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यमुनानगर: हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की मरम्मत को मिले एक करोड़ से चमकाया सिविल सर्जन कार्यालय, ऐसे हुआ खुलासा
Sat, 02 Jul 2022 08:46 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 02 Jul 2022 08:46 PM IST
सार
ओरोप है कि तत्कालीन सिविल सर्जन ने रुपये खर्चने से पहले अनुमति नहीं ली। करीब एक करोड़ रुपये कार्यालय के फर्नीचर, एलईडी, एसी व अन्य तमाम सुविधाओं का आनंद लेने के लिए खर्च किए।
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सिविल अस्पताल यमुनानगर के इसी निर्माणाधीन भवन में है सिविल सर्जन कार्यालय।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
केंद्र सरकार से मिला करोड़ों रुपये का बजट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की रिपेयर कराने के बजाय सिविल सर्जन कार्यालय को चमकाने में पानी की तरह बहा दिया। करीब एक करोड़ रुपये कार्यालय के फर्नीचर, एलईडी, एसी व अन्य तमाम सुविधाओं का आनंद लेने के लिए खर्च किए। इस राशि को गलत तरीके से खर्च करने का आरोप जिले के तत्कालीन सिविल सर्जन पर लगा है।
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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की मरम्मत कर रहे ठेकेदार ने जब बकाया एक करोड़ रुपये मांगे तो इसका खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि मरम्मत के लिए मिले बजट को सिविल सर्जन कार्यालय में खर्च करने के लिए विभाग से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई। मौजूदा सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी है।
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स्वास्थ्य विभाग के जो सामुदायिक व प्राथमिक सेंटर हैं उनके अलावा सब हेल्थ सेंटर भी हैं। इनमें लोगों का उपचार स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किया जाता है। केंद्र सरकार से इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की मरम्मत व अन्य कार्यों के लिए करीब चार करोड़ रुपये का बजट मिला था। स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर लगाकर वर्क ऑर्डर कर दिए।
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बजट होने पर ठेकेदार ने भी अपना काम शुरू कर दिया। परंतु ठेकेदार को काम पूरा करने पर करीब तीन करोड़ रुपये ही मिले, जबकि वह पूरे चार करोड़ रुपये का काम कर चुका था। ठेकेदार इस राशि के लिए कई दिनों से सिविल सर्जन कार्यालय में चक्कर काट रहा था।
उधर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसलिए परेशान थे कि जब खाते में राशि ही नहीं है तो वह ठेकेदार को पेमेंट कहां से करें। इसकी जांच की गई तो पता चला कि करीब एक करोड़ रुपये अस्पताल की निर्माणाधीन बिल्डिंग में बने सिविल सर्जन कार्यालय में गलत तरीके से खर्च किया गया।
दूसरी जगह खर्च करने की अनुमति नहीं ली : डॉ. मनजीत सिंह
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की मरम्मत के लिए करीब चार करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मिला था। इसमें से एक करोड़ रुपये तत्कालीन सिविल सर्जन ने गलत तरीके से अपने कार्यालय में खर्च कर दिए। जबकि नियमानुसार किसी भी बजट को दूसरे काम में प्रयोग करने के लिए अनुमति लेनी होती है। यहां ऐसा नहीं किया गया। इसकी रिपोर्ट बनाकर उन्होंने मुख्यालय भेज दी है।
निर्माणाधीन है अस्पताल का नया भवन
सिविल अस्पताल यमुनानगर के पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाया जा रहा है। इस पर करीब 125 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। जो तीन नए ब्लॉक बनाए गए हैं उनमें फिनिशिंग का काम बाकी है। एक ब्लॉक में सिविल सर्जन का कार्यालय है। भवन निर्माण के लिए प्रदेश सरकार से पर्याप्त बजट मिला हुआ था। इसके बावजूद निर्माणाधीन भवन में कार्यालय को चमकाने में करोड़ों रुपये खर्च किए गए।