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मालगाड़ी से कटकर बाप-बेटे की मौत, मां-बेटे ने भागकर बचाई जान
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Thu, 03 Nov 2016 12:20 AM IST
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केनाल रेस्ट हाउस मार्ग के समीप पश्चिमी यमुना नहर पर बने रेलवे पुल से शॉटर्कट के चक्कर में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। बुधवार सुबह नहर पार बसी गरीब बस्ती से रेलवे फाटक की ओर आते वक्त बाप-बेटे की सामने से तेज रफ्तार मालगाड़ी से कटकर मौत हो गई वहीं, मां-बेटे ने भागकर जान बचाई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
बिहार के पटना के गांव बखयारपुर निवासी 35 वर्षीय शंकर अपने परिवार के साथ रेलवे पुल के दूसरी ओर नहर किनारे बसी गरीब बस्ती में कई वर्षों से रह रहे थे। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे शंकर अपने अढ़ाई वर्षीय बेटे चांद और पत्नी लक्ष्मी व सबसे छोटे बेटे के साथ यमुना नहर पर बने रेलवे पुल से फाटक की ओर आ रहे थे। जैसे ही वह पुल के बीच पहुंचे तो यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन से रनथ्रू मालगाड़ी आ गई। ट्रेन को सामने से तेज रफ्तार आता देख पत्नी लक्ष्मी छोटे बेटे को गोद में लेकर तेजी से भागकर पुल को पार कर गई। जबकि शंकर व उनका ढाई वर्षीय बेटा चांद पुल पार नहीं कर पाए और पुल पर ही ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन से टकराने के बाद दोनों पश्चिमी यमुना नहर में जा गिरे और पानी में बह गए। हादसे में बाल-बाले बची लक्ष्मी के चीखने-चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने गोताखोरों को बुलवाया और इसे बारे में पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने नहर से दोनों बाप-बेटे शंकर व चांद को निकाल लिया और लोगों की मदद से उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषत कर दिया। सूचना पाकर पहुंची रेलवे पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
करीब 12:30 बजे सुचना मिली कि हादसे में घायल लोगों को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। इस पर वह ब्यान लेने गए तो चिकित्सकों द्वारा दोनों बाप-बेटे शंकर व चांद को मृत घोषित कर दिया गया था। दोनों शवों को 174 की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
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कुलदीप, जांच अधिकारी, जीआरपी, यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन।
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बिहार के पटना के गांव बखयारपुर निवासी 35 वर्षीय शंकर अपने परिवार के साथ रेलवे पुल के दूसरी ओर नहर किनारे बसी गरीब बस्ती में कई वर्षों से रह रहे थे। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे शंकर अपने अढ़ाई वर्षीय बेटे चांद और पत्नी लक्ष्मी व सबसे छोटे बेटे के साथ यमुना नहर पर बने रेलवे पुल से फाटक की ओर आ रहे थे। जैसे ही वह पुल के बीच पहुंचे तो यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन से रनथ्रू मालगाड़ी आ गई। ट्रेन को सामने से तेज रफ्तार आता देख पत्नी लक्ष्मी छोटे बेटे को गोद में लेकर तेजी से भागकर पुल को पार कर गई। जबकि शंकर व उनका ढाई वर्षीय बेटा चांद पुल पार नहीं कर पाए और पुल पर ही ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन से टकराने के बाद दोनों पश्चिमी यमुना नहर में जा गिरे और पानी में बह गए। हादसे में बाल-बाले बची लक्ष्मी के चीखने-चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने गोताखोरों को बुलवाया और इसे बारे में पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने नहर से दोनों बाप-बेटे शंकर व चांद को निकाल लिया और लोगों की मदद से उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषत कर दिया। सूचना पाकर पहुंची रेलवे पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
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करीब 12:30 बजे सुचना मिली कि हादसे में घायल लोगों को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। इस पर वह ब्यान लेने गए तो चिकित्सकों द्वारा दोनों बाप-बेटे शंकर व चांद को मृत घोषित कर दिया गया था। दोनों शवों को 174 की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
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कुलदीप, जांच अधिकारी, जीआरपी, यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन।