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डेंगू के संदिग्ध तीन मरीजों की मौत, विभाग नहीं कर रहा पुष्टि
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में अब तक संदिग्ध बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। दो मौत इंदिरा कॉलोनी और एक की मौत गांव नालागढ़ में हुई है। तीनों को बुखार आने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उनके प्लेटलेट्स तेजी से कम हो रहे थे। इंदिरा कॉलोनी में नौ वर्षीय बच्चे और 62 वर्षीय बुजुर्ग की मौत बताई जा रही है। जबकि गांव नालागढ़ में 60 वर्षीय महिला की भी मौत भी संदिग्ध बुखार से होनी बर्ताई जा रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार मौसम में बदलाव के साथ जिले में काफी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। इंदिरा कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी के प्रधान ओम प्रकाश सेठी ने बताया कि मंगलवार रात को कॉलोनी में संदिग्ध बुखार से एक बच्चे व बुजुर्ग की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कॉलोनी के 62 वर्षीय पृथ्वी मदान प्रॉपर्टी डीलर का काम करते थे। एक सप्ताह से पहले उन्हें बुखार आया था। तीन दिन पहले तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल में रहने के बाद भी उनके प्लेटलेट्स तेजी से गिरते रहे। उनके प्लेटलेट्स 22,000 होने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें चंडीगढ़ ले जाने को कहा। परिजन उन्हें मंगलवार को पंचकूला के पारस अस्पताल ले गए, जहां देर शाम उनकी मौत हो गई।
नौ वर्षीय बच्चे की मौत
इंदिरा कॉलोनी के नौ वर्षीय दक्ष वर्मा को करीब एक सप्ताह पहले बुखार की शिकायत हुई थी। परिजनों ने चिकित्सकों को दिखाया। दवा लेने के बाद भी आराम नहीं आया और उसके प्लेटलेट्स तेजी से गिरते चले गए। हरीश वर्मा ने बताया कि उसका इकलौता बेटा दक्ष डेंगू से पीड़ित था। तबीयत बिगड़ने पर वे बेटे को अस्पताल ले गए। यहां पर चिकित्सकों ने बताया कि दक्ष के प्लेटलेट्स तेजी से गिरते जा रहे थे। 49 हजार से 39 हजार पर प्लेटलेट्स पहुंच गए थे। बुधवार सुबह दक्ष ने दम तोड़ दिया।
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नालागढ़ में महिला की मौत
कांसापुर की कॉलोनियों के कई लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक उन्हें संदिग्ध बुखार की शिकायत है। वहीं नालागढ़ की माजरी में एक ही परिवार के कई लोग संदिग्ध बुखार से प्रभावित बताए जा रहे हैं। इसी गांव की 60 वर्षीय संतोष रानी को दो दिन पहले बुखार आया था। परिजन निजी अस्पताल ले गए। दवा के बाद भी आराम नहीं आया। महिला की हालत तेजी से गिरती चली गई। जिसके बाद उसे पीजीआई भेज दिया। यहां पर देर रात महिला की मौत हो गई।
विभाग ने नहीं की पुष्टि
जिले में बीमार लोगों के परिजनों के अनुसार उनके सदस्य को चिकित्सकों ने डेंगू होने की पुष्टि की है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। विभाग का कहना है कि अभी उनके पास अस्पतालों से मरीजों की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। जब तक उनके पास पूरी जानकारी नहीं पहुंच जाती वे इसकी पुष्टि नहीं कर सकते हैं। विभाग दो दिन में हुई तीन मौतों की भी पुष्टि नहीं कर रहा है।
यह लोग भी अस्पताल में भर्ती
गांव नालागढ़ का सियाल, साहिल, मीरा, यशपाल, दलेर सिंह, कांसापुर की बैंक कॉलोनी कावीरेंद्र, कमलेश, अशोक सहित कई लोग डेंगू प्रभावित बताएं जा रहे हैं। इन सभी का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है।
अब तक 35 डेंगू मरीज मिले, 96 संदिग्ध
जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों में संदिग्ध बुखार से प्रभावित लोगों की संख्या तीन सौ के करीब है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में मात्र 35 डेंगू मरीज हैं। जबकि 96 लोगों की अभी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
जिले में अभी तक डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है। तीन लोगों मौत की पुष्टि वे अस्पताल से जानकारी मिलने के बाद ही कर पाएंगे। फिलहाल अस्पतालों से विभाग के पास कोई जानकारी नहीं आई है। जिले में स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्रों में फॉगिंग करवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर जाकर सैंपल ले रही है।
डॉ. वागेश गुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी।
