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बहुचर्चित योगेश हत्याकांड में 16 दोषी करार, आज सुनाई जाएगी सजा
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Fri, 07 Oct 2016 12:19 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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मई 2013 में बहुचर्चित रहे बीए तृतीय वर्ष के छात्र योगेश हत्याकांड मामले में अदालत ने गुरुवार को 16 लोगों को दोषी करार कर दिया। जबकि एक आरोपी गौरव को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोषियों को सजा शुक्रवार को सुनाई जाएगी। दोषियों को उम्रकैद होगी या कितने वर्ष की सजा सुनाई जाएगी इसका फैसला भी शुक्रवार को ही कोर्ट द्वारा सुनाया जाएगा। मृतक के परिजनों ने अदालत के न्याय का सम्मान किया है। बता दे कि योगेश हत्याकांड में पिछले कई दिन से कोर्ट में लगातार कार्रवाई की जा रही थी।
कोर्ट ने इन्हें दिया दोषी करार
मामले की सुनवाई करीब सवा तीन वर्ष तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चली। गुरुवार को मामले की सुनवाई पूरी होने पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके बिश्नोई ने मुख्य आरोपी दौलतपुर निवासी रणधीर सिंह उर्फ धीरा, गुरदीप सिंह, दलबीर उर्फ दल्ला, संदीप उर्फ सन्नी व गौरव पुत्र रामकुमार, खुर्दबन निवासी सतबीर उर्फ सत्तू, पताशगढ़ निवासी नरेश उर्फ गोली, पाबनी निवासी कर्मबीर, गांव बन निवासी राजकुमार उर्फ चिडिय़ा, रत्तूवाला निवासी रविंद्र व अनिल, विकास उर्फ खासा व जितेंद्र उर्फ दात्ता, सैदपुर निवासी देवेंद्र उर्फ बेबी व नरेंद्र, वार्ड नंबर सात साढ़ौरा निवासी विशाल पुत्र राजा को दोषी करार घोषित कर दिया।
परीक्षा केंद्र से उठाकर दागी थी गोलियां :
एक मई 2013 को नाचरौन निवासी योगेश कुमार सुबह के वक्त रादौर स्थित मुकंदलाल नेशनल कालेज में बीए तृतीय वर्ष की राजनैतिक शास्त्र की परीक्षा दे रहा था। इस बीच दौलतपुर निवासी रणधीर सिंह अपने डेढ़ दर्जन से अधिक अन्य साथियों के साथ दो गाड़ियों में सवार होकर कालेज में आया और कॉलेज के अंदर बने परीक्षा केंद्र में घुस गया। इस दौरान आरोपियों ने परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहे छात्र योगेश को उठाया और पीटते हुए कमरे के बाहर बरामदे में ले आए। दोषियों ने उसेचबूरी तरह पीटकर अधमरा कर दिया और उसकी एक टांग भी तोड़ दी। इतने से भी जब आरोपियों का मन नहीं भरा तो आरोपियों ने बेहोश हुए योगेश पर गोलियां चला दी। गोलियां लगने से योगेश गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आरोपी उसे मृत समझकर मौके से भाग गए। आरोपियों के चले जाने के बाद कॉलेज स्टाफ ने पुलिस व परिजनों को सूचना दी और गंभीर हालत में छात्र योगेश को ट्रॉमा सेंटर लाया गया। ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों ने छात्र योगेश को मृत घोषित कर दिया। उस समय पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी रणधीर सिंह समेत करीब 18 लोगों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपी उसी समय से जेल में न्यायिक हिरासत में चल रहे थे।
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गिरफ्तारी के लिए 22 घंटे तक स्टेट हाईवे किया था जाम :
योगेश राणा की हत्या के बाद भड़के परिजनों ने कॉलेज के बाहर सहारनपुर कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर जाम लगाया था। परिजनों ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि जब तक हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगे। पुलिस विभाग की ओर से उस समय के करनाल रेंज के आईजी बलबीर सिंह व एसपी मितेश जैन सहित आलाधिकारी मौके पर पहुंचे थे। करीब 22 घंटें बाद कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर परिजनों ने जाम खोला था।
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कोर्ट ने इन्हें दिया दोषी करार
मामले की सुनवाई करीब सवा तीन वर्ष तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चली। गुरुवार को मामले की सुनवाई पूरी होने पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके बिश्नोई ने मुख्य आरोपी दौलतपुर निवासी रणधीर सिंह उर्फ धीरा, गुरदीप सिंह, दलबीर उर्फ दल्ला, संदीप उर्फ सन्नी व गौरव पुत्र रामकुमार, खुर्दबन निवासी सतबीर उर्फ सत्तू, पताशगढ़ निवासी नरेश उर्फ गोली, पाबनी निवासी कर्मबीर, गांव बन निवासी राजकुमार उर्फ चिडिय़ा, रत्तूवाला निवासी रविंद्र व अनिल, विकास उर्फ खासा व जितेंद्र उर्फ दात्ता, सैदपुर निवासी देवेंद्र उर्फ बेबी व नरेंद्र, वार्ड नंबर सात साढ़ौरा निवासी विशाल पुत्र राजा को दोषी करार घोषित कर दिया।
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परीक्षा केंद्र से उठाकर दागी थी गोलियां :
एक मई 2013 को नाचरौन निवासी योगेश कुमार सुबह के वक्त रादौर स्थित मुकंदलाल नेशनल कालेज में बीए तृतीय वर्ष की राजनैतिक शास्त्र की परीक्षा दे रहा था। इस बीच दौलतपुर निवासी रणधीर सिंह अपने डेढ़ दर्जन से अधिक अन्य साथियों के साथ दो गाड़ियों में सवार होकर कालेज में आया और कॉलेज के अंदर बने परीक्षा केंद्र में घुस गया। इस दौरान आरोपियों ने परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहे छात्र योगेश को उठाया और पीटते हुए कमरे के बाहर बरामदे में ले आए। दोषियों ने उसेचबूरी तरह पीटकर अधमरा कर दिया और उसकी एक टांग भी तोड़ दी। इतने से भी जब आरोपियों का मन नहीं भरा तो आरोपियों ने बेहोश हुए योगेश पर गोलियां चला दी। गोलियां लगने से योगेश गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आरोपी उसे मृत समझकर मौके से भाग गए। आरोपियों के चले जाने के बाद कॉलेज स्टाफ ने पुलिस व परिजनों को सूचना दी और गंभीर हालत में छात्र योगेश को ट्रॉमा सेंटर लाया गया। ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों ने छात्र योगेश को मृत घोषित कर दिया। उस समय पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी रणधीर सिंह समेत करीब 18 लोगों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपी उसी समय से जेल में न्यायिक हिरासत में चल रहे थे।
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गिरफ्तारी के लिए 22 घंटे तक स्टेट हाईवे किया था जाम :
योगेश राणा की हत्या के बाद भड़के परिजनों ने कॉलेज के बाहर सहारनपुर कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर जाम लगाया था। परिजनों ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि जब तक हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगे। पुलिस विभाग की ओर से उस समय के करनाल रेंज के आईजी बलबीर सिंह व एसपी मितेश जैन सहित आलाधिकारी मौके पर पहुंचे थे। करीब 22 घंटें बाद कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर परिजनों ने जाम खोला था।