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Yamuna Nagar News: यमुनानगर-जगाधरी-करनाल रेलवे लाइन का निर्माण ठंडे बस्ते में

Mon, 02 Sep 2024 03:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 02 Sep 2024 03:43 AM IST
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Construction of Yamunanagar-Jagadhari-Karnal railway line is on hold
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। केंद्र सरकार की यमुनानगर जगाधरी से करनाल रेल लाइन परियोजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। साढ़े तीन साल पहले 2021 में केंद्र सरकार ने बजट में इस परियोजना की घोषणा की थी। वहीं, सरकार ने परियोजना के लिए टोकन राशि भी बजट में जारी की थी। परंतु यह परियोजना घोषणा तक ही सिमट कर रह गई।
घोषणा के बाद केंद्र व प्रदेश सरकार ने इस परियोजना पर जरा भी ध्यान नहीं दिया। इस बार लोकसभा चुनाव के दौरान लोगों को उम्मीद थी कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना सिरे चढ़ सकती है। परंतु लोगों की उम्मीद निराशा में बदल गई। वहीं, विधानसभा चुनाव से पहले लोगों के बीच यह मुद्दा गरमा गया है। परियोजना को लेकर लोगों में संशय बरकरार है।
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आम आदमी पार्टी के अंबाला लोकसभा क्षेत्र के उपाध्यक्ष ललित त्यागी, उपाध्यक्ष लक्ष्मण, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमन त्यागी, पूर्व जिप प्रधान श्याम सुंदर बतरा, बसपा के दर्शन लाल खेड़ा, इनेलो के दिलबाग सिंह ने कहा कि इच्छाशक्ति की कमी के चलते यह ठंडे बस्ते में रही। इसके बाद पिछले साल तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह योजना बस्ते से निकाली और प्रदेश के बजट में केंद्र सरकार व रेलवे के सहयोग परियोजना जल्द पूरी करने की घोषणा की थी। परंतु यह घोषणा भी घोषणा बनकर रह गई। अभी तक यह परियोजना ठंडे बस्ते है।
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उल्लेखनीय है कि यमुनानगर से दक्षिण व पश्चिमी हरियाणा के लिए केवल सड़क सहारा है। ट्रेन से जाने के लिए लोगों को अंबाला, कुरुक्षेत्र जाना पड़ता है। परियोजना के समय केंद्र व प्रदेश सरकार ने यमुनानगर से करनाल तक रेल लाइन बिछाने के लिए चार साल का समय निर्धारित किया था। परियोजना पूरी होना तो दूर लाइन बिछाने के लिए जमीन तक नहीं तैयार हो पाई।
यह रेल लाइन यमुनानगर से वाया रादौर, लाडवा, इंद्री से करनाल तक निकालनी है। पूर्व निर्धारित प्लान के अनुसार हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम ने 883.78 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की डीपीआर दी थी। इस रेल मार्ग से प्रतिदिन करीब दस हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
इससे प्रदेश के सोनीपत, पानीपत, बहादुरगढ़ व जिलों के उद्योगों को देश के पूर्वी हिस्से तक सामान पहुंचाना आसान होगा। रादौर, लाडवा व इंद्री के सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों से कृषि उपज, प्लाईवुड, लकड़ी, औद्योगिक उत्पादों, धातु उद्योग, उर्वरकों इत्यादि के लिए बाजार तक पहुंचना सुगम हो जाएगा। इसके अलावा यह परियोजना हरियाणा के दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्र को सीधे हरिद्वार से जोड़ेगी।
सरकार ने सिर्फ घोषणाएं की : ललित
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ललित त्यागी ने कहा कि सरकार की घोषणाएं केवल हवा हवाई हैं। सैकड़ों परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनकी घोषणाएं की गई, लेकिन उस पर काम नहीं किया गया। यह परियोजना भी चुनावी स्टंट था। सरकार ने चंडीगढ़ रेल लाइन पूरी करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक इसे लेकर काम नहीं किया। करनाल रेल लाइन भी सरकार की हवाई बात हैं।


जमीन अधिग्रहण तक नहीं हुआ : रमन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमन त्यागी ने कहा कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों में पूरी होती है। इस परियोजना में भी कागजों में ट्रेन चल रही है। सरकार लोगों की आस पर खरी नहीं उतरी है। चार साल में परियोजना पूरी की जानी थी, लेकिन अभी तक इसके लिए जमीन अधिग्रहण नहीं की गई है। चंडीगढ़ की तरह यह रेल परियोजना भी फाइलों में गुम हो जाएगी।
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