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Yamuna Nagar News: सरस्वती शुगर मिल में पेराई सत्र शुरू, 175 लाख क्विंटल का लक्ष्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Nov 2023 12:51 AM IST
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Crushing season starts in Saraswati Sugar Mill, target of 175 lakh quintals
सरस्वती शुगर मिल में मंगलवार को विधिवत पूजन के बाद गन्ने का पेराई सत्र शुरू हो गया। इसका उद्धाटन मुख्य संचालन अधिकारी एसके सचदेवा और एमडी आदित्य पुरी के बेटी नयना पुरी ने किया। शुगर प्रबंधन ने इस बार मिल में 175 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा है। साथ ही चीनी बनाने की पूरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। इसके तहत अब शुगर मिल में सल्फर फ्री डबल रिफाइंड चीनी बनेगी। इसके लिए मिल में नई तकनीक की मशीनरी लगाई गई है। सल्फर फ्री चीनी की डिमांड इंटरनेशनल फूड प्रोडक्ट कंपनी, कोल्ड ड्रिंक, दवा बनाने व होटलों में बहुत ज्यादा होती है।
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मुख्य संचालन अधिकारी एसके सचदेवा और नयना पुरी ने बताया कि मिल का पेराई सीजन शुरू होने से यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिले के करीब 22 हजार किसानों को फायदा होगा। किसान समय पर गेहूं की बिजाई कर सकेंगे। खेत खाली करने के लिए उनको औने-पौने दामों में कोल्हू कलेसर पर गन्ना नहीं डालना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि शुगर मिल में जो गन्ना आता उसका रकबा करीब 96 हजार एकड़ है। गन्ने की खरीद के लिए मिल प्रबंधन ने इस बार 45 खरीद केंद्र बनाए हैं। किसान अपना गन्ना ट्रालियों के माध्यम से खरीद केंद्रों पर भी डाल सकते हैं। खरीद केंद्र से गन्ना ले जाने के लिए शुगर मिल ने अपने वाहन लगाए हैं। इसके अलावा किसान सीधे शुगर मिल में भी गन्ना डाल सकते हैं। गत वर्ष शुगर मिल में 166 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। उन्होंने बताया कि 28 वर्ष बाद 31 अक्टूबर को मिल का पेराई सीजन शुरू हुआ है। इससे पहले वर्ष 1995 में इस तारीख को शुभारंभ हुआ था। पिछले साल सात नवंबर को मिल शुरू की गई थी। सरस्वती शुगर मिल हरियाणा व पंजाब की पहली शुगर मिल है जो कि इतनी जल्दी शुरू हुई है।
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सरस्वती शुगर मिल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (केन) डीपी सिंह ने बताया कि सीजन 2023-24 के लिए पर्ची वितरण का कार्य पारदर्शिता के साथ तैयार करके एडवांस कैलेंडरिंग कर दी गई है। मिल से गन्ने की पर्ची जारी होते ही मैसेज संबंधित किसान के पास पहुंच जाएगा। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि गन्ना पर्ची पर अंकित तारीख व गन्ना किस्म के अनुसार ही मिल में डालें। क्योंकि एडवांस कैलेंडरिंग में फेल हुई पर्ची के बदले दूसरा इंडेंट जारी करने का प्रावधान नहीं है।
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शुगर मिल जल्द चलने से किसानों को लाभ, 450 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य की मांगभारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिला प्रधान संजू गुंदियाना और भाकियू (रतनमान) के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर ने बताया कि शुगर मिल समय से पहले शुरू होने से किसानों को काफी लाभ होगा। उन्होंने मांग उठाई कि शुगर मिल चलने से पहले 450 रुपये प्रति क्विंटल रेट घोषित करना चाहिए था। उन्होंने सरस्वती शुगर मिल मैनेजमेंट से भी निवेदन किया कि किसानों को समय पर इंडेंट दिए जाएं ताकि किसी प्रकार की दिक्कत न आए।



मिल का पेराई सत्र शुरू होने पर पहले गन्ना लाने वाले किसान रूलाहखेड़ी गांव के मुकेश कुमार, करेहड़ा खुर्द गांव के घनश्याम दास को सम्मानित किया गया। वहीं गन्ना क्रय केंद्र नकुंभ से आई मिल की गाड़ी के ड्राइवर पवन कुमार को भी फूलाें का हार पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
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