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आग से झुलसे एक भाई की मौत
अमर उजाला यमुनानगर
Updated Fri, 28 Mar 2014 12:38 AM IST
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यमुनानगर। शांति कॉलोनी में आग से झुलसे दो भाइयों में से एक भाई की वीरवार को पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि दूसरा ट्रामा सेंटर में भरती है। देर शाम तक मृतक का शव यमुनानगर नहीं पहुंच पाया था। शुक्रवार को मृतक का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। गौरतलब है कि शांति कॉलोनी निवासी दो भाई संजीव और सुधीर मंगलवार को आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए थे। संजीव की गंभीर हालत देखते हुए अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया था। वीरवार दोपहर को संजीव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस को दिए बयान में इंद्रा रानी ने बताया कि उसका पति संजीव और देवर सुधीर खजूरी रोड स्थित एक ढाबे पर काम करते है और हलवाई भी है। मंगलवार को सुधीर की तबीयत ठीक न होने के कारण वह काम पर नहीं गया। वहीं संजीव भी दोपहर में ही घर आ गया। इंद्रा ने बताया कि वह रसोई में चाय बना रही थी। इसी दौरान अचानक चिल्लाने की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो उसने देखा कि संजीव आग की लपटों से घिरा हुआ है। उसने बताया कि वहां पहुंचे उसके देवर सुधीर ने आग पर काबू पाना चाहा तो वह भी आग की चपेट में आ गया।
बाक्स
बीड़ी पीना बना जानलेवा
इंद्रा ने बताया कि संजीव जिस कमरे में बैठा था। वहां एक स्लैब अपनी हुई थी, जिस पर मिट्टी का तेल पड़ा था। जिस दौरान संजीव ने बीड़ी जलानी चाही उसी दौरान एक बिल्ली स्लैब पर आ गई और उसने मिट्टी का तेल गिरा दिया, जो सीधे संजीव के ऊपर गिरा। जो आग लगने का कारण बना।
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पुलिस को दिए बयान में इंद्रा रानी ने बताया कि उसका पति संजीव और देवर सुधीर खजूरी रोड स्थित एक ढाबे पर काम करते है और हलवाई भी है। मंगलवार को सुधीर की तबीयत ठीक न होने के कारण वह काम पर नहीं गया। वहीं संजीव भी दोपहर में ही घर आ गया। इंद्रा ने बताया कि वह रसोई में चाय बना रही थी। इसी दौरान अचानक चिल्लाने की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो उसने देखा कि संजीव आग की लपटों से घिरा हुआ है। उसने बताया कि वहां पहुंचे उसके देवर सुधीर ने आग पर काबू पाना चाहा तो वह भी आग की चपेट में आ गया।
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बीड़ी पीना बना जानलेवा
इंद्रा ने बताया कि संजीव जिस कमरे में बैठा था। वहां एक स्लैब अपनी हुई थी, जिस पर मिट्टी का तेल पड़ा था। जिस दौरान संजीव ने बीड़ी जलानी चाही उसी दौरान एक बिल्ली स्लैब पर आ गई और उसने मिट्टी का तेल गिरा दिया, जो सीधे संजीव के ऊपर गिरा। जो आग लगने का कारण बना।
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