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फैक्ट्री मजदूरों को करता था नशीली दवाईयां सप्लाई, 36 हजार कैप्सूल के साथ किया गिरफ्तार
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:31 AM IST
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जिले में जोर पकड़ रहा नशे का व्यापार, 36 हजार नशीले कैप्सूल के साथ एक गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। अरसे पहले पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर आई फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ ने खूब लोगों का ध्यान खींचा था, अब यह रोग पड़ोसी राज्य हरियाणा तक फैल गया है। यहां नशे के सौदागर लोगों को बेसुध करने की फिराक में है। इसलिए नशीली दवा के कैप्सूल के रूप में इसका व्यापार तेज हो गया है। इसका खुलासा सीआईए वन की ओर से 36 हजार कैप्सूल के साथ पकड़े गए एक आरोपी ने किया है। उसने पूछताछ में बताया कि, औद्योगिक क्षेत्र में उसका मेडिकल स्टोर है। यहां से वह फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को नशीली दवा बेचता है। औद्योगिक क्षेत्र के मोड़ पर मजदूरों को दवा बेचने की फिराक में घूमने के दौरान वह पुलिस के हत्थे चढ़ा। आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए-वन इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि यमुनानगर बस स्टैंड के पास औद्योगिक क्षेत्र के मोड़ पर एक व्यक्ति नशीली दवा बेचने की फिराक में घूम रहा है। सूचना पर सब इंस्पेक्टर नरेंद्र के नेतृत्व में एएसआई सुभाष, अमरजीत, मोहन की टीम का गठन किया गया। टीम ने मौके पर जाकर वहां घूम रहे उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया, टीम ने उसकी तलाशी ली गई तो नशीली दवा बरामद हुईं। आरोपी ने अपना नाम प्रेम नगर निवासी परमजीत बताया है। बाद में स्वास्थ्य विभाग से ड्रग कंट्रोलर रीतू मेहला को बुलाया गया। जिसने दवाओं की जांच की। जांच में आरोपी के पास से लोमोटिल, ग्लेप्रेक्स, प्रोक्सीवन आदि नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं बरामद की गईं। पुलिस ने ड्रग कंट्रोलर रीतू मेहला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को करता था सप्लाई
इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी परमजीत सिंह की औद्योगिक क्षेत्र में मेडिकल स्टोर (दुकान) है और वह पिछले छह माह से यह काम कर रहा था। आरोपी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को यह कैप्सूल सप्लाई करता था। आरोपी के पास से लोमोटिल, ग्लेप्रेक्स, प्रोक्सीवन आदि प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं।
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फोन पर दिया जाता था ऑर्डर, सुनसान में डिलीवरी
नरेंद्र ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह दूसरे राज्य से नशीले कैप्सूल मंगवाता था। नशीली दवाएं मंगवाने का फोन पर ऑर्डर दिया जाता था। आज तक वह उस व्यक्ति के पास नहीं गया, जो डिलीवरी देने आता है। डिलीवरी किसी सुनसान स्थान पर फोन करके दी जाती थी। अब पुलिस उस आरोपी की तलाश में जुटी है, जो इस तरह के अवैध काम करता था।
पूछताछ में होंगे अन्य खुलासे
आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आरोपी को रिमांड पर लिया गया है। रिमांड में आरोपी कहां से नशीली दवां मंगवाता था, इस बारे में पूछा जाएगा। दवा की डिलीवरी करने वाले आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। अरसे पहले पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर आई फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ ने खूब लोगों का ध्यान खींचा था, अब यह रोग पड़ोसी राज्य हरियाणा तक फैल गया है। यहां नशे के सौदागर लोगों को बेसुध करने की फिराक में है। इसलिए नशीली दवा के कैप्सूल के रूप में इसका व्यापार तेज हो गया है। इसका खुलासा सीआईए वन की ओर से 36 हजार कैप्सूल के साथ पकड़े गए एक आरोपी ने किया है। उसने पूछताछ में बताया कि, औद्योगिक क्षेत्र में उसका मेडिकल स्टोर है। यहां से वह फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को नशीली दवा बेचता है। औद्योगिक क्षेत्र के मोड़ पर मजदूरों को दवा बेचने की फिराक में घूमने के दौरान वह पुलिस के हत्थे चढ़ा। आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए-वन इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि यमुनानगर बस स्टैंड के पास औद्योगिक क्षेत्र के मोड़ पर एक व्यक्ति नशीली दवा बेचने की फिराक में घूम रहा है। सूचना पर सब इंस्पेक्टर नरेंद्र के नेतृत्व में एएसआई सुभाष, अमरजीत, मोहन की टीम का गठन किया गया। टीम ने मौके पर जाकर वहां घूम रहे उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया, टीम ने उसकी तलाशी ली गई तो नशीली दवा बरामद हुईं। आरोपी ने अपना नाम प्रेम नगर निवासी परमजीत बताया है। बाद में स्वास्थ्य विभाग से ड्रग कंट्रोलर रीतू मेहला को बुलाया गया। जिसने दवाओं की जांच की। जांच में आरोपी के पास से लोमोटिल, ग्लेप्रेक्स, प्रोक्सीवन आदि नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं बरामद की गईं। पुलिस ने ड्रग कंट्रोलर रीतू मेहला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को करता था सप्लाई
इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी परमजीत सिंह की औद्योगिक क्षेत्र में मेडिकल स्टोर (दुकान) है और वह पिछले छह माह से यह काम कर रहा था। आरोपी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को यह कैप्सूल सप्लाई करता था। आरोपी के पास से लोमोटिल, ग्लेप्रेक्स, प्रोक्सीवन आदि प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं।
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फोन पर दिया जाता था ऑर्डर, सुनसान में डिलीवरी
नरेंद्र ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह दूसरे राज्य से नशीले कैप्सूल मंगवाता था। नशीली दवाएं मंगवाने का फोन पर ऑर्डर दिया जाता था। आज तक वह उस व्यक्ति के पास नहीं गया, जो डिलीवरी देने आता है। डिलीवरी किसी सुनसान स्थान पर फोन करके दी जाती थी। अब पुलिस उस आरोपी की तलाश में जुटी है, जो इस तरह के अवैध काम करता था।
पूछताछ में होंगे अन्य खुलासे
आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आरोपी को रिमांड पर लिया गया है। रिमांड में आरोपी कहां से नशीली दवां मंगवाता था, इस बारे में पूछा जाएगा। दवा की डिलीवरी करने वाले आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।