फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Crops not verified on the portal; farmers making repeated rounds of the mandis

Yamuna Nagar News: पोर्टल पर फसल का सत्यापन नहीं, मंडियों के चक्कर काट रहे किसान

Sun, 11 Oct 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 11 Oct 2026 01:03 AM IST
विज्ञापन
Crops not verified on the portal; farmers making repeated rounds of the mandis
धान व बोरियों से अटी पड़ी जगाधरी की अनाज मंडी। संवाद - फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। धान की फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं धान में नमी अधिक होने से खरीद नहीं हो रही तो कहीं पोर्टल पर फसल का सत्यापन नहीं होने के कारण गेटपास ही नहीं कट रहे। ऐसे में फसल तैयार करके मंडी पहुंचे किसान अपनी उपज बेचने के लिए अधिकारियों और आढ़तियों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
वहीं धान का उठान धीमा होने से मंडियों में जगह की कमी बनी हुई है। अब बूंदाबांदी ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले की 13 अनाज मंडियों में अब तक 1,13,272 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है। इसमें से 78,286 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। उठान केवल 7,565 मीट्रिक टन का हो सका है। खरीद के मुकाबले उठान की धीमी रफ्तार के कारण मंडियों में धान जमा हो रहा है और किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
विज्ञापन

जिले में शनिवार तड़के कई जगह बूंदाबांदी हुई, जिससे मंडियों में खुले में पड़ी धान को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई। किसान पहले ही गेटपास, खरीद और उठान की समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में बारिश होने पर खुले में रखी धान भीगने का डर सता रहा है। किसान जयपाल, रजनीकांत का कहना है कि यदि तेज बारिश होती है तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। मंडियों में धान की ढेरियां लगी हैं और उठान धीमा है। ऐसे में मौसम खराब होने से मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पोर्टल पर रिकॉर्ड अधूरा
गांव मुसिंबल के किसान मदन लाल ने बताया कि उसने पोर्टल पर डेढ़ एकड़ में उगाई गई धान की फसल का पंजीकरण कराया था, लेकिन पोर्टल पर केवल आधा एकड़ का ही रजिस्ट्रेशन दिखाई दे रहा है। बाकी एक एकड़ की फसल का रिकॉर्ड पोर्टल पर नहीं मिल रहा। ऐसे में वह मंडी में अपनी पूरी फसल कैसे बेच पाएगा।
किसान बहुत परेशान
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन जगाधरी के प्रधान मुनीष कांबोज ने बताया कि पोर्टल पर डाटा मिसमैच होने के कारण किसान धान नहीं बेच पा रहे हैं। जब आढ़ती अधिकारियों से गेटपास काटने के लिए कहते हैं तो जवाब मिलता है कि अभी उनके पास इसके आदेश नहीं हैं। इससे किसान मंडियों में फसल लेकर आने के बावजूद परेशान हो रहे हैं।


पंजाब से खरीदा ट्रैक्टर बना परेशानी
हरनौल गांव के किसान गुरदेव सिंह ने बताया कि उसने करीब 20 साल पहले पंजाब से ट्रैक्टर खरीदा था। उस पर पंजाब की नंबर प्लेट लगी है। वह हर साल इसी ट्रैक्टर-ट्राली में धान लेकर जगाधरी मंडी आता है, लेकिन इस बार पंजाब नंबर का ट्रैक्टर होने के कारण उसे बाहरी वाहन बताकर गेटपास काटने से मना कर दिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक वह मंडी के गेट पर खड़ा रहा।

मंडियों में धान की आवक बढ़ रही है। पोर्टल पर डाटा ठीक करने के लिए राजस्व विभाग की टीम लगी है। मंडियों में सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध किसानों के लिए किया गया है। - मोहित बेरी, सचिव, मार्केट कमेटी जगाधरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed