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बाग लगाने के लिए दी गई जमीन पर फसल बीजी
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। शहजाद वाला के पूर्व सरपंच समय सिंह ने बाग लगाने के लिए दी गई पंचायती भूमि पर गेहूं की बिजाई करने का आरोप लगाया है। पूर्व सरपंच ने इसकी शिकायत सीएम विंडो पर दी है। सीएम विंडो पर शिकायत पहुंचने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीएम विंडो पर दी शिकायत में शहजादवाला निवासी समय सिंह ने बताया कि गांव की 35 एकड़ भूमि वन विभाग को फलदार पेड़ों का बाग लगाने के लिए दी गई थी। उस जमीन पर विभाग की ओर से बाग लगाया गया है। जब तक बाग बड़ा नहीं हो जाता, उक्त भूमि पर कोई भी फसल की बिजाई नहीं की जा सकती। पिछले महीने उक्त भूमि में से 25 एकड़ भूमि 6 महीने के लिए ठेके पर दी गई है, जिसमें चकोरी की खेती की जाएगी।
चकोरी की खेती करने से लगाए गए पौधों पर कोई नुकसान नहीं होता। इसके अलावा शेष बची 10 एकड़ भूमि पर गांव के ही कुछ लोगों ने वन विभाग अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके गेहूं की फसल बीज दी। वन विभाग अधिकारियों ने गांव के एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए बाग में गेहूं की फसल बीजने की अनुमति दी है। पूर्व सरपंच ने कहा है कि इसकी जांच होनी चाहिए और दोषी कर्मचारी व पट्टेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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इस संबंध में जिला वन अधिकारी सूरजभान का कहना है कि शहजाद वाला पंचायत से 35 एकड़ भूमि फलदार पौधे लगाने के लिए विभाग ने ली थी। बाग तैयार कर पंचायत को हैंड ओवर करना है। इस जमीन में से 25 एकड़ भूमि को चकोरी की खेती के लिए दी गई थी। इसके अलावा अगर किसी ने भी बाग की भूमि पर गेहूं बीजने का कार्य किया है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। छछरौली रेंज अधिकारी दिनेश कुमार पुनिया का कहना है कि शहजाद वाला में बाग के साथ लगती जमीन में फसल बोने का मामला सामने आया था। मामले की जांच की जा रही है।
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प्रतापनगर। शहजाद वाला के पूर्व सरपंच समय सिंह ने बाग लगाने के लिए दी गई पंचायती भूमि पर गेहूं की बिजाई करने का आरोप लगाया है। पूर्व सरपंच ने इसकी शिकायत सीएम विंडो पर दी है। सीएम विंडो पर शिकायत पहुंचने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीएम विंडो पर दी शिकायत में शहजादवाला निवासी समय सिंह ने बताया कि गांव की 35 एकड़ भूमि वन विभाग को फलदार पेड़ों का बाग लगाने के लिए दी गई थी। उस जमीन पर विभाग की ओर से बाग लगाया गया है। जब तक बाग बड़ा नहीं हो जाता, उक्त भूमि पर कोई भी फसल की बिजाई नहीं की जा सकती। पिछले महीने उक्त भूमि में से 25 एकड़ भूमि 6 महीने के लिए ठेके पर दी गई है, जिसमें चकोरी की खेती की जाएगी।
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चकोरी की खेती करने से लगाए गए पौधों पर कोई नुकसान नहीं होता। इसके अलावा शेष बची 10 एकड़ भूमि पर गांव के ही कुछ लोगों ने वन विभाग अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके गेहूं की फसल बीज दी। वन विभाग अधिकारियों ने गांव के एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए बाग में गेहूं की फसल बीजने की अनुमति दी है। पूर्व सरपंच ने कहा है कि इसकी जांच होनी चाहिए और दोषी कर्मचारी व पट्टेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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इस संबंध में जिला वन अधिकारी सूरजभान का कहना है कि शहजाद वाला पंचायत से 35 एकड़ भूमि फलदार पौधे लगाने के लिए विभाग ने ली थी। बाग तैयार कर पंचायत को हैंड ओवर करना है। इस जमीन में से 25 एकड़ भूमि को चकोरी की खेती के लिए दी गई थी। इसके अलावा अगर किसी ने भी बाग की भूमि पर गेहूं बीजने का कार्य किया है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। छछरौली रेंज अधिकारी दिनेश कुमार पुनिया का कहना है कि शहजाद वाला में बाग के साथ लगती जमीन में फसल बोने का मामला सामने आया था। मामले की जांच की जा रही है।