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Yamuna Nagar News: डीसी के आदेश पर भी नहीं हुई कोचिंग सेंटरों की जांच

Sun, 28 Jun 2026 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 28 Jun 2026 02:29 AM IST
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Coaching centers were not inspected even on the orders of the DC.
मॉडल टाउन में चल रहा कोचिंग इंस्टीट्यूट। संवाद
यमुनानगर। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त प्रीति ने नगर निगम और दमकल विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीम बनाकर जिले के सभी कोचिंग सेंटरों की जांच करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बाद भी संयुक्त टीमों का गठन नहीं किया गया और डीसी के आदेशों को दरकिनारकर दिया गया।
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दमकल विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी हर बार कार्रवाई का भरोसा तो दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। हालात यह हैं कि करेंगे और जल्द करेंगे जैसे जवाबों तक ही कार्रवाई सीमित होकर रह गई है। दूसरी ओर नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों में रोजाना हजारों विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे किसी भी संभावित हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है।
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सबसे हैरानी की बात यह है कि बुधवार को आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त प्रीति ने कहा था कि जिन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी कमियां मिलें, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि किसी कोचिंग सेंटर में सुरक्षा चूक के कारण कोई हादसा होता है तो उसे किसी भी स्तर पर माफ नहीं किया जाएगा।
एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि जब सर्वोच्च जिला अधिकारी के आदेशों पर भी अमल नहीं हो रहा तो फिर सुरक्षा नियमों का पालन कैसे सुनिश्चित होगा। डीसी के निर्देशों के कई दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अभी तक न तो संयुक्त टीम का गठन किया गया है और न ही किसी कोचिंग सेंटर की जांच शुरू हो सकी है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जिले में करीब 170 कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से किसी भी संस्थान ने दमकल विभाग से फायर एनओसी नहीं ली है। यह तथ्य स्वयं दमकल विभाग के अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं। इसके बावजूद किसी भी कोचिंग सेंटर को नोटिस जारी करने, जांच करने या सील करने जैसी कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। ऐसे में विभागीय दावों और वास्तविक कार्रवाई के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई दे रहा है।
किसी भी शिक्षण संस्थान में फायर सेफ्टी व्यवस्था केवल औपचारिकता नहीं बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा का सबसे अहम हिस्सा होती है। आग लगने या अन्य आपात स्थिति में पर्याप्त निकासी मार्ग, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा मानकों का पालन न होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद जिले में अधिकांश कोचिंग सेंटर बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालन कर रहे हैं।

अभिभावकों महेंद्र सिंह व सुमित सेठी का कहना है कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए कोचिंग सेंटर भेजते हैं, लेकिन यदि वहां सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम भी नहीं हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि प्रशासन को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते नियमों का पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। संवाद
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