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Yamuna Nagar News: प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के नाम पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेता निगम कर्मी गिरफ्तार
Thu, 12 Sep 2024 04:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 12 Sep 2024 04:04 AM IST
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यमुनानगर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर से नगर निगम कर्मी आलोक गर्ग को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मी नगर निगम में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत इनक्रोचमेंट रिमूवर के पद पर कार्यरत है। आरोपी कर्मी चोपड़ा गार्डन निवासी राजेंद्र कुमार से प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के नाम पर रिश्वत ले रहा था। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
ब्यूरो प्रभारी निरीक्षक सतपाल ने बताया कि टैगोर गार्डन निवासी राजेंद्र कुमार ने शिकायत दी थी कि उसके दोस्त टैगोर गार्डन निवासी संजय की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। उसके बेटे पारस व विवेक है। उनकी बुआ संगीता के नाम टैगोर गार्डन में 70 गज का प्लाट है। जिसकी प्रॉपर्टी आईडी ओम प्रकाश तालूजा के नाम चढ़ी हुई है। इसे ठीक कराने के लिए वह काफी समय से नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात नगर निगम में तैनात इनक्रोचमेंट रिमूवर छछरौली निवासी आलोक गर्ग से हुई। जिसकी ड्यूटी निगम में कंप्यूटर ऑपरेटर पर प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने में लगी हुई है। उसने प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के नाम पर उनसे छह हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में उनकी पांच हजार रुपये में बात तय हुई लेकिन वह रुपये देना नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने इसकी शिकायत उनके कार्यालय में दी। इसके बाद ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई की।
निरीक्षक सतपाल ने बताया कि योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये केमिकल लगाकर दिए गए। राजेंद्र ने आरोपी कर्मी को फोन किया तो उसने रुपये लेकर एसडीएम कार्यालय आने की बात कही। जहां आरोपी कर्मी की ड्यूटी नॉमिनेशन फाइल करने के लिए लगी हुई थी। जब राजेंद्र एसडीएम कार्यालय पहुंचा तो आरोपी आलोक ने उसे जिला सचिवालय परिसर में एसडीएम कार्यालय के पास चाय की दुकान पर बुलाया। जब उसे पांच हजार रुपये की रिश्वत दी तो इशारा पाकर ब्यूरो की टीम ने उसे दबोच लिया। ब्यूरो प्रभारी निरीक्षक सतपाल ने बताया कि आरोपी आलोक को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। उस पर केस दर्ज कर लिया गया। उसे अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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ब्यूरो प्रभारी निरीक्षक सतपाल ने बताया कि टैगोर गार्डन निवासी राजेंद्र कुमार ने शिकायत दी थी कि उसके दोस्त टैगोर गार्डन निवासी संजय की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। उसके बेटे पारस व विवेक है। उनकी बुआ संगीता के नाम टैगोर गार्डन में 70 गज का प्लाट है। जिसकी प्रॉपर्टी आईडी ओम प्रकाश तालूजा के नाम चढ़ी हुई है। इसे ठीक कराने के लिए वह काफी समय से नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात नगर निगम में तैनात इनक्रोचमेंट रिमूवर छछरौली निवासी आलोक गर्ग से हुई। जिसकी ड्यूटी निगम में कंप्यूटर ऑपरेटर पर प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने में लगी हुई है। उसने प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के नाम पर उनसे छह हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में उनकी पांच हजार रुपये में बात तय हुई लेकिन वह रुपये देना नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने इसकी शिकायत उनके कार्यालय में दी। इसके बाद ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई की।
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निरीक्षक सतपाल ने बताया कि योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये केमिकल लगाकर दिए गए। राजेंद्र ने आरोपी कर्मी को फोन किया तो उसने रुपये लेकर एसडीएम कार्यालय आने की बात कही। जहां आरोपी कर्मी की ड्यूटी नॉमिनेशन फाइल करने के लिए लगी हुई थी। जब राजेंद्र एसडीएम कार्यालय पहुंचा तो आरोपी आलोक ने उसे जिला सचिवालय परिसर में एसडीएम कार्यालय के पास चाय की दुकान पर बुलाया। जब उसे पांच हजार रुपये की रिश्वत दी तो इशारा पाकर ब्यूरो की टीम ने उसे दबोच लिया। ब्यूरो प्रभारी निरीक्षक सतपाल ने बताया कि आरोपी आलोक को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। उस पर केस दर्ज कर लिया गया। उसे अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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