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जल्दी होगी गन्ने की पेराई, किसानों को मिलेगी राहत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2022 01:21 AM IST
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Crushing of sugarcane will happen soon, farmers will get relief
पिछले 25 साल में यह पहला मौका होगा जब सरस्वती शुगर मिल में इस बार गन्ने की पेराई इतनी जल्दी होने जा रही है। शुगर मिल प्रबंधन ने आठ नवंबर को शुगर मिल चलाने का निर्णय लिया है। इससे पहले 1996-97 में शुगर मिल पांच नवंबर को चली थी। शुगर मिल के जल्दी चलने से यमुनानगर, अंबाला व कुरुक्षेत्र के किसानों के करीब 22 हजार किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। सही समय पर गन्ने की फसल को शुगर मिल में पहुंचाने के बाद किसान खेतों में गेहूं की बिजाई कर सकेंगे। गत वर्ष शुगर मिल का पेराई सत्र 16 नवंबर को शुरू हुआ था।
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सरस्वती शुगर मिल प्रबंधन ने इस साल 175 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का टारगेट् रखा है। जबकि गत वर्ष यह टारगेट केवल 162 लाख क्विंटल था। टारगेट बढ़ाने की बड़ी वजह यमुनानगर, अंबाला व कुरुक्षेत्र में गन्ने का रकबा बढ़ना है। गत वर्ष जहां 90700 हेक्टेयर पर ही गन्ने की पैदावार हुई थी, जो इस बार बढ़कर 97000 हेक्टेयर हो गया है। शुगर मिल ने किसानों की सुविधा को देखते हुए इस बार गन्ना क्रय केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई है। इस बार 42 की जगह 44 केंद्रों पर गन्ने की खरीद की जाएगी। केंद्रों पर खरीदा गया गन्ना शुगर मिल अपने वाहनों से मिल तक पहुंचाएगा।
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शुगर को चलाने से पहले प्रबंधन ने इसकी मशीनरी की मरम्मत भी करवा ली है। कई माह से सैकड़ों की संख्या में मैकेनिक की इसकी मरम्मत में लगे हुए थे। मरम्मत पूरी होने के बाद मशीनरी का ट्रायल लिया गया जो पूरी तरह से सफल रहा। शुगर मिल में गन्ना पेराई की पहले तीन यूनिट थी। अब इनमें से केवल दो यूनिट ही पेराई करती हैं।
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सरस्वती शुगर मिल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (केन) डीपी सिंह ने बताया कि किसानों के हित को देखते हुए 25 साल बाद पहली बार इतनी जल्दी शुगर मिल को चलाने का निर्णय प्रबंधन ने लिया है। 8 नवंबर को पेराई सत्र शुरू होगा। इस बार दो गन्ना खरीद केंद्र भी बढ़ाए हैं। इस बार धान में बीमारी के चलते किसानों को काफी नुकसान हुआ है, जबकि गन्ने की फसल पर बीमारी का कोई असर नहीं हुआ। ऐसे में गन्ना मुनाफा देने वाली फसल है।
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