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-फेसबुक मैसेंजर पर दोस्ती कर चेरिटेबल स्कूल को तीस हजार पाउंड का डोनेशन देने का लालच देकर संचालिका से 17 लाख ठगे
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:30 AM IST
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फेसबुक मैसेंजर पर दोस्ती कर चैरिटेबल स्कूल की संचालिका से ठगे 17 लाख
बुड़िया के राजपरिवार का है स्कूल, डोनेशन देने का दिया था लालच, पार्सल छुड़वाने के नाम पर अकाउंट में डलवाई राशि
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। फेसबुक मैसेंजर पर लंदन में सिविल इंजीनियर कहकर एक व्यक्ति ने बुड़िया के एक चैरिटेबल स्कूल की संचालिका से दोस्ती कर ली। आरोपी ने चैरिटेबल संस्था को डोनेशन करने के लिए तीस हजार रुपये पाउंड भेजने का लालच दिया। इसके बाद स्कूल संचालिका उसके जाल में ऐसी फंसी की 17 लाख रुपये गंवाने के बाद धोखाधड़ी का अहसास हुआ। आईडी मांगने पर जब आरोपी ने नहीं दिखाई तो उसने शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में आरोपी व्यक्ति सहित दस लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व हेराफेरी करने के आरोप में केस दर्ज किया है। यह स्कूल बुड़िया के राजपरिवार का है और इसकी देखभाल व चलाने का जिम्मा गीता जोशी को दिया हुआ है।
बुड़िया निवासी गीता जोशी ने बताया कि वह रिटायर्ड टीचर है। रिटायरमेंट के बाद उसने बुड़िया में राजमाता साहिबा हाईस्कूल के नाम चैरिटेबल स्कूल बनाया हुआ है। उन्होंने बताया कि उसने फेसबुक पर गीता जोशी के नाम से अकाउंट बनाया हुआ है। इसमें फेसबुक मैसेंजर भी एक्टिव है। 15 मार्च को उसके पास मैसेंजर के माध्यम से हेनरी कार्टर के नाम से आई रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के बाद से वह मैसेंजर पर उक्त व्यक्ति से बातचीत करने लगी। इसी दौरान आरोपी ने अपने द्वारा किए जाने वाले कार्यों बारे पूछा तो उसने बताया कि वह एक चैरिटेबल स्कूल चलाती है। जिस पर उक्त हेनरी कार्टर ने कहा कि मैं भी एक कंस्ट्रक्शन कंपनी लंदन में सिविल इंजीनियर का काम करता हूं। आप द्वारा चलाने वाली चैरिटेबल सस्थाओं की एनजीओ के माध्यम से सहायता करता हूं। उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे को अपने व्हाट्सअप नंबर दिए और व्हाट्स-एप पर बातचीत होने लगी। आरोपी व्यक्ति ने उसे अपने विश्वास में ले लिया।
सहायता देने के लिए 30000 पाउंड को पार्सल भेजने की बात कहकर जाल में फंसाया
विश्वास में लेने के बाद आरोपी हेनरी ने कहा कि उसे दुबई में एक बहुत बड़ा कॉन्ट्रेक्ट बिल्डिंग बनाने का मिला है। इसके लिए कुछ एडवांस पैसा मिला है और वह उस पैसे में से कुछ राशि चैरिटेबल संस्था को सहायता देने के लिए आश्वासन दिया और कुछ उपहार भी भेजने के बारे में कहा कि वह एक पार्सल में 30000 पाउंड डालकर आपके पास भेज रहा है। 15 अप्रैल को उसके पास एक नंबर से नेहा नाम की महिला का फोन आया। उसने कहा कि वह कस्टम एजेंसी मुंबई से बोल रही है और लंदन से एक पार्सल आया हुआ है। उसे छुड़वाने के लिए 35000 हजार कस्टम ड्यूटी के अदा करने होंगे। हेनरी कार्टर से पार्सल भेजने संबंधित हुई बातचीत के कारण उसने नेहा की बात पर विश्वास कर लिया और महिला द्वारा बताए गए जेनथ लाल नामक व्यक्ति के अकाउंट में 35000 रुपये जमा करवा दिए।
