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बैंक मित्र ने जहर खाकर दी जान, सुसाइड नोट छोड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Dec 2020 01:08 AM IST
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crime
यमुनानगर। कंपनी से कमीशन न मिलने पर कर्जदार होने से परेशान होकर बैंक मित्र महमदपुर निवासी सोहनलाल ने जहरीला पदार्थ निगल की जान दे दी। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने जिस कंपनी में वह बैंक मित्र लगा हुआ था, उस पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि कंपनी द्वारा कमीशन न देने से वह कर्जदार बन गया। इसी से आहत होकर उसने जहरीला पदार्थ निगला है। पुलिस ने मृतक के चाचा निर्मल सिंह की शिकायत पर इंटेगरा कंपनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
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गांव महमदपुर वासी निर्मल सिंह ने सढौरा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पानीपत की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। बीते रविवार को वह अपने गांव आया था। बुधवार सुबह करीब नौ बजे वह अपने घर की छत पर टहल रहा था। तभी उसके मकान के पीछे से उसके भतीजे सोहन लाल (28) ने उसे बुलाया। वह तुरंत सीढ़ियों से उतरकर उसके पास पहुंचा। उसके भतीजे सोहन ने उसे बताया कि वह बहुत परेशान है और उसने जहर खा लिया है। उसे बचा लो। वे तुरंत उसे उसके भाई मोहन लाल को लेकर कार में बिठाकर नारायणगढ़ निजी अस्पताल में ले गए। वहां पर डॉक्टरों से गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई रेफर कर दिया। वे नारायणगढ़ से निकले ही थे कि उसकी तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर वे उसे नारायणगढ़ सरकारी अस्पताल में ले गए। जहां पर सोहनलाल ने दम तोड़ दिया। निर्मल सिंह का आरोप है कि बैंक मित्र लगाने वाली कंपनी द्वारा लंबे समय से उसकी कमीशन की अदायगी नहीं की थी। इसके कारण उस पर काफी कर्ज हो गया था। कर्ज के बोझ में दबे होने से परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने की बात उसने एक पेज के सुसाइड नोट पर लिखी हुई है। इस सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने कंपनी के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
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सुसाइड नोट में लिखा
इंटेगरा कंपनी के कारण चढ़ा मेरे ऊपर कर्ज, अब मैं मरने जा रहा हूं:
अस्पताल में मृतक की मौत होने के बाद जब डॉक्टरों ने उसकी छाती को दबाया तो उसकी जेब से सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा हुआ था कि मैं सोहन अपने पूरे होश हवास में कहता हूं कि मैं इलाहाबाद बैंक में बीसी हूं। मैं अब मरने जा रहा हूं। क्योंकि मेरे ऊपर बहुत कर्जा चढ़ा हुआ है। उसपर यह कर्ज इंटेगरा कंपनी के कारण चढ़ा हुआ है। कंपनी ने जब हमें लगाया था, तब उन्हें कुछ भी नहीं बताया गया था। न तो टाइम पर कमीशन और न ही टाइम पर कुछ और। जीवन ज्योति बीमा के पैसे कुछ भी नहीं आए। टाइम टू टाइम मैं कर्ज में दबता रहा और मेरी शादी भी हो गई। तो अब मैं अपनी वाइफ से भी बहुत प्यार करता हूं और करता रहूंगा। अब मैं दुनिया छोड़ने जा रहा हूं। मेरे ऊपर जो कर्ज है, वह मेरी इंटेगरा कंपनी से वसूला जाए। मैं अपनी कंपनी के कारण मर रहा हूं। मैं अपनी फैमिली का भी दिल तोड़कर जा रहा हूं। उनके ऊपर कलंक लगाकर जा रहा हूं। हो सके तो मम्मी पापा मुझे माफ कर देना और भाई आप भी मुझे माफ कर दो। मैं बहुत कर्जदार हो गया हूं और सोनिया का भी बहुत बड़ा गुनाहगार हूं, हो सके तो माफ कर देना। आपके मम्मी पापा को बोलना चाहता हूं कि मैं आपका बहुत बुरा जंवाई हूं। चाचा और चाची आप लोगों के लिए भी मैं बहुत बुरा हूं। आपके नाम पर भी कलंक लगाकर जा रहा हूं। अगला जन्म मिला तो मैंने जो सब पाप कलंक लगाया है, नहीं लगने दूंगा। हो सके तो आप सभी मुझे माफ कर देना। आप सबका गुनाहगार सोहन लाल।
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अस्पताल से जहरखुरानी मामले में सोहन लाल की मौत होने का रुका मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच की। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर कंपनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्जकर लिया है। मामले की जांच कर रहे है।
- बलबीर सिंह, एसएचओ, थाना साढौरा।
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