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Yamuna Nagar News: जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी बढ़ रहे डेंगू के मरीज
Mon, 08 Sep 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 08 Sep 2025 01:06 AM IST
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घर में बनी होद में लार्वा की जांच करता कर्मचारी। विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में डेंगू पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के लाख जतन करने के बाद भी लार्वा मिल रहा है। यहां तक लोगों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं। पंफलेट बांट कर लोगों को डेंगू से बचाव के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
जिले में इस साल अब तक डेंगू के कुल 19 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 11 केस शहर में वह आठ ग्रामीण क्षेत्र में मिले हैं। डेंगू की चपेट में आने वालों में 10 पुरुष व नौ महिलाएं हैं। राहत की बात यह है कि चिकनगुनिया का अभी तक कोई केस नहीं मिला है और मलेरिया के केवल तीन केस ही सामने आए हैं। मलेरिया विभाग ने डेंगू के लार्वा की तलाश के लिए कर्मचारियों की टीम बनाई हैं जोकि घर-घर जाकर बर्तनों, वस्तुओं में लार्वा की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में हाई रिस्क एरिया गंदापुरा, ऊंचा चंदना, कान्हड़ी कलां, अहलुवाला, ज्ञानेवाला, फतेहपुर, जमनावाला, रायपुर, शादीपुर, कामी माजरा, तेजली, रापौली शामिल है। ग्रामीण इलाकों में पिछले साल 104 केस मिले थे। वहीं शहरी क्षेत्र हाई रिस्क एरिया में सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लालद्वारा, कालिंदी कॉलोनी, सेक्टर-17 व 18, काली मंदिर, गुलाब नगर, तीर्थ नगर, चिट्टा मंदिर, रेलवे कॉलोनी, नजदीक आईटीआई, लक्ष्मी नगर, पुराना हमीदा, केसर नगर व अशोक विकार शामिल हैं। शहरी क्षेत्र मं पिछले साल डेंगू के 86 केस आए थे।
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डेंगू के लक्षण
डेंगू के मरीज को सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डी या जोड़ों में दर्द, उल्टी आना, पेट की खराबी, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द और त्वचा पर चकत्ते या लाल रंग के दाने निकलते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच करानी चाहिए।
बचाव के लिए क्या करें
फुल बाजू के कपड़े पहनें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। रोजाना तीन लीटर से ज्यादा पानी पीएं। घर में गमले, कूलर व बर्तन में पानी जमा न होने दें। धारीदार मच्छर शरीर पर बैठे तो तत्काल सतर्क हो जाएं। पानी जमा मिले तो मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें।
इस साल अभी तक 19 मरीज मिल चुके हैं। शहर में डेंगू केस की संख्या थोड़ी ज्यादा है। लोग सावधानी बरतें। अपने घरों में रखे गमलों, खाली बर्तनों, फ्रीज के पीछे लगी पानी की ट्रे को साफ करते रहें, ताकि उसमें लार्वा न पनप सके।
- डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। जिले में डेंगू पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के लाख जतन करने के बाद भी लार्वा मिल रहा है। यहां तक लोगों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं। पंफलेट बांट कर लोगों को डेंगू से बचाव के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
जिले में इस साल अब तक डेंगू के कुल 19 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 11 केस शहर में वह आठ ग्रामीण क्षेत्र में मिले हैं। डेंगू की चपेट में आने वालों में 10 पुरुष व नौ महिलाएं हैं। राहत की बात यह है कि चिकनगुनिया का अभी तक कोई केस नहीं मिला है और मलेरिया के केवल तीन केस ही सामने आए हैं। मलेरिया विभाग ने डेंगू के लार्वा की तलाश के लिए कर्मचारियों की टीम बनाई हैं जोकि घर-घर जाकर बर्तनों, वस्तुओं में लार्वा की जांच कर रही है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में हाई रिस्क एरिया गंदापुरा, ऊंचा चंदना, कान्हड़ी कलां, अहलुवाला, ज्ञानेवाला, फतेहपुर, जमनावाला, रायपुर, शादीपुर, कामी माजरा, तेजली, रापौली शामिल है। ग्रामीण इलाकों में पिछले साल 104 केस मिले थे। वहीं शहरी क्षेत्र हाई रिस्क एरिया में सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लालद्वारा, कालिंदी कॉलोनी, सेक्टर-17 व 18, काली मंदिर, गुलाब नगर, तीर्थ नगर, चिट्टा मंदिर, रेलवे कॉलोनी, नजदीक आईटीआई, लक्ष्मी नगर, पुराना हमीदा, केसर नगर व अशोक विकार शामिल हैं। शहरी क्षेत्र मं पिछले साल डेंगू के 86 केस आए थे।
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डेंगू के लक्षण
डेंगू के मरीज को सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डी या जोड़ों में दर्द, उल्टी आना, पेट की खराबी, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द और त्वचा पर चकत्ते या लाल रंग के दाने निकलते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच करानी चाहिए।
बचाव के लिए क्या करें
फुल बाजू के कपड़े पहनें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। रोजाना तीन लीटर से ज्यादा पानी पीएं। घर में गमले, कूलर व बर्तन में पानी जमा न होने दें। धारीदार मच्छर शरीर पर बैठे तो तत्काल सतर्क हो जाएं। पानी जमा मिले तो मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें।
इस साल अभी तक 19 मरीज मिल चुके हैं। शहर में डेंगू केस की संख्या थोड़ी ज्यादा है। लोग सावधानी बरतें। अपने घरों में रखे गमलों, खाली बर्तनों, फ्रीज के पीछे लगी पानी की ट्रे को साफ करते रहें, ताकि उसमें लार्वा न पनप सके।
- डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।