचालक पांच बजे के बाद उन्हें राशन नही दे पाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को भी समस्या होगी।
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यमुनानगर डिपो यूनियन के प्रधान व प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अमरेंद्र सिंह व जगाधरी प्रधान राम रत्तन ने बताया कि डिपो संचालक एक नवंबर से हड़ताल पर हैं। कुछ दिन पहले ही डिपो संचालकों ने निर्णय लिया था कि वह विभाग से समान तो लेंगे लेकिन आगे वितरण नही करेंगे। उनका कहना है कि सरकार के फैसले का स्वागत करते है। लेकिन ये मशीनें उनके लिए परेशानी का सबब बन गई है। पहले वे डिपो के साथ दूसरे काम भी करते थे, लेकिन अब वह केवल डिपो ही चला पाएंगे। उनकी मांग है कि सरकार उनकी दस महीने की बकाया कमीशन का भुगतान करें। साथ ही कमीशन में वृद्धि की जाए। इसके अलावा न्यूनतम 15 से 20 हजार रुपये मानदेय सरकार दें और दुकान का किराया, बिजली बिल व हेल्पर का खर्च भी दें। नही तो यूनियन की हड़ताल जारी रहेगी।
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उधर, डीएफएससी सुरिंदर सिंह धोलरा का कहना है कि डिपो संचालक ने उन्हें ज्ञापन हैं, जोकि आगे भेज दिया गया है।