{"_id":"67dc85ce34d27b4a0e058f6f","slug":"collector-rate-will-not-increase-now-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1022-134792-2025-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: अभी नहीं बढ़ेंगे कलेक्टर रेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: अभी नहीं बढ़ेंगे कलेक्टर रेट
Fri, 21 Mar 2025 02:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 21 Mar 2025 02:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनानगर। प्लॉट, घर, दुकान व अन्य भवन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। चूंकि अगले माह से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लागू हो रहे जिले की जमीनों के कलेक्टर रेट में वृद्धि के आसार नहीं है। फिलहाल वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जिले के सात में से जगाधरी को छोड़ अन्य छह खंडों के प्रस्तावित कलेक्टर रेट का ड्राफ्ट जारी हुआ है, जिनमें कहीं भी जमीनों के कलेक्टर रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं है। जगाधरी खंड के प्रस्तावित कलेक्टर रेट का ड्राफ्ट जल्द जारी होना है, उसमें भी दरों में कोई परिवर्तन न किए जाने के संकेत हैं। ऐसा होने पर मौजूदा समय में जो कलेक्टर रेट है, उसी पर एक साल और जिले में जमीनों की खरीद-फरोख्त हो सकेगी।
बता दें कि प्रशासनिक स्तर पर प्रतापनगर, साढौरा, सरस्वती नगर, छछरौली, रादौर व व्यासपुर के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित कलेक्टर रेट का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इसके मुताबिक उक्त छह खंडों में एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक जमीनों के कलेक्टर रेट में किसी तरह की न वृद्धि और न कमी की गई है। यहां दिसंबर-2024 से मार्च-2025 में लागू किए गए कलेक्टर रेट ही वित्त वर्ष 2025-26 में ज्यों के त्यों रखने का प्रस्ताव है।
-- -- -- -- -- -- -- -
रेट न बढ़ने की वजह : 4 माह पहले ही 10 फीसदी बढ़े
एक दिसंबर 2024 से 31 मार्च 2025 के लिए कलेक्टर रेट की नई दरें लागू हुई थीं। इस दौरान जिले में अधिकांश जगह जमीनों के कलेक्टर रेट दस फीसदी तक बढ़ाए गए। इस तरह चार माह पहले ही कलेक्टर रेट बढ़ाए जा चुके हैं। इसी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कलेक्टर रेट में वृद्धि न किए जाने की वजह बताया जा रहा है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
एसो. की मांग: 30 फीसद तक कम हो कलेक्टर रेट-
अगले माह से कलेक्टर रेट रिवाइज होने से पहले रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी विरोध की तैयारी में हैं। एसोसिएशन की कई वर्षों से कलेक्टर रेट कम किए जाने की मांग चल रही है, पर उसे नजरअंदाज कर कई बार रेट बढ़ाए जा चुके हैं। अब अप्रैल से वित्त वर्ष 2025-26 में भी रेट कम न होने का पता लगने पर पदाधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने की रणनीति बना रहे हैं। उप प्रधान मनोज पंजेटा ने बताया कि बहुत सी जगह कलेक्टर रेट मार्केट वैल्यू से अधिक है, जिस कारण वहां जमीन का क्रय-विक्रय नहीं हो पा रहा या इसके लिए क्रेता-विक्रेता अधिक स्टांप ड्यूटी देने पर मजबूर है। साथ ही कोरोना काल से प्रॉपर्टी कारोबार में मंदी है, जिसके मद्देनजर जमीनों के कलेक्टर रेट 30 फीसद कम होने चाहिए।
-- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
बता दें कि प्रशासनिक स्तर पर प्रतापनगर, साढौरा, सरस्वती नगर, छछरौली, रादौर व व्यासपुर के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित कलेक्टर रेट का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इसके मुताबिक उक्त छह खंडों में एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक जमीनों के कलेक्टर रेट में किसी तरह की न वृद्धि और न कमी की गई है। यहां दिसंबर-2024 से मार्च-2025 में लागू किए गए कलेक्टर रेट ही वित्त वर्ष 2025-26 में ज्यों के त्यों रखने का प्रस्ताव है।
विज्ञापन
रेट न बढ़ने की वजह : 4 माह पहले ही 10 फीसदी बढ़े
एक दिसंबर 2024 से 31 मार्च 2025 के लिए कलेक्टर रेट की नई दरें लागू हुई थीं। इस दौरान जिले में अधिकांश जगह जमीनों के कलेक्टर रेट दस फीसदी तक बढ़ाए गए। इस तरह चार माह पहले ही कलेक्टर रेट बढ़ाए जा चुके हैं। इसी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कलेक्टर रेट में वृद्धि न किए जाने की वजह बताया जा रहा है।
विज्ञापन
एसो. की मांग: 30 फीसद तक कम हो कलेक्टर रेट-
अगले माह से कलेक्टर रेट रिवाइज होने से पहले रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी विरोध की तैयारी में हैं। एसोसिएशन की कई वर्षों से कलेक्टर रेट कम किए जाने की मांग चल रही है, पर उसे नजरअंदाज कर कई बार रेट बढ़ाए जा चुके हैं। अब अप्रैल से वित्त वर्ष 2025-26 में भी रेट कम न होने का पता लगने पर पदाधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने की रणनीति बना रहे हैं। उप प्रधान मनोज पंजेटा ने बताया कि बहुत सी जगह कलेक्टर रेट मार्केट वैल्यू से अधिक है, जिस कारण वहां जमीन का क्रय-विक्रय नहीं हो पा रहा या इसके लिए क्रेता-विक्रेता अधिक स्टांप ड्यूटी देने पर मजबूर है। साथ ही कोरोना काल से प्रॉपर्टी कारोबार में मंदी है, जिसके मद्देनजर जमीनों के कलेक्टर रेट 30 फीसद कम होने चाहिए।