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सोम नदी पर बनेगा पुल व डैम, बिलासपुर-आदिब्रदी मार्ग होगा चौड़ा
ब्ूयरो/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Mon, 29 Jun 2015 12:19 AM IST
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सीएम मनोहर लाल खट्टर ने गांव मुगलवाली में सरस्वती नदी पुर्नउत्थान परियोजना के अवलोकन के दौरान दो बड़ी सौगात देने की घोषणा की। इसमें सोम नदी पर पुल व डैम बनाने और बिलासपुर-आदिब्रदी मार्ग को 21 फुट चौड़ा करने की योजना शामिल है।
सोम नदी पर पुल व डैम बनने से पानी को नियंत्रण में लाकर भूमि कटाव पर रोक लगेगी। साथ ही हिमाचल प्रदेश से संपर्क पुख्ता होगा और आदिबद्री में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। सीएम ने कहा कि उक्त दोनों परियोजनाओं के सिरे चढ़ने से हिमाचल प्रदेश से मंत्रा देवी के मंदिर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकेगी। इसके साथ बिलासपुर-आदिब्रदी मार्ग के चौड़ा होने से पर्यटकाें का सरस्वती उद्गम स्थल तक पहुंचना सुगम होगा।
सरस्वती उद्गम स्थल के समीप आयोजित जनसभा में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सरस्वती को धरा पर लाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों का बखान किया। सीएम ने कहा कि मुस्तफाबाद का नाम बदलकर जल्द ही सरस्वती नगर कर दिया जाएगा। अभी केवल नाम ही रखा गया है, जल्द ही इसे कागजों में भी बदल दिया जाएगा। हिमाचल के सिरमौर जिले को विकसित किया जाएगा। पर्यटकों के आने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा और आर्थिक प्रगति होगी।
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पर्यटन, सांस्कृतिक एवं नागरिक विमानन केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि आदिबद्री अत्यंत रमणीक स्थान है। इस क्षेत्र में सड़कों, हवाई अड्डों का निर्माण करते हुए इसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। हरियाणा के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि सरस्वती हमारे लिए विश्वास, इतिहास और श्रद्धा का विषय है। खुदाई का काम शुरू होते ही प्रतिदिन एक हजार लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं।
सरस्वती का विकास होने से क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं पैदा हाेंगी। अंबाला के सांसद रतन लाल कटारिया ने केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री तथा मुख्यमंत्री से अपील की कि वे सरस्वती नदी की परियोजना को उच्चतम स्तर पर लेकर जाएं और इस क्षेत्र में हवाई अड्डे से लेकर हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाएं।
कार्यक्रम में डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने सरस्वती नदी की खुदाई संबंधी परियोजना पर रिपोर्ट प्रस्तुत की और कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सरस्वती नदी की खुदाई में और तेजी लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशांत शर्मा द्वारा सरस्वती नदी के ऊपर लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री सहित केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा, प्रदेश के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, स्पीकर कंवरपाल व एमपी रतनलाल कटारिया सहित स्थानीय विधायकों व प्रशासनिक अधिकारियों ने सरस्वती नदी उद्गम स्थल के जल का आचमन कर पूजा-अर्चना की।
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सोम नदी पर पुल व डैम बनने से पानी को नियंत्रण में लाकर भूमि कटाव पर रोक लगेगी। साथ ही हिमाचल प्रदेश से संपर्क पुख्ता होगा और आदिबद्री में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। सीएम ने कहा कि उक्त दोनों परियोजनाओं के सिरे चढ़ने से हिमाचल प्रदेश से मंत्रा देवी के मंदिर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकेगी। इसके साथ बिलासपुर-आदिब्रदी मार्ग के चौड़ा होने से पर्यटकाें का सरस्वती उद्गम स्थल तक पहुंचना सुगम होगा।
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सरस्वती उद्गम स्थल के समीप आयोजित जनसभा में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सरस्वती को धरा पर लाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों का बखान किया। सीएम ने कहा कि मुस्तफाबाद का नाम बदलकर जल्द ही सरस्वती नगर कर दिया जाएगा। अभी केवल नाम ही रखा गया है, जल्द ही इसे कागजों में भी बदल दिया जाएगा। हिमाचल के सिरमौर जिले को विकसित किया जाएगा। पर्यटकों के आने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा और आर्थिक प्रगति होगी।
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पर्यटन, सांस्कृतिक एवं नागरिक विमानन केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि आदिबद्री अत्यंत रमणीक स्थान है। इस क्षेत्र में सड़कों, हवाई अड्डों का निर्माण करते हुए इसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। हरियाणा के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि सरस्वती हमारे लिए विश्वास, इतिहास और श्रद्धा का विषय है। खुदाई का काम शुरू होते ही प्रतिदिन एक हजार लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं।
सरस्वती का विकास होने से क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं पैदा हाेंगी। अंबाला के सांसद रतन लाल कटारिया ने केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री तथा मुख्यमंत्री से अपील की कि वे सरस्वती नदी की परियोजना को उच्चतम स्तर पर लेकर जाएं और इस क्षेत्र में हवाई अड्डे से लेकर हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाएं।
कार्यक्रम में डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने सरस्वती नदी की खुदाई संबंधी परियोजना पर रिपोर्ट प्रस्तुत की और कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सरस्वती नदी की खुदाई में और तेजी लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशांत शर्मा द्वारा सरस्वती नदी के ऊपर लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री सहित केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा, प्रदेश के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, स्पीकर कंवरपाल व एमपी रतनलाल कटारिया सहित स्थानीय विधायकों व प्रशासनिक अधिकारियों ने सरस्वती नदी उद्गम स्थल के जल का आचमन कर पूजा-अर्चना की।