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आरटीआई में मांगी गई जानकारी न देने पर रेलवे अधिकारियों को नोटिस व शो कॉज नोटिस
Updated Sat, 28 Apr 2018 01:16 AM IST
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आरटीआई में मांगी गई जानकारी न देने पर रेलवे अधिकारियों को नोटिस व शो कॉज नोटिस
-वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आरटीआई कमिश्नर ने कहा-
रेलवे कर्मचारियों के वेतन से रेलवे इंस्टिट्यूट के प्रतिमाह छह रुपये काटे जाने पर सीनियर टेक्नीशियन ने अप्रैल 2019 में लगाई थी आरटीआई
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
जगाधरी वर्कशॉप मेें कार्यरत रेलवे कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह छह रुपये रेलवे इंस्टिट्यूट के काटे जाने पर एक रेलवे कर्मचारी की ओर से दो साल पहले आरटीआई लगाई गई थी। इसका समय पर जवाब न देने पर आरटीआई कमिश्नर ने रेलवे जीएम व आरटीआई से संबंधित रेलवे अधिकारी को शो कॉज नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को लघु सचिवालय में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आरटीआई कमिश्नर ने शॉ कॉज नोटिस दिए जाने की बात कही।
रेलवे से सीनियर टेक्नीशियन के पद से रिटायर हुए नरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2016 में रेलवे से आरटीआई के माध्यम से जवाब मांगा था कि रेलवे कर्मचारियों के वेतन से रेलवे इंस्टिट्यूट के लिए प्रतिमाह छह रुपये किसकी परमिशन से काटे जा रहे हैं। रेलवे की ओर से इसका जवाब न दिए जाने पर नरेंद्र कुमार ने प्रथम अपील दायर की। रेलवे की ओर से इस पर भी उन्हें मांगी गई जानकारी नहीं दी तो नरेंद्र कुमार ने आरटीआई कमिश्नर को शिकायत की। आरटीआई कमिश्नर की ओर से इस मामले की सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की डेट निर्धारित की। लेकिन इससे पूर्व 20 अप्रैल को रेलवे की ओर से मांगी गई जानकारी का गोलमोल व अधूरा जवाब दिया गया कि रेलवे यूनियनों की सहमति से रेलवे इंस्टिट्यूट के लिए कर्मचारियों के वेतन से छह रुपये काटे जा रहे हैं। शुक्रवार को लघु सचिवालय में हुई वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग में रेलवे वर्कशॉप के असिस्टेंट प्रोविजनल ऑफिसर विनोद कुमार पेश हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आरटीआई कमिश्नर अमितवा भट्टाचार्य ने जानकारी समय पर न देने पर रेलवे के जीएम को नोटिस और रेलवे वर्कशॉप के आरटीआई सेल के अधिकारी को शोकॉज नोटिस देने की बात कही है।
रेलवे इंस्टिट्यूट के नाम पर 5,500 कर्मचारियों से इकट्ठे किए जा रहे 33,000
रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे वर्कशॉप में कर्मचारियों के लिए रेलवे इंस्टिट्यूट बना है, जिसमें लाइब्रेरी, जिम व ओपन बैडमिंटन कोर्ट है। नवंबर 2005 से पहले जो रेलवे कर्मचारी रेलवे इंस्टिट्यूट के सदस्य होते थे, उनके वेतन से प्रतिमाह तीन रुपये काटे जाते थे। लेकिन नवंबर 2015 के बाद रेलवे ने वर्कशॉप के सभी कर्मचारियों के वेतन से प्रति कर्मचारी छह रुपये काटने शुरू कर दिए। रेलवे वर्कशॉप में करीब 5500 कर्मचारी हैं। इस लिहाज से प्रतिमाह 33,000 रुपये रेलवे कर्मचारियों के वेतन से काटे जा रहे हैं।
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- यूआरकेयू की ओर से लेबर कमिश्नर कोर्ट में चल रहा केस
रेलवे कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह छह रुपये काटे जाने का पहले रेलवे की सभी यूनियनों ने विरोध किया था। लेकिन बाद में यूनियनों ने इसका विरोध करना बंद कर दिया। हालांकि यूआरकेयू की ओर से इसका विरोध किया गया। यूआरकेयू की ओर से करनाल के अस्टिेंट लेबर कमिश्नर की कोर्ट में केस भी चल रहा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में रेलवे वर्कशॉप की ओर से मैं पेश हुआ था। आरटीआई कमिश्नर ने आरटीआई देने में देरी होने पर शो कॉज नोटिस देने की बात कही है।
