फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Decreased wood supply, plywood production reduced by 20%

Yamuna Nagar News: लकड़ी की आवक कम, प्लाईवुड का उत्पादन 20 फीसदी घटा

Fri, 27 Jun 2025 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 27 Jun 2025 12:28 AM IST
विज्ञापन
Decreased wood supply, plywood production reduced by 20%
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। मूसलाधार बारिश से खेत पानी से लबालब हो गए हैं। बारिश का असर खेतों में होने वाली पॉपुलर व सफेदा की कटाई पर भी पड़ा है। कटाई कम होने से चार-पांच दिनों से मंडियों में लकड़ी की आवक काफी घट गई है। इसका सीधा असर प्लाईवुड इंडस्ट्री पर भी पड़ा है। पर्याप्त लकड़ी न मिलने से इंडस्ट्री में प्लाईवुड का उत्पादन करीब 20 प्रतिशत कम हो गया है।
उत्पादन घटने से सीधे तौर पर प्लाईवुड कारोबारियों को नुकसान हो रहा है। जब तब खेत नहीं सूखते तब तक लकड़ी की आवक में बढ़ोतरी होने वाली नहीं है। आने वाले दिनों में संकट और गहरा जाएगा क्योंकि मानसून आना अभी बाकी है, जिसमें कई-कई दिन तक बारिश रूकती ही नहीं। इतना ही नहीं जुलाई में कांवड़ यात्रा के चलते कई दिन सभी फैक्टरियां बंद रहेंगी।
विज्ञापन

जिले में 350 से अधिक प्लाईवुड यूनिट के अलावा 400 से अधिक पिलिंग यूनिट व सॉ मिल हैं। प्लाईवुड फैक्टरियों में रोजाना करीब 7000 क्यूबिक मीटर प्लाई का उत्पादन होता है। यहां तैयार प्लाई को ट्रकों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में सप्लाई किया जाता है। जिले में बनी प्लाईवुड मजबूत व उत्तम क्वालिटी की होने के कारण इसकी देश के लगभग सभी हिस्सों में अच्छी मांग है। जगाधरी के मानकपुर और यमुनानगर के मंडौली गांव में लकड़ी की मंडियां हैं.। पहले दोनों मंडियों में पोपलर व सफेदा लकड़ी की रोजाना करीब 300 से 350 ट्रालियां आती थी। जब से बारिश शुरू हुई है तब से दोनों मंडियों में लकड़ी की आवक काफी घट गई है। मंडौली मंडी में रोजाना औसतन 150 ट्राली आती थी जो अब घट कर 100 ट्राली पर आ गई है। इसी तरह मानकपुर मंडी में तो दो दिन से 20 ट्रालियां भी नहीं आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर, हरिद्वार व मुजफ्फरनगर में किसान सीधे मंडियों में लकड़ी लेकर आते हैं। मंडियों में 85 प्रतिशत लकड़ी उत्तर प्रदेश, 10 प्रतिशत पंजाब व बाकी की पांच प्रतिशत यमुनानगर के खेतों से आती हैं। पंजाब से आने वाली लकड़ी तो बिल्कुल भी मंडियों में नहीं आ रही। बारिश होने के अलावा खेतों में धान रोपाई भी हो रही है। इससे कटाई कम हो रही है। इस समय पोपलर 1200 से 1500 रुपये और सफेदा की लकड़ी 850 रुपये से 1100 रुपये तक प्रति क्विंटल बिक रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में कई फैक्टरियां ऐसी हैं जिनमें बारिश का पानी भर गया। पानी भरने से काम बंद करना पड़ा। दूसरा लकड़ी का जो स्टॉक फैक्टरियों में पड़ा था वह गीला है। गीली लकड़ी से प्लाई तैयार नहीं होती। फैक्टरियों में लकड़ी का जो स्टॉक बचा था वह भी खत्म होने की कगार पर है।
कुछ दिनों से मंडियों में लकड़ी की आवक काफी कम हो गई है। क्योंकि खेतों में बारिश का पानी भरा हुआ है। साथ ही धान की रोपाई भी चल रही है। इसलिए खेतों में पेड़ों की कटाई नहीं हो पाती। मानसून सीजन में सितंबर तक लकड़ी की आवक ऐसे ही कम रहेगी। - बलदेव पंवार, अध्यक्ष, टिंबर आढ़ती संगठन यमुनानगर।

बारिश की वजह से लकड़ी नहीं मिल रही। इंडस्ट्री को चलाने में काफी दिक्कत हो रही है। प्लाईवुड का उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम हो गया है। लकड़ी कम होने से पॉपलर का रेट भी 100 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गया है। - जेके बिहानी, अध्यक्ष, हरियाणा प्लाईवुड एसोसिएशन यमुनानगर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed