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कलेसर के जंगल में लगी भीषण आग में सैकड़ों जीव जंतु जिंदा जले
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खिजराबाद। गर्मी बढ़ने के साथ ही कलेसर के जंगल में आग लगने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। रविवार दोपहर को कांसली बीट में सरकारी स्कूल के पीछे जंगल में भीषण आग लग गई। आग से लगभग तीन एकड़ में जंगल जल गया। जिनमें से कांसली दो एकड़ और आमवाली के एक एकड़ जंगल में आग फैली है। एक सप्ताह के भीतर आग लगने की यह तीसरी घटना हुई है। आग में सैकड़ों की तादाद में मोर, तीतर, तोता, खरगोश, जंगली बकरे, मुर्गे, हिरण, सांभर समेत छोटे-छोटे अन्य जीव जंतु जिंदा जल गए हैं। साथ ही काफी संख्या में पेड़ पौधे भी पूरी तरह से जल गए हैं। वन विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे किसी बड़ी घटना के इंतजार में हैं। क्योंकि इस बार आग लगने से रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए हैं। जिससे पर्यावरण के साथ-साथ जीव जंतुओं का जीवन भी खतरे में है।
तीन जगह लग चुकी है आग
-पिछले सप्ताह खिलावाला के जंगल में आग लगी थी। जहां पर करीब 30 एकड़ जंगल जलकर स्वाहा हो गया था।
-दूसरा मामला कांसली के जंगल में हुआ और यहां 10 एकड़ से ज्यादा जंगल आग की चपेट में आया।
-आमवाली के जंगल में आग लगी हुई है। विभाग के कर्मचारी आग पर काबू पाने के लिए खानापूर्ति में जुटे हैं।
फोरेस्ट के पास संसाधन नहीं
यह फायर सीजन चल रहा है और वन विभाग के पास आग रोकने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। जिसके कारण जंगल की आग पर कई कई दिन तक काबू नहीं पाया जा रहा। जंगल की आग पर काबू पाने के लिए जंगल के बीचोें-बीच फायर लाइन ने बनाई हुई होती है। इस बार फायर लाइनों की सफाई नहीं हुई है।
अधिकारी लापरवाह
विभाग की तरफ से गर्मी के सीजन में कर्मचारियों को हर समय जंगल की ड्यूटी के लिए रहना होता है। बताया जा रहा है जब जंगल में आग लगी उस समय वहां पर कोई भी कर्मचारी व वन विभाग का कारिंदा मौजूद नहीं था। जिसके चलते गर्मी के सीजन में यह एक बड़ी लापरवाही उजागर होती है। सरकारी कर्मचारियों को भी चौबीस घंटे अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद रहने के आदेश होते हैं। कर्मचारी जंगल में आग का पहरा देने की बजाय अपनी अपनी चौकियों
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में दोपहर में आराम फरमाते नजर आते हैं। जबकि गर्मी के सीजन में जंगल को आग से बचाने के लिए बाकायदा कारिंदों की संख्या बढ़ाई जाती है। इसके लिए बाकायदा विभाग की तरफ से बजट भी आता है। ताकि मजदूरों को उनका मेहनताना दिया जा सके।
वॉच टावर के नीचे जला जंगल
-कासली गांव में जिस जगह पर जंगल में पहाड़ी पर आग लगी है वहां पर बाकायदा वॉच टावर लगा हुआ है, लेकिन वाच टावर पर अगर कोई कर्मचारी तैनात होता तो शायद आग ना लगती इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वॉच टावर तो लगा है, लेकिन वहां पर कोई ड्यूटी पर तैनात नहीं था इसलिए एक एकड़ के करीब जंगल लापरवाही की भेंट चढ़ गया।
-जिला वन अधिकारी सूरज भान का कहना है कि कांसली बीट में लगी आग के बारे में समय पर जानकारी मिल गई थी। मौके पर वन विभाग की टीम व कारिंदे भेज दिए गए हैं। एक एकड़ के करीब जंगल में आग फैली है। अब आग पर काबू पा लिया गया है। गर्मी के सीजन के चलते सभी कर्मचारियों व कारिंदों को अपने अपने क्षेत्र में ड्यूटी पर रहने के सख्त आदेश दे दिए गए हैं।
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तीन जगह लग चुकी है आग
-पिछले सप्ताह खिलावाला के जंगल में आग लगी थी। जहां पर करीब 30 एकड़ जंगल जलकर स्वाहा हो गया था।
-दूसरा मामला कांसली के जंगल में हुआ और यहां 10 एकड़ से ज्यादा जंगल आग की चपेट में आया।
-आमवाली के जंगल में आग लगी हुई है। विभाग के कर्मचारी आग पर काबू पाने के लिए खानापूर्ति में जुटे हैं।
फोरेस्ट के पास संसाधन नहीं
यह फायर सीजन चल रहा है और वन विभाग के पास आग रोकने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। जिसके कारण जंगल की आग पर कई कई दिन तक काबू नहीं पाया जा रहा। जंगल की आग पर काबू पाने के लिए जंगल के बीचोें-बीच फायर लाइन ने बनाई हुई होती है। इस बार फायर लाइनों की सफाई नहीं हुई है।
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अधिकारी लापरवाह
विभाग की तरफ से गर्मी के सीजन में कर्मचारियों को हर समय जंगल की ड्यूटी के लिए रहना होता है। बताया जा रहा है जब जंगल में आग लगी उस समय वहां पर कोई भी कर्मचारी व वन विभाग का कारिंदा मौजूद नहीं था। जिसके चलते गर्मी के सीजन में यह एक बड़ी लापरवाही उजागर होती है। सरकारी कर्मचारियों को भी चौबीस घंटे अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद रहने के आदेश होते हैं। कर्मचारी जंगल में आग का पहरा देने की बजाय अपनी अपनी चौकियों
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में दोपहर में आराम फरमाते नजर आते हैं। जबकि गर्मी के सीजन में जंगल को आग से बचाने के लिए बाकायदा कारिंदों की संख्या बढ़ाई जाती है। इसके लिए बाकायदा विभाग की तरफ से बजट भी आता है। ताकि मजदूरों को उनका मेहनताना दिया जा सके।
वॉच टावर के नीचे जला जंगल
-कासली गांव में जिस जगह पर जंगल में पहाड़ी पर आग लगी है वहां पर बाकायदा वॉच टावर लगा हुआ है, लेकिन वाच टावर पर अगर कोई कर्मचारी तैनात होता तो शायद आग ना लगती इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वॉच टावर तो लगा है, लेकिन वहां पर कोई ड्यूटी पर तैनात नहीं था इसलिए एक एकड़ के करीब जंगल लापरवाही की भेंट चढ़ गया।
-जिला वन अधिकारी सूरज भान का कहना है कि कांसली बीट में लगी आग के बारे में समय पर जानकारी मिल गई थी। मौके पर वन विभाग की टीम व कारिंदे भेज दिए गए हैं। एक एकड़ के करीब जंगल में आग फैली है। अब आग पर काबू पा लिया गया है। गर्मी के सीजन के चलते सभी कर्मचारियों व कारिंदों को अपने अपने क्षेत्र में ड्यूटी पर रहने के सख्त आदेश दे दिए गए हैं।