विनेाद कुमार, असिस्टेंट प्रोवीजनल ऑफिसर
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-वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आरटीआई कमिश्नर ने कहा-
रेलवे कर्मचारियों के वेतन से रेलवे इंस्टिट्यूट के प्रतिमाह छह रुपये काटे जाने पर सीनियर टेक्नीशियन ने अप्रैल 2019 में लगाई थी आरटीआई
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
जगाधरी वर्कशॉप मेें कार्यरत रेलवे कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह छह रुपये रेलवे इंस्टिट्यूट के काटे जाने पर एक रेलवे कर्मचारी की ओर से दो साल पहले आरटीआई लगाई गई थी। इसका समय पर जवाब न देने पर आरटीआई कमिश्नर ने रेलवे जीएम व आरटीआई से संबंधित रेलवे अधिकारी को शो कॉज नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को लघु सचिवालय में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आरटीआई कमिश्नर ने शॉ कॉज नोटिस दिए जाने की बात कही।
रेलवे से सीनियर टेक्नीशियन के पद से रिटायर हुए नरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2016 में रेलवे से आरटीआई के माध्यम से जवाब मांगा था कि रेलवे कर्मचारियों के वेतन से रेलवे इंस्टिट्यूट के लिए प्रतिमाह छह रुपये किसकी परमिशन से काटे जा रहे हैं। रेलवे की ओर से इसका जवाब न दिए जाने पर नरेंद्र कुमार ने प्रथम अपील दायर की। रेलवे की ओर से इस पर भी उन्हें मांगी गई जानकारी नहीं दी तो नरेंद्र कुमार ने आरटीआई कमिश्नर को शिकायत की। आरटीआई कमिश्नर की ओर से इस मामले की सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की डेट निर्धारित की। लेकिन इससे पूर्व 20 अप्रैल को रेलवे की ओर से मांगी गई जानकारी का गोलमोल व अधूरा जवाब दिया गया कि रेलवे यूनियनों की सहमति से रेलवे इंस्टिट्यूट के लिए कर्मचारियों के वेतन से छह रुपये काटे जा रहे हैं। शुक्रवार को लघु सचिवालय में हुई वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग में रेलवे वर्कशॉप के असिस्टेंट प्रोविजनल ऑफिसर विनोद कुमार पेश हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आरटीआई कमिश्नर अमितवा भट्टाचार्य ने जानकारी समय पर न देने पर रेलवे के जीएम को नोटिस और रेलवे वर्कशॉप के आरटीआई सेल के अधिकारी को शोकॉज नोटिस देने की बात कही है।
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रेलवे इंस्टिट्यूट के नाम पर 5,500 कर्मचारियों से इकट्ठे किए जा रहे 33,000
रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे वर्कशॉप में कर्मचारियों के लिए रेलवे इंस्टिट्यूट बना है, जिसमें लाइब्रेरी, जिम व ओपन बैडमिंटन कोर्ट है। नवंबर 2005 से पहले जो रेलवे कर्मचारी रेलवे इंस्टिट्यूट के सदस्य होते थे, उनके वेतन से प्रतिमाह तीन रुपये काटे जाते थे। लेकिन नवंबर 2015 के बाद रेलवे ने वर्कशॉप के सभी कर्मचारियों के वेतन से प्रति कर्मचारी छह रुपये काटने शुरू कर दिए। रेलवे वर्कशॉप में करीब 5500 कर्मचारी हैं। इस लिहाज से प्रतिमाह 33,000 रुपये रेलवे कर्मचारियों के वेतन से काटे जा रहे हैं।
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- यूआरकेयू की ओर से लेबर कमिश्नर कोर्ट में चल रहा केस
रेलवे कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह छह रुपये काटे जाने का पहले रेलवे की सभी यूनियनों ने विरोध किया था। लेकिन बाद में यूनियनों ने इसका विरोध करना बंद कर दिया। हालांकि यूआरकेयू की ओर से इसका विरोध किया गया। यूआरकेयू की ओर से करनाल के अस्टिेंट लेबर कमिश्नर की कोर्ट में केस भी चल रहा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में रेलवे वर्कशॉप की ओर से मैं पेश हुआ था। आरटीआई कमिश्नर ने आरटीआई देने में देरी होने पर शो कॉज नोटिस देने की बात कही है।
विनेाद कुमार, असिस्टेंट प्रोवीजनल ऑफिसर