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पंखे से फंदा लगाकर कोचिंग सेंटर संचालक ने दी जान
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विलाप करती मृतक की मां व अन्य। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कोचिंग सेंटर के संचालक मनोज कुमार उर्फ मोनू (38) ने पंखे पर रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सेंटर संचालक की जेब से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने अपने पार्टनर, सेंटर के टीचर सहित नौ लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि आरोपियों ने मृतक के साथ धोखा कर उसके लाखों रुपये हड़पे और रुपये मांगने को लेकर उसे परेशान किया। जिससे वह कर्जदार भी हो गया। दिल्ली से आए मृतक के परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने मामले में नौ लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-2 निवासी अमित कुमार ने बताया कि उसका भाई मनोज कुमार वीना नगर कैंप में कोचिंग सेंटर चलाता था। सोमवार शाम उसके भाई मनोज कुमार की पत्नी ऋचा ने उसे फोन पर सूचना दी कि उसके भाई मनोज ने कोचिंग सेंटर में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस सूचना पर वो और उसका बड़ा भाई सुनील कुमार यहां पहुंचे। यहां उन्हें उसके मामा के लड़के अमित नागपाल ने उन्हें सारी घटना से अवगत करवाया। मनोज के शव को आसपास के लोगों की मदद से फंदा काटकर नीचे उतारा गया था।
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जब मनोज कुमार के कपड़ों की तलाशी ली गई तो उसकी जेब से तीन पेज का एक फोटोस्टेट सुसाइड नोट मिला। यह सुसाइड नोट अमित नागपाल ने ही उन्हें दिखाया। नोट में मृतक ने नौ लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। गांधी नगर पुलिस ने भी सभी नौ लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
मनोज ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरी मौत के जिम्मेदार प्रिंस पाहवा, रविंद्र, डा. विजय ठकराल, सुशील बंसल, तरुण कौर (हीर) , प्रदीप मास्टर, पीके प्रवीण, हन्नी जग्गा, आशू सिंगला हैं। जिन्होंने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया है और मुझे आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया है। मेरे साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की गई। जिस वजह से मैं कर्जदार बन गया। इसके अलावा मृतक ने तीन पेज के सुसाइड नोट में सभी नौ आरोपियों ने कैसे उसे प्रताड़ित किया, इस बात का खुलासा किया है।
दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, मां हुई बेसुध
मृतक मनोज के पास दो बेटियां है। जो अभी पढ़ रही है। मनोज की मौत से दोनों बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। मंगलवार को जब शव को पोस्टमार्टम कराया जा रहा था, तो उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की मां कई बार रो-रोकर बेहोश हो गई। अन्य लोग उन्हें संभाला।
गिरफ्तारी पर अड़े परिजन, नहीं उठाया शव
पोस्टमार्टम के बाद परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद शव नहीं उठाया। परिजनों का कहना था कि पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद शव को उठाने दिया जाएगा। इस दौरान पुलिस ने परिजनों को समझाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जिसके बाद परिजनों ने शव को उठाया।
गांधी नगर थाना प्रभारी जसबीर सिंह का कहना है कि मामले में नौ लोगों पर आत्महत्या के लिए
मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। मृतक की हैंड राइटिंग से मिलान किया जाएगा। वहीं, आरोपियों की तलाश में छापामारी जारी है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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यमुनानगर। कोचिंग सेंटर के संचालक मनोज कुमार उर्फ मोनू (38) ने पंखे पर रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सेंटर संचालक की जेब से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने अपने पार्टनर, सेंटर के टीचर सहित नौ लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि आरोपियों ने मृतक के साथ धोखा कर उसके लाखों रुपये हड़पे और रुपये मांगने को लेकर उसे परेशान किया। जिससे वह कर्जदार भी हो गया। दिल्ली से आए मृतक के परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने मामले में नौ लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
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दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-2 निवासी अमित कुमार ने बताया कि उसका भाई मनोज कुमार वीना नगर कैंप में कोचिंग सेंटर चलाता था। सोमवार शाम उसके भाई मनोज कुमार की पत्नी ऋचा ने उसे फोन पर सूचना दी कि उसके भाई मनोज ने कोचिंग सेंटर में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस सूचना पर वो और उसका बड़ा भाई सुनील कुमार यहां पहुंचे। यहां उन्हें उसके मामा के लड़के अमित नागपाल ने उन्हें सारी घटना से अवगत करवाया। मनोज के शव को आसपास के लोगों की मदद से फंदा काटकर नीचे उतारा गया था।
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जब मनोज कुमार के कपड़ों की तलाशी ली गई तो उसकी जेब से तीन पेज का एक फोटोस्टेट सुसाइड नोट मिला। यह सुसाइड नोट अमित नागपाल ने ही उन्हें दिखाया। नोट में मृतक ने नौ लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। गांधी नगर पुलिस ने भी सभी नौ लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
मनोज ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरी मौत के जिम्मेदार प्रिंस पाहवा, रविंद्र, डा. विजय ठकराल, सुशील बंसल, तरुण कौर (हीर) , प्रदीप मास्टर, पीके प्रवीण, हन्नी जग्गा, आशू सिंगला हैं। जिन्होंने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया है और मुझे आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया है। मेरे साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की गई। जिस वजह से मैं कर्जदार बन गया। इसके अलावा मृतक ने तीन पेज के सुसाइड नोट में सभी नौ आरोपियों ने कैसे उसे प्रताड़ित किया, इस बात का खुलासा किया है।
दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, मां हुई बेसुध
मृतक मनोज के पास दो बेटियां है। जो अभी पढ़ रही है। मनोज की मौत से दोनों बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। मंगलवार को जब शव को पोस्टमार्टम कराया जा रहा था, तो उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक की मां कई बार रो-रोकर बेहोश हो गई। अन्य लोग उन्हें संभाला।
गिरफ्तारी पर अड़े परिजन, नहीं उठाया शव
पोस्टमार्टम के बाद परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद शव नहीं उठाया। परिजनों का कहना था कि पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद शव को उठाने दिया जाएगा। इस दौरान पुलिस ने परिजनों को समझाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जिसके बाद परिजनों ने शव को उठाया।
गांधी नगर थाना प्रभारी जसबीर सिंह का कहना है कि मामले में नौ लोगों पर आत्महत्या के लिए
मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। मृतक की हैंड राइटिंग से मिलान किया जाएगा। वहीं, आरोपियों की तलाश में छापामारी जारी है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।