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महिला की मौत पर अस्पताल में तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Wed, 26 Aug 2015 12:18 AM IST
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शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार को महिला की मौत होने पर परिवार वालों ने अस्पताल प्रशासन पर महिला की कोख किराए पर दिलाने का आरोप लगाकर खूब बवाल किया।
गुस्साए परिवारीजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की। उनका कहना था कि महिला की कोख को किराए पर देने के लिए उसे अस्पताल लाकर लापरवाही से ऑपरेशन किया गया, जिससे उसकी मौत हुई। दूसरी तरफ डॉक्टर ने बताया कि महिला स्वेच्छा से एग डोनेट करने को राजी हुई थी। पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आजाद नगर गली नंबर एक में रहने वाले अशोक की पत्नी रजनी रानी (34) को रविवार को कपिल अस्पताल लाया गया था। रजनी के बेटे सोनू और परिवार के ही जसपाल ने बताया कि रजनी तेजली स्टेडियम के नजदीक एक फैक्ट्री में काम करती थी। उसके साथ काम करने वाली दो महिलाएं रविवार को उसे अस्पताल ले गई। वहां उसे भर्ती कर ऑपरेशन किया गया।
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अगले दिन छुट्टी दे दी गई, लेकिन शाम को पेट में दर्द शुरू हुआ तो उसे फिर से अस्पताल ले आए। यहां डॉक्टर ने रजनी को इंजेक्शन लगाए, जिसके बाद उसे नींद आ गई। सुबह करीब साढे़ नौ बजे डॉक्टर ने बताया कि रजनी की मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि रजनी की मौत तड़के ही हो गई थी, लेकिन डॉक्टरों ने इस बात को छुपाए रखा।
मौत की सूचना पर भड़के परिजन
रजनी की मौत के बाद परिजन भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल में तोड़फोड़ की। लाइट, गमले, शीशे और बोर्ड तोड़ दिए। परिजनों ने जगाधरी रोड पर जाम लगाने का प्रयास भी किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें जाम नहीं लगाने दिया। इसके बाद परिजन अस्पताल के बाहर जुट गए और करीब डेढ़ घंटे हंगामा किया।
परिजन बोले, दलाल महिलाएं ले गईं थी डॉक्टर के पास
परिजनों का कहना है कि महिलाओं ने रजनी को किसी दूसरे के बच्चे को जन्म देने के लिए कोख किराए पर देने के लिए राजी किया था। जो महिलाएं रजनी को अस्पताल लेकर आई थीं, उन्होंने अस्पताल के डॉक्टर से 15 हजार रुपये लिए थे। परिजनों का आरोप है कि महिलाएं डॉक्टर की दलाल हैं।
दी गई थी सूचना
कपिल अस्पताल में इनफर्टीलिटी एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर भी चल रहा है। यदि कोई महिला सेंटर को अपना एग डोनेट करती है तो सेंटर की ओर से इसकी पूर्व सूचना स्वास्थ्य विभाग के पीएनडीटी सेल को देनी होती है। पीएनडीटी सेल के इंचार्ज डॉ. विजय दहिया ने बताया कि सेंटर की ओर से रजनी रानी नाम की महिला द्वारा एग डोनेट करने की सूचना दी गई थी।
रजनी की कोख किराए पर नहीं ली गई थी। उसने अपना एग डोनेट किया था। रजनी रानी पहले भी अस्पताल में अपना एग डोनेट कर चुकी है। रजनी की मौत की वजह का पता नहीं चल पाया है। संभवत: उसे हार्ट अटैक आया।
-डॉ. कपिल, संचालक, कपिल अस्पताल
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मृतका के परिजनों के बयान लिए गए हैं। अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया जा रहा है। -सुरेश पाल, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी
