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खनन पट्टा रद्द कराने के लिए किया प्रदर्शन
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जमीन का पट्टा देने के विरोध में नारेबाजी कर रोष जताते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। जिले के गांव जयधर में खनन करने का पट्टा सहारनपुर की एक कंपनी के नाम किए जाने से ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। ग्रामीणों ने रविवार को नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया और सरकार से पट्टे को रद्द करने की मांग की। साथ ही चेताया कि अगर समय रहते सरकार ने पट्टा रद्द नहीं किया तो लोग सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
किसान रामकुमार, पूर्व सरपंच वीरेंद्र गर्ग, संजीव कुमार, सतपाल, पंडित मंगाराम, जगमाल सिंह, जसपाल शर्मा, श्याम पाल ,सुभाष गोरसी, राजवीर, गौरव सिंह, राजकुमार फौजी, सुरेश कुमार, श्यामपाल, असगर ठेकेदार पंडित सुखराम आदि ने बताया कि ठेकेदार ने काम शुरू करने की तैयारी कर ली है। अगर यहां खोदाई हुई तो दर्जनों गांव तबाह हो जाएंगे। क्योंकि गांव के दोनों तरफ बड़ी नहरें बहती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार ने खनन के लिए गांव जयधर की जमीन चिह्नित की है, जो नियमों के विरुद्ध है।
सरकारी नियमानुसार जहां जलस्तर से दो मीटर तक है, वहां खोदाई हो सकती है, जबकि जयधर गांव में भूमि का जलस्तर एक मीटर से ऊपर है। फिर भी प्रशासन ने सभी नियमों को ताक पर रखकर गांव की जमीन खनन के लिए आवंटित कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में छोटे-छोटे जमींदार हैं। जो अपनी खेती से अपना जीवन बसर करते हैं और कुछ लोग पैसे के लालच में उनके गांव को खोदना चाहते हैं। इस बारे में छछरौली के तहसीलदार तरूण सहोता ने बताया कि पट्टा देने और रद्द करने का अधिकारी सरकार के पास है। किसानों की आपत्तियां मिलती है तो उसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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छछरौली। जिले के गांव जयधर में खनन करने का पट्टा सहारनपुर की एक कंपनी के नाम किए जाने से ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। ग्रामीणों ने रविवार को नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया और सरकार से पट्टे को रद्द करने की मांग की। साथ ही चेताया कि अगर समय रहते सरकार ने पट्टा रद्द नहीं किया तो लोग सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
किसान रामकुमार, पूर्व सरपंच वीरेंद्र गर्ग, संजीव कुमार, सतपाल, पंडित मंगाराम, जगमाल सिंह, जसपाल शर्मा, श्याम पाल ,सुभाष गोरसी, राजवीर, गौरव सिंह, राजकुमार फौजी, सुरेश कुमार, श्यामपाल, असगर ठेकेदार पंडित सुखराम आदि ने बताया कि ठेकेदार ने काम शुरू करने की तैयारी कर ली है। अगर यहां खोदाई हुई तो दर्जनों गांव तबाह हो जाएंगे। क्योंकि गांव के दोनों तरफ बड़ी नहरें बहती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार ने खनन के लिए गांव जयधर की जमीन चिह्नित की है, जो नियमों के विरुद्ध है।
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सरकारी नियमानुसार जहां जलस्तर से दो मीटर तक है, वहां खोदाई हो सकती है, जबकि जयधर गांव में भूमि का जलस्तर एक मीटर से ऊपर है। फिर भी प्रशासन ने सभी नियमों को ताक पर रखकर गांव की जमीन खनन के लिए आवंटित कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में छोटे-छोटे जमींदार हैं। जो अपनी खेती से अपना जीवन बसर करते हैं और कुछ लोग पैसे के लालच में उनके गांव को खोदना चाहते हैं। इस बारे में छछरौली के तहसीलदार तरूण सहोता ने बताया कि पट्टा देने और रद्द करने का अधिकारी सरकार के पास है। किसानों की आपत्तियां मिलती है तो उसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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