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Yamuna Nagar News: कांग्रेस की रेनू व भाजपा के बलवंत फिर आमने-सामने
Mon, 09 Sep 2024 04:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 09 Sep 2024 04:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कांग्रेस की मौजूदा विधायक रेनू बाला को टिकट मिलने के बाद साढौरा विधानसभा सीट पर चुनाव रोचक हो गया है। चूंकि जिस प्रतिद्वंदी को उन्होंने पिछली बार हराया था, इस बार भी वे ही उनके सामने हैं। इस तरह से साढौरा सीट से कांग्रेस की रेनू बाला और भाजपा के बलवंत सिंह चुनावी में आमने-सामने आ गए हैं।
रेनू बाला ने वर्ष 2019 में भाजपा के प्रत्याशी रहे बलवंत सिंह को 17020 वोटों से हराया था, साथ ही सबसे अधिक वोट पाने का भी रिकॉर्ड है। उन्होंने न केवल अब तक सबसे ज्यादा वोट प्राप्त किए थे, बल्कि अपने प्रतिद्वंद्वी को सबसे ज्यादा वोट से हराने के बाद पहली विधायक भी बनी।
साढौरा विधानसभा सीट हरियाणा बनने के बाद से ही एससी रिजर्व रही। 1977 से लेकर अब तक साढौरा सीट से 10 विधायक बने हैं। यहां से पहली बार बिलासपुर के भागमल विधायक बने थे। उन्होंने 23989 वोट हासिल किए थे। अगले चुनाव में उन्होंने 20981, इसके बाद 37246 वोट लिए।
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1991 में शेर सिंह ने 20159, 1977 में रामजी लाल ने 26142, वर्ष 2000 में बलवंत सिंह ने 30106 व 2005 में 35664 वोट, 2009 में राजपाल भूखड़ी ने 47263 वोट व 2014 में बलवंत सिंह ने 63772 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की थी। बता दें साढौरा बेहद पुराना क्षेत्र है जोकि नकटी नदी कि किनारे बसा है।
पहले ये क्षेत्र साधु हारा के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में साढौरा का नाम दे दिया गया। यहां के लोगों का कहना है 19668 में मुगलों के साथ हुए युद्ध में बुद्धु शाह ने गुरु गोबिंद सिंह जी की बहुत मदद की थी। इस क्षेत्र में सिखों का पवित्र गुरुद्वारा बंदा बहादुर सिंह भी है।
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यमुनानगर। कांग्रेस की मौजूदा विधायक रेनू बाला को टिकट मिलने के बाद साढौरा विधानसभा सीट पर चुनाव रोचक हो गया है। चूंकि जिस प्रतिद्वंदी को उन्होंने पिछली बार हराया था, इस बार भी वे ही उनके सामने हैं। इस तरह से साढौरा सीट से कांग्रेस की रेनू बाला और भाजपा के बलवंत सिंह चुनावी में आमने-सामने आ गए हैं।
रेनू बाला ने वर्ष 2019 में भाजपा के प्रत्याशी रहे बलवंत सिंह को 17020 वोटों से हराया था, साथ ही सबसे अधिक वोट पाने का भी रिकॉर्ड है। उन्होंने न केवल अब तक सबसे ज्यादा वोट प्राप्त किए थे, बल्कि अपने प्रतिद्वंद्वी को सबसे ज्यादा वोट से हराने के बाद पहली विधायक भी बनी।
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साढौरा विधानसभा सीट हरियाणा बनने के बाद से ही एससी रिजर्व रही। 1977 से लेकर अब तक साढौरा सीट से 10 विधायक बने हैं। यहां से पहली बार बिलासपुर के भागमल विधायक बने थे। उन्होंने 23989 वोट हासिल किए थे। अगले चुनाव में उन्होंने 20981, इसके बाद 37246 वोट लिए।
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1991 में शेर सिंह ने 20159, 1977 में रामजी लाल ने 26142, वर्ष 2000 में बलवंत सिंह ने 30106 व 2005 में 35664 वोट, 2009 में राजपाल भूखड़ी ने 47263 वोट व 2014 में बलवंत सिंह ने 63772 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की थी। बता दें साढौरा बेहद पुराना क्षेत्र है जोकि नकटी नदी कि किनारे बसा है।
पहले ये क्षेत्र साधु हारा के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में साढौरा का नाम दे दिया गया। यहां के लोगों का कहना है 19668 में मुगलों के साथ हुए युद्ध में बुद्धु शाह ने गुरु गोबिंद सिंह जी की बहुत मदद की थी। इस क्षेत्र में सिखों का पवित्र गुरुद्वारा बंदा बहादुर सिंह भी है।