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जगाधरी। जिले में अब तक संदिग्ध बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। दो मौत इंदिरा कॉलोनी और एक की मौत गांव नालागढ़ में हुई है। तीनों को बुखार आने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उनके प्लेटलेट्स तेजी से कम हो रहे थे। इंदिरा कॉलोनी में नौ वर्षीय बच्चे और 62 वर्षीय बुजुर्ग की मौत बताई जा रही है। जबकि गांव नालागढ़ में 60 वर्षीय महिला की भी मौत भी संदिग्ध बुखार से होनी बर्ताई जा रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार मौसम में बदलाव के साथ जिले में काफी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। इंदिरा कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी के प्रधान ओम प्रकाश सेठी ने बताया कि मंगलवार रात को कॉलोनी में संदिग्ध बुखार से एक बच्चे व बुजुर्ग की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कॉलोनी के 62 वर्षीय पृथ्वी मदान प्रॉपर्टी डीलर का काम करते थे। एक सप्ताह से पहले उन्हें बुखार आया था। तीन दिन पहले तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल में रहने के बाद भी उनके प्लेटलेट्स तेजी से गिरते रहे। उनके प्लेटलेट्स 22,000 होने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें चंडीगढ़ ले जाने को कहा। परिजन उन्हें मंगलवार को पंचकूला के पारस अस्पताल ले गए, जहां देर शाम उनकी मौत हो गई।
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नौ वर्षीय बच्चे की मौत
इंदिरा कॉलोनी के नौ वर्षीय दक्ष वर्मा को करीब एक सप्ताह पहले बुखार की शिकायत हुई थी। परिजनों ने चिकित्सकों को दिखाया। दवा लेने के बाद भी आराम नहीं आया और उसके प्लेटलेट्स तेजी से गिरते चले गए। हरीश वर्मा ने बताया कि उसका इकलौता बेटा दक्ष डेंगू से पीड़ित था। तबीयत बिगड़ने पर वे बेटे को अस्पताल ले गए। यहां पर चिकित्सकों ने बताया कि दक्ष के प्लेटलेट्स तेजी से गिरते जा रहे थे। 49 हजार से 39 हजार पर प्लेटलेट्स पहुंच गए थे। बुधवार सुबह दक्ष ने दम तोड़ दिया।
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नालागढ़ में महिला की मौत
कांसापुर की कॉलोनियों के कई लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक उन्हें संदिग्ध बुखार की शिकायत है। वहीं नालागढ़ की माजरी में एक ही परिवार के कई लोग संदिग्ध बुखार से प्रभावित बताए जा रहे हैं। इसी गांव की 60 वर्षीय संतोष रानी को दो दिन पहले बुखार आया था। परिजन निजी अस्पताल ले गए। दवा के बाद भी आराम नहीं आया। महिला की हालत तेजी से गिरती चली गई। जिसके बाद उसे पीजीआई भेज दिया। यहां पर देर रात महिला की मौत हो गई।
विभाग ने नहीं की पुष्टि
जिले में बीमार लोगों के परिजनों के अनुसार उनके सदस्य को चिकित्सकों ने डेंगू होने की पुष्टि की है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। विभाग का कहना है कि अभी उनके पास अस्पतालों से मरीजों की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। जब तक उनके पास पूरी जानकारी नहीं पहुंच जाती वे इसकी पुष्टि नहीं कर सकते हैं। विभाग दो दिन में हुई तीन मौतों की भी पुष्टि नहीं कर रहा है।
यह लोग भी अस्पताल में भर्ती
गांव नालागढ़ का सियाल, साहिल, मीरा, यशपाल, दलेर सिंह, कांसापुर की बैंक कॉलोनी कावीरेंद्र, कमलेश, अशोक सहित कई लोग डेंगू प्रभावित बताएं जा रहे हैं। इन सभी का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है।
अब तक 35 डेंगू मरीज मिले, 96 संदिग्ध
जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों में संदिग्ध बुखार से प्रभावित लोगों की संख्या तीन सौ के करीब है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में मात्र 35 डेंगू मरीज हैं। जबकि 96 लोगों की अभी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
जिले में अभी तक डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है। तीन लोगों मौत की पुष्टि वे अस्पताल से जानकारी मिलने के बाद ही कर पाएंगे। फिलहाल अस्पतालों से विभाग के पास कोई जानकारी नहीं आई है। जिले में स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्रों में फॉगिंग करवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर जाकर सैंपल ले रही है।
डॉ. वागेश गुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी।