{"_id":"58b864e24f1c1b164f830792","slug":"yamunanagar-police-team-kabu","type":"story","status":"publish","title_hn":"फाइनेंस पर खरीदा आटो, किश्त न दे पाया तो तोड़ा तीन एटीएम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फाइनेंस पर खरीदा आटो, किश्त न दे पाया तो तोड़ा तीन एटीएम
yamuna nagar beauro
Updated Fri, 03 Mar 2017 12:01 AM IST
विज्ञापन
c
- फोटो : amar uajala, yamuna nagar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटीएम तोड़कर चोरी का प्रयास करने के आरोप में सीआईए पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी युवक ने शहर में हुई एटीएम तोड़कर चोरी करने के प्रयास की तीन वारदातें कबूली है। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह फाइनेंस पर लिए गए ऑटो रिक्शा की किस्त न देने पर उसने एटीएम तोड़कर मजबूरी में चोरी करने का प्रयास किया। लेकिन एक बार भी सफल नहीं हो पाया और पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
सीआईए इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि सिटी सेंटर के पास एक युवक सदिंग्ध हालत में घूम रहा है। उन्होंने टीम के साथ दबिश देकर आरोपी को शक के आधार पर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी की पहचान संत नगर निवासी विष्णु कुमार के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने वर्ष 2016, 16 व बीते माह हुई एटीएम तोड़कर चोरी करने के प्रयास की तीन वारदातें कबूली। पूछताछ में आरोपी ने बातया वह अकेला ही वारदात को अंजाम देता था। क्योंकि उसे ऑटो की किस्त देने के लिए पैसे की जरूरत थी। आरोपी ने बताया कि जब वह एटीएम तोड़ता था, तो वह एटीएम में आने वालों पर भी नजर रखता था। इस दौरान यदि कोई व्यक्ति पैसे निकलवाने के लिए आ जाता था, तो वह एटीएम मशीन के पीछे जाकर छुप जाता था, ताकि किसी को पता नहीं चले। जब वह चला जाता था तो वह फिर से एटीएम को तोड़ने के प्रयास शुरू कर देता था।
ऑटो की किस्त व नशे ने बना दिया चोर :
सीआईए इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी ने ऑटो रिक्शा फाइनेंस पर खरीदा था। उसकी किस्तें वह समय पर नहीं दे पा रहा है। क्योंकि आरोपी नशे करता था। जो कमाता था, वह नशे में उड़ा देता था। इसलिए किस्त न देने ही वजह से फाइनेंसर उसे किस्त जमा करने के लिए दबाव बना रहे थे। ऑटो की किस्त व नशे की जरूरतें पूरी करने के लिए आरोपी ने एटीएम तोड़ चोरी करने की योजनाएं बनाई। लेकिन हर बार वह एटीएम से नकदी निकालने में सफल नहीं हो पाया।
विज्ञापन
बॉक्स
दो साल में तीन एटीएम को बनाया निशाना :
सीआईए इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी ने वर्ष 2015 में एमएलएन कालेज के पास स्थित ओरिएंटल बैंक के एटीएम को निशाना बनाया। किसी को पहचान न हो, इसलिए उसने मुंह पर कपड़ा बांध लिया। पहले कैमरे तोड़े, उसके बाद एटीएम को तोडने का प्रयास किया। बीते वर्ष 2016 में पत्थर वाला बाजार जगाधरी में यूनियन बैंक के एटीएम को भी आरोपी ने ही तोड़ना चाहा था। उसके गेट को खोल लिया, लेकिन एटीएम मशीन को नहीं खोल सका। इसके अलावा बीते माह रेलवे रोड स्थित विजय बैंक के एटीएम को भी तोडने का प्रयास किया। तीनों मामले संबंधित थानों में दर्ज है। तीनों वारदातों को आरोपी ने कबूल किया है।
गुप्त सूचना के आधार पर सिटी सेंटर के नजदीक से एक युवक को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी युवक ने एटीएम तोड़ चोरी करने के प्रयास की तीन वारदातों को कबूला है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत पर भेजा गया।
- इंस्पेक्टर संदीप कुमार, इंचार्ज, सीआईए यमुनानगर।
विज्ञापन
सीआईए इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि सिटी सेंटर के पास एक युवक सदिंग्ध हालत में घूम रहा है। उन्होंने टीम के साथ दबिश देकर आरोपी को शक के आधार पर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी की पहचान संत नगर निवासी विष्णु कुमार के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने वर्ष 2016, 16 व बीते माह हुई एटीएम तोड़कर चोरी करने के प्रयास की तीन वारदातें कबूली। पूछताछ में आरोपी ने बातया वह अकेला ही वारदात को अंजाम देता था। क्योंकि उसे ऑटो की किस्त देने के लिए पैसे की जरूरत थी। आरोपी ने बताया कि जब वह एटीएम तोड़ता था, तो वह एटीएम में आने वालों पर भी नजर रखता था। इस दौरान यदि कोई व्यक्ति पैसे निकलवाने के लिए आ जाता था, तो वह एटीएम मशीन के पीछे जाकर छुप जाता था, ताकि किसी को पता नहीं चले। जब वह चला जाता था तो वह फिर से एटीएम को तोड़ने के प्रयास शुरू कर देता था।
विज्ञापन
ऑटो की किस्त व नशे ने बना दिया चोर :
सीआईए इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी ने ऑटो रिक्शा फाइनेंस पर खरीदा था। उसकी किस्तें वह समय पर नहीं दे पा रहा है। क्योंकि आरोपी नशे करता था। जो कमाता था, वह नशे में उड़ा देता था। इसलिए किस्त न देने ही वजह से फाइनेंसर उसे किस्त जमा करने के लिए दबाव बना रहे थे। ऑटो की किस्त व नशे की जरूरतें पूरी करने के लिए आरोपी ने एटीएम तोड़ चोरी करने की योजनाएं बनाई। लेकिन हर बार वह एटीएम से नकदी निकालने में सफल नहीं हो पाया।
विज्ञापन
बॉक्स
दो साल में तीन एटीएम को बनाया निशाना :
सीआईए इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी ने वर्ष 2015 में एमएलएन कालेज के पास स्थित ओरिएंटल बैंक के एटीएम को निशाना बनाया। किसी को पहचान न हो, इसलिए उसने मुंह पर कपड़ा बांध लिया। पहले कैमरे तोड़े, उसके बाद एटीएम को तोडने का प्रयास किया। बीते वर्ष 2016 में पत्थर वाला बाजार जगाधरी में यूनियन बैंक के एटीएम को भी आरोपी ने ही तोड़ना चाहा था। उसके गेट को खोल लिया, लेकिन एटीएम मशीन को नहीं खोल सका। इसके अलावा बीते माह रेलवे रोड स्थित विजय बैंक के एटीएम को भी तोडने का प्रयास किया। तीनों मामले संबंधित थानों में दर्ज है। तीनों वारदातों को आरोपी ने कबूल किया है।
गुप्त सूचना के आधार पर सिटी सेंटर के नजदीक से एक युवक को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी युवक ने एटीएम तोड़ चोरी करने के प्रयास की तीन वारदातों को कबूला है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत पर भेजा गया।
- इंस्पेक्टर संदीप कुमार, इंचार्ज, सीआईए यमुनानगर।