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चेताने के बावजूद नहीं उठाए कदम, फिर डूबे तीन छात्र, एक ने तोड़ा दम

Mon, 15 May 2017 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर। Updated Mon, 15 May 2017 12:37 AM IST
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यमुनानगर - फोटो : यमुनानगर
यमुनानगर। पश्चिमी यमुना में नहाने वालों पर अंकुश लगाने के लिए अमर उजाला ने आठ मई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर प्रशासन को चेताया था। वहीं नहर में नहाने वालों को जागरूक किया था। बावजूद इसके प्रशासन की तरफ से यमुना नहर में नहाने वालों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया। ना ही पुलिस के द्वारा गश्त बढ़ाई गई।
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बता दें कि शहर के तट के साथ पश्चिमी यमुना नहर गुजरती है, जिसके चिट्टा मंदिर, दड़वा, तीर्थ नगर, हमीदा हेड और यमुना घाट सहित कई घाट हैं। हर साल गर्मी में अप्रैल से जून माह तक बड़ी संख्या में लोग यहां नहाने आते हैं। नहाते हुए हर साल दर्जनों लोगों की डूबने से मौत होती है। लेकिन बावजूद इसके नहर पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए जाते। बीती आठ मई को अमर उजाला ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए (पश्चिमी यमुना नहर के घाटों पर सुरक्षा के नहीं है कोई प्रबंध, जान पर आफत न बन जाए सुकून की डुबकी) शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए। हालांकि डीसी आरएस खरब ने मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर मामले को संज्ञान में लेने की बात कही थी। वहीं पुलिस पीआरओ प्रवीण कौशल ने संबंधित एसएचओ को निर्देश देकर गश्त बढ़ाने की बात भी कही थी। लेकिन फिर भी प्रशासन ने मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। यदि प्रशासन की ओर से सुरक्षा के प्रबंध किए जाते तो आज यमुना में डूबे छात्रों के परिजनों को ये हालात न देखने पड़ते।
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पेड़ में फंसा मिला अभिषेक का शव  
शनिवार रात को गोताखोरों ने अंधेरा होने के कारण पश्चिमी यमुना नहर में छात्रों की तलाश करने से मना कर दिया था। रविवार सुबह नगर निगम के गोताखोर अमर सिंह, रामकेश और सुरेंद्र ने पश्चिमी यमुना नहर में पहुंचे। उन्होंने पानी के अंदर जाकर तीनों छात्रों की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। फिर गोताखोरों ने कश्ती की मदद से पानी में तलाश की। पानी हिलने से पेड़ में फंसे एक युवक का शव ऊपर आ गया। गोताखोरों ने उसे बाहर निकाला तो उसकी पहचान अभिषेक के तौर पर हुई। मृतक अभिषेक दो बहनों का सबसे छोटा भाई और इकलौता भाई था।
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घर के दोनों चिरागों का नहीं लगा सुराग
नहर में डूबे सुमित और गोलू का रविवार देर शाम तक कुछ पता नहीं चल पाया है। आजाद नगर निवासी राजेश और उसकी पत्नी अनीता ने बताया कि उनके पास दो ही बेटे थे, दोनों ही नहर में डूब गए। उनके डूबने से घर के चिराग बुझ गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटे 16 वर्षीय सुमित नौवीं और 14 वर्षीय गोलू आठवीं कक्षा का छात्र था। सुमित की मां अनीता और पिता राजेश ने जब से बेटों के डूबने की खबर सुनी है तब वे बेसुध हो गए। डाक्टरों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है।

घाटों और किनारों की मरम्मत नहीं
नहर की पटरी पर चिट्टा मंदिर रोड पर दड़वा, श्रीशनि मंदिर, चिट्टा मंदिर और बाडीमाजरा पुल के समीप हनुमान मंदिर और जगाधरी रेलवे पुल के समीप जमना गली स्थित कई घाट हैं। इनके अलावा नहर से लगते अन्य घाटों और किनारों की दशकों से मरम्मत नहीं हुई। घाटों के चारों ओर न तो कोई सपोर्ट है, और न नहाते समय पकड़ने को जंजीरें हैं। कई जगह खतरे के साइन बोर्ड भी नहीं लगे हैं। ऐसे में नहर में पानी के तेज बहाव के कारण हर समय हादसे की आशंका रहती है। इन्हीं कमियों के बीच नहर में नहाते समय लोग डूब जाते हैं।
 

रोकने-टोकने वाला कोई नहीं
नहर पर कई जगहों पर नगर निगम व जिला पुलिस की ओर से बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर लिखा है कि यहां कपड़े धोना और नहाना सख्त मना है। जबकि इसकी पालना कराने के लिए मौके पर कोई तैनात नहीं है। इस कारण बोर्ड पर लिखे नियम को सिरे से नकारा जा रहा है। इसके विपरीत घाटों पर कम उम्र के बालक और किशोर भी नहाते दिखाई दे जाते हैं।
 

माहभर में हुई डूबने की घटनाएं
- आठ मई को हाइडल नहर में सेल्फी लेते हुए सहारनपुर की डिफेंस कॉलोनी निवासी मोहम्मद अली (17), खाताखेड़ी निवासी साजेब की डूबने से मौत हो गई थी। जबकि तोहिद बाल बाल बच गया था।
24 अप्रैल- चिट्टा मंदिर के समीप पश्चिमी यमुना नहर में साथियों के साथ नहाते वक्त डूबा आजाद नगर का 14 वर्षीय गोली, जिसका दो दिन बाद 26 अप्रैल को हमीदा हेड से मिला शव।
25 अप्रैल- गांव परवालों से 26 वर्षीय शेर सिंह के लापता होने के बाद बाड़ी माजरा पुल के समीप पश्चिमी यमुना नहर से 27 अप्रैल को मिला उसका शव।
27 अप्रैल- हमीदा हेड पर अवर्धन नहर में पिता की चिता की राख विसर्जित करते हुए पैर फिसलने पर डूबा पुराना हमीदा के 23 वर्षीय कमल कुमार, जिसका अगले दिन ठसका पुल के समीप से मिला शव।
15 अप्रैल- हमीदा हेड समीप पश्चिमी यमुना नहर में परिवार के अन्य बच्चों के साथ नहाते वक्त डूबी पुराना हमीदा में रहने वाली बिहार की 12 वर्षीय खुशबू, जिसका अगले दिन ठसका पुल के समीप से मिला शव।

2 अप्रैल- गांव पांजूपुर के समीप भाई द्वारा पूजा-पाठ के नाम पर अपनी बहन व भांजी को दिया अवार्धन नहर में धक्का, दोनों के शवों को नहीं लग पाया सुराग।



पश्चिमी यमुना नहर में डूबे तीन छात्रों में से एक छात्र का शव बरामद कर लिया गया है। छात्र का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। नहर में नहाने वालों को रोकने के लिए पुलिस समय समय पर गश्त करती है। फिर भी नहाने के लिए युवा नहर पर आ जाते है।
- नरेश कुमार, एसएचओ, थाना सदर यमुनानगर।
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