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विदेशी करेंसी होने का भय दिखाया
17 अप्रैल को नेहा ने दोबारा फोन किया कि आपका जो पार्सल है, उसको स्कैन करने पर पता चला है कि उसमें फोरन करेंसी है। इसे प्राप्त करने के लिए कानूनी कागजात तैयार करने है और उसके लिए एक लाख तीस हजार रुपये जमा करवाने होंगे। ताकि हम आपके कानूनी कागजात तैयार करके आपको जल्दी पार्सल भिजवा सके। आरोपी नेहा ने उसे समीर लौहार व विगनेश आर के नाम के दो खाते दिए।
17 लाख जमा करवाने पर हुआ धोखाधड़ी का अहसास
करीब 17 लाख रुपये जमा करवाने पर भी उसके पास तीस हजार पाउंड का पार्सल नहीं आया। इसके बाद उसे इन लोगों की बातों पर शक होने लगा। उसने हेनरी कार्टर से बातचीत की और उससे उसकी आईडी मांगी। लेकिन वह टाल-मटोल करने लगा। उसकी इस बात पर उसे यकीन हो गया कि आरोपियों ने आपस में साजबाज होकर उसे अपने जाल में फंसाकर उसके साथ हेराफेरी व धोखाधड़ी की है और उससे 17 लाख रुपये हड़प लिए। खुद के साथ धोखा होने पर अब जब उसने आरोपियों के नंबरों फोन करती है तो उसे कोई जवाब नहीं दिया जाता।
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डोनेशन देने के नाम पर महिला से धोखाधड़ी हुई। शिकायत की जांच इनोमिक्स सेल में कराई गई। जांच के बाद बुड़िया थाना पुलिस ने गीता जोशी की शिकायत पर आरोपी हेनरी कार्टर, नेहा, समीर लोहार, विगनेश आरके, कचना ए, लाल दुजुला, मेनका, गुरंग मदर रेफ, मिस प्रीसीला व थमसीन पर हेराफेरी व धोखाधड़ी का मामला दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी।
- राकेश, एसएचओ, बुड़िया थाना
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बुड़िया के राजपरिवार का है स्कूल, डोनेशन देने का दिया था लालच, पार्सल छुड़वाने के नाम पर अकाउंट में डलवाई राशि
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। फेसबुक मैसेंजर पर लंदन में सिविल इंजीनियर कहकर एक व्यक्ति ने बुड़िया के एक चैरिटेबल स्कूल की संचालिका से दोस्ती कर ली। आरोपी ने चैरिटेबल संस्था को डोनेशन करने के लिए तीस हजार रुपये पाउंड भेजने का लालच दिया। इसके बाद स्कूल संचालिका उसके जाल में ऐसी फंसी की 17 लाख रुपये गंवाने के बाद धोखाधड़ी का अहसास हुआ। आईडी मांगने पर जब आरोपी ने नहीं दिखाई तो उसने शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में आरोपी व्यक्ति सहित दस लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व हेराफेरी करने के आरोप में केस दर्ज किया है। यह स्कूल बुड़िया के राजपरिवार का है और इसकी देखभाल व चलाने का जिम्मा गीता जोशी को दिया हुआ है।
