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डेंगू के 12 वर्षीय बच्चे समेत पांच मरीज मिले, 26 हुए कुल केस
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यमुनानगर। डेंगू के केस बढ़ते ही जा रहे हैं। मंगलवार को जिले में 12 वर्षीय बच्चे समेत डेंगू के पांच नए केस मिले। डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। रादौर के वार्ड 10 में 32 वर्षीय व्यक्ति, रादौर के गांव अंटावा में 62 वर्षीय महिला, कृष्णा नगर में 39 वर्षीय व्यक्ति, गांव बेगमपुर में 36 वर्षीय महिला, प्रोफेसर कॉलोनी में 40 वर्षीय महिला, गांव टापू माजरा में 12 वर्षीय बच्चा डेंगू से पीड़ित है। बच्चे 39 वर्षीय व्यक्ति का उपचार शहर के निजी अस्पताल में चल रहा है।
बुखार आने पर बरत रहे लापरवाही
जो लोग डेंगू से पीड़ित हैं वह बुखार आने पर लापरवाही बरत रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में लोग यहां-वहां से दवा ले रहे हैं। डॉक्टर भी उन्हें दवाई देकर चलता कर देते हैं। जब बुखार व बदन का दर्द कम नहीं होता तो डॉक्टर उन्हें ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। जब तक रिपोर्ट आती है तो काफी देर हो चुकी होती है। तब डेंगू शरीर पर पूरी तरह से काबू कर लेता है। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ रहा है। जो नए मरीज मिले हैं उनमें इसी तरह के केस मिले हैं जिन्होंने बुखार आने पर लापरवाही बरती।
इस समय सावधानी बरतने की जरूरत
अभी मानसून सीजन चल रहा है। पिछले दिनों काफी बारिश हुई। बारिश का पानी लोगों के घरों की छतों पर रखे खाली बर्तनों गमलों में कई दिन तक जमा रहता है, जिसमें मच्छर के लारवा के पनपने की संभावना ज्यादा रहती है। खासकर प्रतापनगर व रणजीतपुर जैसे माइनिंग एरिया में जहां पर खनन सामग्री निकालने के लिए गहरे गड्ढे कर दिए जाते हैं। उनमें महीनों तक पानी जमा रहता है। जिसमें डेंगू का मच्छर ज्यादा पनपता है। इसलिए इन एरिया में ही हर साल डेंगू व मलेरिया के केस ज्यादा होते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित एरिया में जाकर लोगों के सैंपल ले रही है। इसके अलावा फॉगिंग भी कर रहे हैं। खाली प्लॉटों में जमा पानी से निजात पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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पांच नए केस मिले हैं : डॉ. सुशीला सैनी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि जिले में डेंगू के पांच नए केस मिले हैं। अब डेंगू के कुल केस की संख्या 26 हो गई है। जो लोग डेंगू से पीड़ित है उन पर नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों से उनकी फीडबैक ली जा रही है। इससे बचाव के लिए घरों में रखे फ्रिज की पानी ट्रे को खाली करते रहे। खाली बर्तनों में भी पानी जमा न होने दें। इनमें डेंगू का लारवा पनपता है।
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बुखार आने पर बरत रहे लापरवाही
जो लोग डेंगू से पीड़ित हैं वह बुखार आने पर लापरवाही बरत रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में लोग यहां-वहां से दवा ले रहे हैं। डॉक्टर भी उन्हें दवाई देकर चलता कर देते हैं। जब बुखार व बदन का दर्द कम नहीं होता तो डॉक्टर उन्हें ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। जब तक रिपोर्ट आती है तो काफी देर हो चुकी होती है। तब डेंगू शरीर पर पूरी तरह से काबू कर लेता है। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ रहा है। जो नए मरीज मिले हैं उनमें इसी तरह के केस मिले हैं जिन्होंने बुखार आने पर लापरवाही बरती।
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इस समय सावधानी बरतने की जरूरत
अभी मानसून सीजन चल रहा है। पिछले दिनों काफी बारिश हुई। बारिश का पानी लोगों के घरों की छतों पर रखे खाली बर्तनों गमलों में कई दिन तक जमा रहता है, जिसमें मच्छर के लारवा के पनपने की संभावना ज्यादा रहती है। खासकर प्रतापनगर व रणजीतपुर जैसे माइनिंग एरिया में जहां पर खनन सामग्री निकालने के लिए गहरे गड्ढे कर दिए जाते हैं। उनमें महीनों तक पानी जमा रहता है। जिसमें डेंगू का मच्छर ज्यादा पनपता है। इसलिए इन एरिया में ही हर साल डेंगू व मलेरिया के केस ज्यादा होते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित एरिया में जाकर लोगों के सैंपल ले रही है। इसके अलावा फॉगिंग भी कर रहे हैं। खाली प्लॉटों में जमा पानी से निजात पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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पांच नए केस मिले हैं : डॉ. सुशीला सैनी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि जिले में डेंगू के पांच नए केस मिले हैं। अब डेंगू के कुल केस की संख्या 26 हो गई है। जो लोग डेंगू से पीड़ित है उन पर नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों से उनकी फीडबैक ली जा रही है। इससे बचाव के लिए घरों में रखे फ्रिज की पानी ट्रे को खाली करते रहे। खाली बर्तनों में भी पानी जमा न होने दें। इनमें डेंगू का लारवा पनपता है।