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रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 14 लाख की ठगी
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Sat, 09 Jan 2016 11:54 PM IST
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कस्बे के दो युवकों को रेलवे में टीटी की नौकरी दिलवाने के नाम पर यमुनानगर के दो लोगों ने धोखे से 14 लाख रुपये हड़प लिए हैं। नौकरी का भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने दोनों को फर्जी नियुक्त पत्र तक दे दी। मामले का खुलासा होने के बाद पीड़ित ने आरोपियों से राशि वापिस मांगी तो आरोपियों ने इंकार कर दिया। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा मामले में ढिलाई बरतने पर पीड़ितों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष प्रकट किया है।
रादौर निवासी सरदार आजाद सिंह ने बताया कि यमुनानगर निवासी ललित मोहन व सुनील कुमार उसके पास आए और उसके बेटे ओंकार सिंह व उसके साले गुरमुख सिंह निवासी रादौर के बेटे अमरदीप सिंह को रेलवे में टीटी लगवाने का दावा किया।
साथ ही बताया कि दोनों को रेलवे में टीटी लगवाने में 14 लाख रुपये खर्च होंगे। जिसके बाद दोनों युवकों को फरवरी 2015 में आरोपियों ने टीटी लगवाने के लिए कोलकाता के चितपुर रेलवे स्टेशन पर भेज दिया। दोनों युवकों को रेलवे कालोनी के एक क्वार्टर में चार महीने रखा गया। इस दौरान दोनों युवकों को कोई शिक्षक सप्ताह में चार दिन टीटी पद के बारे में जानकारी देने आता था।
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इसी दौरान उनका कोलकाता में मेडिकल करवाया गया और कोलकाता में ही पुलिस वेरिफिकेशन करवाई गई। आजाद सिंह ने बताया कि इस दौरान उसने ललित मोहन व सुनील कुमार को चार बार में 14 लाख रुपये की राशि टीटी लगवाने के नाम पर दी। चार महीने बाद दोनों युवक वापस रादौर आ गए। तभी ललित मोहन व सुनील कुमार ने उन्हें दोनों युवकों को रेलवे में टीटी भर्ती करवाए जाने का नियुक्ति पत्र दिया। कई महीने बीतने पर भी उपरोक्त दोनों ने उनके बेटों को नौकरी पर नहीं भिजवाया।
जिसके बाद उन्हें पता चला कि ललित मोहन व सुनील कुमार ने उनके साथ धोखाधड़ी की है। उन्होंने ललित व सुनील से अपनी लाखों रुपये की राशि वापिस किये जाने की मांग की। लेकिन उन्होंने उनकी राशि उन्हें वापिस नहीं की। जिसके बाद मामले की शिकायत रादौर पुलिस को दी गई। इस बारे में थाना रादौर प्रभारी विरेंद्र राणा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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रादौर निवासी सरदार आजाद सिंह ने बताया कि यमुनानगर निवासी ललित मोहन व सुनील कुमार उसके पास आए और उसके बेटे ओंकार सिंह व उसके साले गुरमुख सिंह निवासी रादौर के बेटे अमरदीप सिंह को रेलवे में टीटी लगवाने का दावा किया।
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साथ ही बताया कि दोनों को रेलवे में टीटी लगवाने में 14 लाख रुपये खर्च होंगे। जिसके बाद दोनों युवकों को फरवरी 2015 में आरोपियों ने टीटी लगवाने के लिए कोलकाता के चितपुर रेलवे स्टेशन पर भेज दिया। दोनों युवकों को रेलवे कालोनी के एक क्वार्टर में चार महीने रखा गया। इस दौरान दोनों युवकों को कोई शिक्षक सप्ताह में चार दिन टीटी पद के बारे में जानकारी देने आता था।
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इसी दौरान उनका कोलकाता में मेडिकल करवाया गया और कोलकाता में ही पुलिस वेरिफिकेशन करवाई गई। आजाद सिंह ने बताया कि इस दौरान उसने ललित मोहन व सुनील कुमार को चार बार में 14 लाख रुपये की राशि टीटी लगवाने के नाम पर दी। चार महीने बाद दोनों युवक वापस रादौर आ गए। तभी ललित मोहन व सुनील कुमार ने उन्हें दोनों युवकों को रेलवे में टीटी भर्ती करवाए जाने का नियुक्ति पत्र दिया। कई महीने बीतने पर भी उपरोक्त दोनों ने उनके बेटों को नौकरी पर नहीं भिजवाया।
जिसके बाद उन्हें पता चला कि ललित मोहन व सुनील कुमार ने उनके साथ धोखाधड़ी की है। उन्होंने ललित व सुनील से अपनी लाखों रुपये की राशि वापिस किये जाने की मांग की। लेकिन उन्होंने उनकी राशि उन्हें वापिस नहीं की। जिसके बाद मामले की शिकायत रादौर पुलिस को दी गई। इस बारे में थाना रादौर प्रभारी विरेंद्र राणा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।