बुड़िया निवासी गीता जोशी ने बताया कि वह रिटायर्ड टीचर है। रिटायरमेंट के बाद उसने बुड़िया में राजमाता साहिबा हाईस्कूल के नाम चैरिटेबल स्कूल बनाया हुआ है। उन्होंने बताया कि उसने फेसबुक पर गीता जोशी के नाम से अकाउंट बनाया हुआ है। इसमें फेसबुक मैसेंजर भी एक्टिव है। 15 मार्च को उसके पास मैसेंजर के माध्यम से हेनरी कार्टर के नाम से आई रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के बाद से वह मैसेंजर पर उक्त व्यक्ति से बातचीत करने लगी। इसी दौरान आरोपी ने अपने द्वारा किए जाने वाले कार्यों बारे पूछा तो उसने बताया कि वह एक चैरिटेबल स्कूल चलाती है। जिस पर उक्त हेनरी कार्टर ने कहा कि मैं भी एक कंस्ट्रक्शन कंपनी लंदन में सिविल इंजीनियर का काम करता हूं। आप द्वारा चलाने वाली चैरिटेबल सस्थाओं की एनजीओ के माध्यम से सहायता करता हूं। उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे को अपने व्हाट्सअप नंबर दिए और व्हाट्स-एप पर बातचीत होने लगी। आरोपी व्यक्ति ने उसे अपने विश्वास में ले लिया।
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सहायता देने के लिए 30000 पाउंड को पार्सल भेजने की बात कहकर जाल में फंसाया
विश्वास में लेने के बाद आरोपी हेनरी ने कहा कि उसे दुबई में एक बहुत बड़ा कॉन्ट्रेक्ट बिल्डिंग बनाने का मिला है। इसके लिए कुछ एडवांस पैसा मिला है और वह उस पैसे में से कुछ राशि चैरिटेबल संस्था को सहायता देने के लिए आश्वासन दिया और कुछ उपहार भी भेजने के बारे में कहा कि वह एक पार्सल में 30000 पाउंड डालकर आपके पास भेज रहा है। 15 अप्रैल को उसके पास एक नंबर से नेहा नाम की महिला का फोन आया। उसने कहा कि वह कस्टम एजेंसी मुंबई से बोल रही है और लंदन से एक पार्सल आया हुआ है। उसे छुड़वाने के लिए 35000 हजार कस्टम ड्यूटी के अदा करने होंगे। हेनरी कार्टर से पार्सल भेजने संबंधित हुई बातचीत के कारण उसने नेहा की बात पर विश्वास कर लिया और महिला द्वारा बताए गए जेनथ लाल नामक व्यक्ति के अकाउंट में 35000 रुपये जमा करवा दिए।
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विदेशी करेंसी होने का भय दिखाया
17 अप्रैल को नेहा ने दोबारा फोन किया कि आपका जो पार्सल है, उसको स्कैन करने पर पता चला है कि उसमें फोरन करेंसी है। इसे प्राप्त करने के लिए कानूनी कागजात तैयार करने है और उसके लिए एक लाख तीस हजार रुपये जमा करवाने होंगे। ताकि हम आपके कानूनी कागजात तैयार करके आपको जल्दी पार्सल भिजवा सके। आरोपी नेहा ने उसे समीर लौहार व विगनेश आर के नाम के दो खाते दिए।
17 लाख जमा करवाने पर हुआ धोखाधड़ी का अहसास
करीब 17 लाख रुपये जमा करवाने पर भी उसके पास तीस हजार पाउंड का पार्सल नहीं आया। इसके बाद उसे इन लोगों की बातों पर शक होने लगा। उसने हेनरी कार्टर से बातचीत की और उससे उसकी आईडी मांगी। लेकिन वह टाल-मटोल करने लगा। उसकी इस बात पर उसे यकीन हो गया कि आरोपियों ने आपस में साजबाज होकर उसे अपने जाल में फंसाकर उसके साथ हेराफेरी व धोखाधड़ी की है और उससे 17 लाख रुपये हड़प लिए। खुद के साथ धोखा होने पर अब जब उसने आरोपियों के नंबरों फोन करती है तो उसे कोई जवाब नहीं दिया जाता।
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डोनेशन देने के नाम पर महिला से धोखाधड़ी हुई। शिकायत की जांच इनोमिक्स सेल में कराई गई। जांच के बाद बुड़िया थाना पुलिस ने गीता जोशी की शिकायत पर आरोपी हेनरी कार्टर, नेहा, समीर लोहार, विगनेश आरके, कचना ए, लाल दुजुला, मेनका, गुरंग मदर रेफ, मिस प्रीसीला व थमसीन पर हेराफेरी व धोखाधड़ी का मामला दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी।
- राकेश, एसएचओ, बुड़िया थाना