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अस्पताल में तोड़फोड़ करना गैर कानूनी है। डॉक्टर अंतिम क्षणों तक मरीज को बचाने की कोशिश करता है। इस मामले में पुलिस की जो जांच रिपोर्ट आएगी, उसे हम स्वीकार करेंगे।-डॉ. अनिल अग्रवाल, आईएमए प्रेसिडेंट।
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गुस्साए परिवारीजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की। उनका कहना था कि महिला की कोख को किराए पर देने के लिए उसे अस्पताल लाकर लापरवाही से ऑपरेशन किया गया, जिससे उसकी मौत हुई। दूसरी तरफ डॉक्टर ने बताया कि महिला स्वेच्छा से एग डोनेट करने को राजी हुई थी। पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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आजाद नगर गली नंबर एक में रहने वाले अशोक की पत्नी रजनी रानी (34) को रविवार को कपिल अस्पताल लाया गया था। रजनी के बेटे सोनू और परिवार के ही जसपाल ने बताया कि रजनी तेजली स्टेडियम के नजदीक एक फैक्ट्री में काम करती थी। उसके साथ काम करने वाली दो महिलाएं रविवार को उसे अस्पताल ले गई। वहां उसे भर्ती कर ऑपरेशन किया गया।
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अगले दिन छुट्टी दे दी गई, लेकिन शाम को पेट में दर्द शुरू हुआ तो उसे फिर से अस्पताल ले आए। यहां डॉक्टर ने रजनी को इंजेक्शन लगाए, जिसके बाद उसे नींद आ गई। सुबह करीब साढे़ नौ बजे डॉक्टर ने बताया कि रजनी की मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि रजनी की मौत तड़के ही हो गई थी, लेकिन डॉक्टरों ने इस बात को छुपाए रखा।
मौत की सूचना पर भड़के परिजन
रजनी की मौत के बाद परिजन भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल में तोड़फोड़ की। लाइट, गमले, शीशे और बोर्ड तोड़ दिए। परिजनों ने जगाधरी रोड पर जाम लगाने का प्रयास भी किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें जाम नहीं लगाने दिया। इसके बाद परिजन अस्पताल के बाहर जुट गए और करीब डेढ़ घंटे हंगामा किया।
परिजन बोले, दलाल महिलाएं ले गईं थी डॉक्टर के पास
परिजनों का कहना है कि महिलाओं ने रजनी को किसी दूसरे के बच्चे को जन्म देने के लिए कोख किराए पर देने के लिए राजी किया था। जो महिलाएं रजनी को अस्पताल लेकर आई थीं, उन्होंने अस्पताल के डॉक्टर से 15 हजार रुपये लिए थे। परिजनों का आरोप है कि महिलाएं डॉक्टर की दलाल हैं।
दी गई थी सूचना
कपिल अस्पताल में इनफर्टीलिटी एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर भी चल रहा है। यदि कोई महिला सेंटर को अपना एग डोनेट करती है तो सेंटर की ओर से इसकी पूर्व सूचना स्वास्थ्य विभाग के पीएनडीटी सेल को देनी होती है। पीएनडीटी सेल के इंचार्ज डॉ. विजय दहिया ने बताया कि सेंटर की ओर से रजनी रानी नाम की महिला द्वारा एग डोनेट करने की सूचना दी गई थी।
रजनी की कोख किराए पर नहीं ली गई थी। उसने अपना एग डोनेट किया था। रजनी रानी पहले भी अस्पताल में अपना एग डोनेट कर चुकी है। रजनी की मौत की वजह का पता नहीं चल पाया है। संभवत: उसे हार्ट अटैक आया।
-डॉ. कपिल, संचालक, कपिल अस्पताल
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मृतका के परिजनों के बयान लिए गए हैं। अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया जा रहा है। -सुरेश पाल, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी
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अस्पताल में तोड़फोड़ करना गैर कानूनी है। डॉक्टर अंतिम क्षणों तक मरीज को बचाने की कोशिश करता है। इस मामले में पुलिस की जो जांच रिपोर्ट आएगी, उसे हम स्वीकार करेंगे।-डॉ. अनिल अग्रवाल, आईएमए प्रेसिडेंट।