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Yamuna Nagar News: मोबाइल पर ई-चालान भेज लोगों को ठगने की साजिश
Mon, 27 Oct 2025 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:09 AM IST
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एसपी कमलदीप गोयल।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुलिस की ओर से एक से 31 अक्तूबर तक साइबर जागरूकता माह मनाया जा रहा है। पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क कर रही हैं। इसी बीच साइबर ठगों ने एक साथ जिले के हजारों लोगों के मोबाइल पर ठगी करने के लिए मैसेज भेजे।
मैसेज भेज कर लोगों को डर दिखाया गया कि उनके वाहन ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है इसलिए ट्रैफिक पुलिस ने उनका चालान काट दिया है। इसके लिए ई-चालान की कॉपी आपके मोबाइल पर भेजी जा रही है। इतना ही नहीं मैसेज के साथ चालान की एपीके फाइल भी भेजी गई।
इस तरह के मैसेज केवल कई पुलिस कर्मचारियों के मोबाइल पर भी भेजे गए। कितने लोगों ने एपीके फाइल को डाउनलोड किया और इनमें से कितने ठगी का शिकार हुए फिलहाल इसकी कोई शिकायत अभी पुलिस के पास नहीं आई है। वहीं एसपी कमलदीप गोयल ने जरूर इस बारे में लोगों को जागरूक रहने के लिए कहा है।
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साथ ही यह भी कहा है कि वह ऐसे मैसेज पर न तो क्लिक करें और न ही किसी भी एपीके फाइल को मोबाइल में डाउनलोड करें। ऐसा करने से न केवल मोबाइल हैक हो सकता है बल्कि जमा पूंजी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
ठगों से ऐसे करें सुरक्षा : पुलिस अधीक्षक कमलदीप सिंह ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। हेल्पलाइन नंबर के अलावा वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। सोच-समझकर ऑनलाइन व्यवहार करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। किसी भी अनजान लिंक या अनुप्रमाणित एप को डाउनलोड न करें। एप डाउनलोड करने से पहले उसके डेवलपर का विवरण और रिव्यू जांचें।
गूगल प्ले स्टोर या एप्पलसेप स्टोर के बाहर से कोई एप इंस्टाल न करें। अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी किसी को भी साझा न करें। निवेश या ऋण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों से ही संपर्क करें।
झूठे वादों से लोगों को देते हैं धोखा : एसपी
एसपी कमलदीप गोयल ने बताया कि हाल के दिनों में नकली स्टॉक ट्रेडिंग और फर्जी लोन एप के माध्यम से नागरिकों से भारी मात्रा में धन एवं व्यक्तिगत डेटा की ठगी की जा रही है। ये एप आकर्षक विज्ञापनों और ऊंचे मुनाफे या आसान ऋण के झूठे वादों के जरिए लोगों को धोखा देते हैं। ये फर्जी एप सोशल मीडिया, एसएमएस या ईमेल के जरिए लिंक भेजकर लोगों को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। एप इंस्टॉल करते समय यह कांटेक्ट, फोटो, मैसेज और बैंकिंग जानकारी मांगते हैं। इसके बाद ये डिजिटल लोन धोखाधड़ी करते हैं या खातों से पैसे उड़ा लेते हैं। कुछ मामलों में ये एप पीड़ित के निजी फोटो या वीडियो का दुरुपयोग कर ब्लैकमेल भी करते हैं। इसके अलावा लोगों को अब वाहन का चालान कटने का डर दिखाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। काफी लोग ऐसे लिंक पर क्लिक कर देते हैं। जैसे ही इन्हें कोई डाउनलोड करता है, वही मैसेज मोबाइल में सेव किए गए सभी लोगों के नंबरों पर चला जाता है।
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यमुनानगर। पुलिस की ओर से एक से 31 अक्तूबर तक साइबर जागरूकता माह मनाया जा रहा है। पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क कर रही हैं। इसी बीच साइबर ठगों ने एक साथ जिले के हजारों लोगों के मोबाइल पर ठगी करने के लिए मैसेज भेजे।
मैसेज भेज कर लोगों को डर दिखाया गया कि उनके वाहन ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है इसलिए ट्रैफिक पुलिस ने उनका चालान काट दिया है। इसके लिए ई-चालान की कॉपी आपके मोबाइल पर भेजी जा रही है। इतना ही नहीं मैसेज के साथ चालान की एपीके फाइल भी भेजी गई।
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इस तरह के मैसेज केवल कई पुलिस कर्मचारियों के मोबाइल पर भी भेजे गए। कितने लोगों ने एपीके फाइल को डाउनलोड किया और इनमें से कितने ठगी का शिकार हुए फिलहाल इसकी कोई शिकायत अभी पुलिस के पास नहीं आई है। वहीं एसपी कमलदीप गोयल ने जरूर इस बारे में लोगों को जागरूक रहने के लिए कहा है।
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साथ ही यह भी कहा है कि वह ऐसे मैसेज पर न तो क्लिक करें और न ही किसी भी एपीके फाइल को मोबाइल में डाउनलोड करें। ऐसा करने से न केवल मोबाइल हैक हो सकता है बल्कि जमा पूंजी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
ठगों से ऐसे करें सुरक्षा : पुलिस अधीक्षक कमलदीप सिंह ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। हेल्पलाइन नंबर के अलावा वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। सोच-समझकर ऑनलाइन व्यवहार करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। किसी भी अनजान लिंक या अनुप्रमाणित एप को डाउनलोड न करें। एप डाउनलोड करने से पहले उसके डेवलपर का विवरण और रिव्यू जांचें।
गूगल प्ले स्टोर या एप्पलसेप स्टोर के बाहर से कोई एप इंस्टाल न करें। अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी किसी को भी साझा न करें। निवेश या ऋण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों से ही संपर्क करें।
झूठे वादों से लोगों को देते हैं धोखा : एसपी
एसपी कमलदीप गोयल ने बताया कि हाल के दिनों में नकली स्टॉक ट्रेडिंग और फर्जी लोन एप के माध्यम से नागरिकों से भारी मात्रा में धन एवं व्यक्तिगत डेटा की ठगी की जा रही है। ये एप आकर्षक विज्ञापनों और ऊंचे मुनाफे या आसान ऋण के झूठे वादों के जरिए लोगों को धोखा देते हैं। ये फर्जी एप सोशल मीडिया, एसएमएस या ईमेल के जरिए लिंक भेजकर लोगों को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। एप इंस्टॉल करते समय यह कांटेक्ट, फोटो, मैसेज और बैंकिंग जानकारी मांगते हैं। इसके बाद ये डिजिटल लोन धोखाधड़ी करते हैं या खातों से पैसे उड़ा लेते हैं। कुछ मामलों में ये एप पीड़ित के निजी फोटो या वीडियो का दुरुपयोग कर ब्लैकमेल भी करते हैं। इसके अलावा लोगों को अब वाहन का चालान कटने का डर दिखाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। काफी लोग ऐसे लिंक पर क्लिक कर देते हैं। जैसे ही इन्हें कोई डाउनलोड करता है, वही मैसेज मोबाइल में सेव किए गए सभी लोगों के नंबरों पर चला जाता है।