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चरस तस्कर को एक साल कैद, पांच हजार जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Fri, 31 Jul 2015 12:11 AM IST
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चरस की तस्करी करने के दोषी बिलासपुर निवासी अनवर को कोर्ट ने एक साल कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब ढाई साल चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
यह था मामला : पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 13 दिसंबर, 2013 को पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति चरस लेकर चौराही मोड़ से गुजरने वाला है। पुलिस ने चौराही मोड़ पर नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस को जांच करता हुआ देखकर एक व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने दौड़कर उसे काबू कर लिया। जब उसकी तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 200 ग्राम चरस मिली। साथ ही इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी। पुलिस ने पकड़ी गई चरस में से सैंपल लेकर उसे जांच के लिए विभाग की लैब में भेज दिया तथा पुलिस ने उसे काबू कर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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कोर्ट में करीब ढाई साल चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग ने अनवर को दोषी करार देते हुए एक साल कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।
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यह था मामला : पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 13 दिसंबर, 2013 को पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति चरस लेकर चौराही मोड़ से गुजरने वाला है। पुलिस ने चौराही मोड़ पर नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस को जांच करता हुआ देखकर एक व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया।
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पुलिस ने दौड़कर उसे काबू कर लिया। जब उसकी तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 200 ग्राम चरस मिली। साथ ही इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी। पुलिस ने पकड़ी गई चरस में से सैंपल लेकर उसे जांच के लिए विभाग की लैब में भेज दिया तथा पुलिस ने उसे काबू कर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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कोर्ट में करीब ढाई साल चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग ने अनवर को दोषी करार देते हुए एक साल कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।