फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Delay in cleaning drains sparks growing concern.

Yamuna Nagar News: नालों की सफाई में देरी से बढ़ी चिंता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:34 AM IST
विज्ञापन
Delay in cleaning drains sparks growing concern.
जगाधरी बर्तन बाजार में गंदगी व गाद से अटा नाला। संवाद
यमुनानगर। खराब मौसम के बीच नालों की सफाई में हो रही देरी ने शहरवासियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हर साल मानसून में जलभराव की समस्या झेलने वाले लोगों को इस बार हालात और बिगड़ने का डर सता रहा है। नगर निगम द्वारा नालों की सफाई के दावे तो फरवरी से किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। शहर में तीन बड़े और करीब 340 छोटे नालों की सफाई कराई जानी है। बड़े नालों की कुल लंबाई लगभग 25 किलोमीटर है, जबकि छोटी नालियों की लंबाई करीब 134 किलोमीटर बताई जा रही है। इसके बावजूद अब तक केवल बड़े नालों के टेंडर ही लगे हैं, जिनके लिए इस महीने के मध्य तक आवेदन मांगे गए हैं। छोटे नालों की सफाई को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है।
विज्ञापन

स्थिति यह है कि टेंडर अभी तक ओपन भी नहीं हो सके हैं, जिससे काम शुरू होना तो दूर, किसी एजेंसी को वर्क अलॉट तक नहीं किया गया है। आवेदन होने के बाद कब टेंडर खोले जाएंगे। पता नहीं किसी एजेंसी ने अभी आवेदन किया भी या नहीं, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। यदि कोई एजेंसी आगे नहीं आई तो दोबारा से टेंडर लगाना पड़ेगा, ऐसे में मई माह से ही नालों की सफाई होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

हाल ही में मेयर ने अधिकारियों के साथ नालों की सफाई को लेकर समीक्षा बैठक भी की, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नजर नहीं आ रही है। लाजपत नगर निवासी रमेश व प्रोफेसर कॉलोनी के रामकुमार का कहना है कि जिस तरह से मौसम लगातार खराब हो रहा है, उससे चिंता और बढ़ गई है। समय पर सफाई न होने की स्थिति में मूसलाधार बारिश में ही जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है। शहर के कई निचले इलाकों में हर साल बारिश के दौरान पानी भर जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व पार्षद बोले, कछुआ गति से चल रहा काम
नगर निगम के पूर्व पार्षद विनोद मरवाह और निर्मल चौहान का कहना है कि यह पहली बार है जब अप्रैल माह तक भी नालों की सफाई का काम शुरू नहीं हो पाया है। यह देरी लोगों पर भारी पड़ सकती है। मानसून से पहले कम से कम दो बार नालों की सफाई होनी चाहिए, ताकि जलभराव से बचा जा सके। प्रशासन की लापरवाही के चलते हर साल लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है लेकिन इस बार स्थिति और गंभीर नजर आ रही है। अगर जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सफाई कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात बिगड़ सकते हैं। नगर निगम के दावों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।


नालों की सफाई के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। नालों की सफाई के लिए टेंडर लगा रखे हैं। जल्द ही टेंडर खोले जाएंगे। जलभराव को कम करने के लिए टेंडर में काफी सुधार किए गए हैं।
- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।

जगाधरी बर्तन बाजार में गंदगी व गाद से अटा नाला। संवाद

जगाधरी बर्तन बाजार में गंदगी व गाद से अटा नाला। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed