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पलक हत्याकांड से नहीं उठा पर्दा
ब्ूयरो/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Mon, 06 Jul 2015 12:19 AM IST
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महावीर कॉलोनी में अंजू बाला उर्फ पलक हत्याकांड के रहस्य से सातवें दिन भी पर्दा नहीं उठ पाया। मामले में नामजद आरोपी भी रविवार देर शाम तक पुलिस गिरफ्त से बाहर था। मृतका के परिजनों का पड़ोस में रह रहे सोनू उर्फ संजीव पर ही वारदात को अंजाम देने का आरोप है लेकिन हत्या कैसे व क्यों की गई, इस पर अभी तक प्रश्नचिह्न बना हुआ है।
गौरतलब है कि आजाद नगर के राजेश बजाज की बहन अंजू बाला उर्फ पलक (29) की शादी 2009 में महावीर कॉलोनी के विकास नागपाल के साथ हुई थी। 28 जून की शाम करीब चार बजे विकास अपनी मां मीना को लेने साहा (अंबाला) गया था। घर पर अंजू और उसका साढ़े तीन वर्षीय बेटा कुंज मौजूद थे।
विकास के घर से निकलने के घंटे भर बाद उसके पड़ोसी दोस्त संजीव उर्फ सोनू ने फोन कर उसे अंजू के पंखे से फंदे लगाकर लटके होने की बात कही। विकास मां को लिए बगैर रास्ते से ही घर लौट आया, तब उसे अंजू मृत अवस्था में बेड पर पड़ी मिली। परिजनों न शक जताया कि संजीव उर्फ सोनू ने ही अंजू की गला घोंटकर हत्या की है। परिजनों के मुताबिक विकास सहित पड़ोस के किसी अन्य व्यक्ति ने भी अंजू को पंखे से लटका नहीं देखा।
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इसके अलावा मृतका के गले व हाथों पर खरोचों के निशान और मौके से बालों के टूटे गुच्छे मिले। परिजनों द्वारा संजीव उर्फ सोनू से अकेले ही शव को पंखे से क्यों व कैसे उतारने बारे पूछा, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इन्हीं बातों से परिजनों में संजीव उर्फ सोनू पर ही अंजू की हत्या करने का शक पैदा हुआ। पुलिस ने मामले में आरोपी संजीव उर्फ संजू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया हुआ है।
लेकिन अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। जांच अधिकारी एएसआई पृथ्वी सिंह का कहना है कि हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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गौरतलब है कि आजाद नगर के राजेश बजाज की बहन अंजू बाला उर्फ पलक (29) की शादी 2009 में महावीर कॉलोनी के विकास नागपाल के साथ हुई थी। 28 जून की शाम करीब चार बजे विकास अपनी मां मीना को लेने साहा (अंबाला) गया था। घर पर अंजू और उसका साढ़े तीन वर्षीय बेटा कुंज मौजूद थे।
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विकास के घर से निकलने के घंटे भर बाद उसके पड़ोसी दोस्त संजीव उर्फ सोनू ने फोन कर उसे अंजू के पंखे से फंदे लगाकर लटके होने की बात कही। विकास मां को लिए बगैर रास्ते से ही घर लौट आया, तब उसे अंजू मृत अवस्था में बेड पर पड़ी मिली। परिजनों न शक जताया कि संजीव उर्फ सोनू ने ही अंजू की गला घोंटकर हत्या की है। परिजनों के मुताबिक विकास सहित पड़ोस के किसी अन्य व्यक्ति ने भी अंजू को पंखे से लटका नहीं देखा।
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इसके अलावा मृतका के गले व हाथों पर खरोचों के निशान और मौके से बालों के टूटे गुच्छे मिले। परिजनों द्वारा संजीव उर्फ सोनू से अकेले ही शव को पंखे से क्यों व कैसे उतारने बारे पूछा, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इन्हीं बातों से परिजनों में संजीव उर्फ सोनू पर ही अंजू की हत्या करने का शक पैदा हुआ। पुलिस ने मामले में आरोपी संजीव उर्फ संजू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया हुआ है।
लेकिन अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। जांच अधिकारी एएसआई पृथ्वी सिंह का कहना है कि हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।