{"_id":"aa989cdb6b3fb749458f9744dd4102c8","slug":"crime-yamunanagar-hindi-news-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग से शादी करने के दोषी को छह महीने की कैद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग से शादी करने के दोषी को छह महीने की कैद
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Tue, 21 Jul 2015 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाबालिग लड़की से शादी करने के दोषी को कोर्ट ने छह महीने कैद की सजा सुनाई है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब 10 महीने चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी गौरव को चाइल्ड मैरिज एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए छह महीने की सजा सुना दी जबकि इस मामले में लड़की की मां को रिहा कर दिया गया।
यह था मामला : गांव सांगीपुर निवासी जसवंत सिंह ने अगस्त, 2014 को रादौर पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी भाभी सुरेशो उसके भाई के कहने सुनने से बाहर है। उसने 14 अगस्त, 2014 को करीब एक बजे उसकी नाबालिग भतीजी को गांव दाऊमाजरा थाना शाहाबाद जिला कुरुक्षेत्र निवासी गौरव के साथ भेज दिया। तब से उसकी भाभी भी घर से गायब हो गई। उस समय पुलिस ने गौरव के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने 26 अगस्त, 2014 को वांछित नाबालिग लड़की को बस स्टैंड से बरामद किया। इसके बाद रजिस्ट्रार जन्म मृत्यु कार्यालय से लड़की के जन्म प्रमाणपत्र की तस्दीक की गई, जिसमें वह नाबालिग पाई गई। उसी दिन पुलिस ने आरोपी गौरव को काबू कर लिया। गौरव ने पुलिस को बयान दिया कि वह 4-5 साल से अपने बहनोई के पास सांगीपुर गांव मेें रहा था। दो साल से उसका उपरोक्त लड़की से संबंध चल रहे थे।
विज्ञापन
14 अगस्त, 2014 को उसने लड़की की मां को पैसों का लालच दिया, ताकि वह लड़की के साथ उसकी शादी करवा दे। 14 अगस्त को वह गांव से निकला और उसी दिन शनि मंदिर यमुनानगर मेें लड़की की मां की रजामंदी से लड़की से शादी कर ली। साथ ही पंडित को लड़की उम्र ज्यादा बताकर शादी का प्रमाण पत्र भी बनवा लिया।
विज्ञापन
यह था मामला : गांव सांगीपुर निवासी जसवंत सिंह ने अगस्त, 2014 को रादौर पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी भाभी सुरेशो उसके भाई के कहने सुनने से बाहर है। उसने 14 अगस्त, 2014 को करीब एक बजे उसकी नाबालिग भतीजी को गांव दाऊमाजरा थाना शाहाबाद जिला कुरुक्षेत्र निवासी गौरव के साथ भेज दिया। तब से उसकी भाभी भी घर से गायब हो गई। उस समय पुलिस ने गौरव के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन
पुलिस ने 26 अगस्त, 2014 को वांछित नाबालिग लड़की को बस स्टैंड से बरामद किया। इसके बाद रजिस्ट्रार जन्म मृत्यु कार्यालय से लड़की के जन्म प्रमाणपत्र की तस्दीक की गई, जिसमें वह नाबालिग पाई गई। उसी दिन पुलिस ने आरोपी गौरव को काबू कर लिया। गौरव ने पुलिस को बयान दिया कि वह 4-5 साल से अपने बहनोई के पास सांगीपुर गांव मेें रहा था। दो साल से उसका उपरोक्त लड़की से संबंध चल रहे थे।
विज्ञापन
14 अगस्त, 2014 को उसने लड़की की मां को पैसों का लालच दिया, ताकि वह लड़की के साथ उसकी शादी करवा दे। 14 अगस्त को वह गांव से निकला और उसी दिन शनि मंदिर यमुनानगर मेें लड़की की मां की रजामंदी से लड़की से शादी कर ली। साथ ही पंडित को लड़की उम्र ज्यादा बताकर शादी का प्रमाण पत्र भी बनवा लिया।