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Yamuna Nagar News: सीएम ने दिया भरोसा फिर भी खत्म नहीं हुई ठेकेदारों में दहशत
Sat, 07 Jun 2025 03:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 07 Jun 2025 03:39 AM IST
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यमुनानगर। सीएम नायब सिंह सैनी की ओर से दिया गया सुरक्षा का भरोसा भी शराब ठेकेदारों के अंदर से गैंगस्टरों का खौफ खत्म नहीं कर पाया। ठेकेदारों के मन में गैंगस्टरों की इतनी दहशत है कि उन्हें अपना कारोबार नहीं, बल्कि जान की परवाह दिखाई दे रही है। इसलिए शुक्रवार को भी शराब ठेकेदार ठेकों की बोली लगाने के लिए सामने नहीं आए।
ऐसे में 45 में से किसी एक जोन की भी बोली लग नहीं पाई। ठेकेदारों ने बोली, क्यों नहीं लगाई, इसका जिक्र कोई भी प्रशासनिक अधिकारी खुलकर नहीं बता रहा है। जबकि शुक्रवार को होने वाली 45 जोन ठेकों की नीलामी पर सभी की नजर थी। उधर, जिला आबकारी एवं कराधान विभाग के अनुसार बोली अब सोमवार या मंगलवार को होगी।
जानकारी के मुताबिक वीरवार शाम तक अधिकारी 45 जोन के ठेकों की नीलामी होने का दावा कर रहे थे। इस संबध में पुलिस सुरक्षा के भी कड़े बंदोबस्त कर लिए गए थे। चूंकि हर बार की तरह जिला सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ठेकों का आंवटन होना था। जिसमें शराब ठेकेदारों के पहुंचने की उम्मीद थी। शुक्रवार को यह तीसरी बार बोली होनी थी।
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ऐसे में 45 जोन ठेकों का रिजर्व प्राइज 403.76 करोड़ रुपये रखा गया था। जबकि इससे पहले बुधवार को 10 जोन का आवंटन हुआ था जिसमें 82.76 करोड़ की बोलियां प्राप्त हुई थी, जो राज्य सरकार की ओर से निर्धारित कुल 81.01 करोड़ से 1.75 करोड़ अधिक है। जबकि इससे पहले प्रशासन की ओर से 31 मई को ठेकों की नीलामी की गई थी। उस दिन सिर्फ तीन जोन पर ही बोली लगी। बोली कुल जोन के 25 प्रतिशत से कम होने के चलते प्रशासन को उसे रद्द करना पड़ा था।
बुधवार को इनकी हुई थी बोली ः बात करें तो बुधवार को हुई बोली के दौरान व्यासपुर छौली शराब का ठेका सबसे महंगा बिका। इसका 13 करोड़ 36 लाख रुपये था। जिसे महेंद्र सिंह एंड संस ने 13 करोड़ 51 लाख 11 हजार 111 रुपये में खरीदा। दूसरे सबसे महंगा ठेका जगाधरी बस स्टैंड का रहा। जिसका रिजर्व प्राइज 11 करोड़ 39 लाख रुपये था। यह ठेका 11 करोड़, 52 लाख 11 हजार 111 में बिका। इसी तरह जोन 1 असगरपुर का रिजर्व प्राइज 6 करोड़ 40 लाख रुपये था। यह ठेका महेंद्र सिंह एंड संस ने यह 6 करोड़ 55 लाख रुपये में खरीदा। इसी तरह मुख्य साढौरा का ठेका अपने रिजर्व प्राइस से 21 लाख रुपये महंगा गया।
इसका प्राइज साढ़े छह करोड़ रुपये था। यह ठेका महेंद्र सिंह एंड संस ने छह करोड़ 71 लाख रुपये में खरीदा। जबकि साढौरा दो का ठेका भी महेंद्र सिंह संस के नाम छूटा। फर्म ने यह यह ठेका 4.61 करोड़ की बजाए 4.72 करोड़ रुपये में खरीदा। बक्करवाला कोट ठेका दो लाख रुपये महंगा छूटा। इसका रिजर्व प्राइज 3.91 करोड़ था और यह 3.93 करोड़ रुपये में बिका। यह ठेका कर्णवाल वाइंस ने खरीदा। मंधार-मुसिंबल जोन का मूल्य 5.03 करोड़ था। जो महेंद्र सिंह फर्म ने इसे 5 करोड़ 21 लाख 55 हजार 555 रुपये रुपये में खरीदा। सारण सरस्वती नगर का रिजर्व प्राइज 9.40 करोड़ 30 लाख था।
महेंद्र सिंह संस ने 9 करोड़ 61 लाख रुपये में खरीदा। मानकपुर, मुबारकपुर का जोन आरक्षित मूल्य 7.52 करोड़ रुपये था। यह ठेका महेंद्र सिंह एंड संस फर्म ने 7.77 करोड़ रुपये में खरीदा लिया। बस स्टैंड जगाधरी एसएल मार्केट का निर्धारित मूल्य 12 करोड़ 99 लाख रुपये रखा गया था। महेंद्र सिंह एंड संस फर्म ने यह ठेका 13 करोड़ 22 लाख 22 हजार 222 रुपये में अपने नाम कर लिया था।
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ऐसे में 45 में से किसी एक जोन की भी बोली लग नहीं पाई। ठेकेदारों ने बोली, क्यों नहीं लगाई, इसका जिक्र कोई भी प्रशासनिक अधिकारी खुलकर नहीं बता रहा है। जबकि शुक्रवार को होने वाली 45 जोन ठेकों की नीलामी पर सभी की नजर थी। उधर, जिला आबकारी एवं कराधान विभाग के अनुसार बोली अब सोमवार या मंगलवार को होगी।
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जानकारी के मुताबिक वीरवार शाम तक अधिकारी 45 जोन के ठेकों की नीलामी होने का दावा कर रहे थे। इस संबध में पुलिस सुरक्षा के भी कड़े बंदोबस्त कर लिए गए थे। चूंकि हर बार की तरह जिला सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ठेकों का आंवटन होना था। जिसमें शराब ठेकेदारों के पहुंचने की उम्मीद थी। शुक्रवार को यह तीसरी बार बोली होनी थी।
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ऐसे में 45 जोन ठेकों का रिजर्व प्राइज 403.76 करोड़ रुपये रखा गया था। जबकि इससे पहले बुधवार को 10 जोन का आवंटन हुआ था जिसमें 82.76 करोड़ की बोलियां प्राप्त हुई थी, जो राज्य सरकार की ओर से निर्धारित कुल 81.01 करोड़ से 1.75 करोड़ अधिक है। जबकि इससे पहले प्रशासन की ओर से 31 मई को ठेकों की नीलामी की गई थी। उस दिन सिर्फ तीन जोन पर ही बोली लगी। बोली कुल जोन के 25 प्रतिशत से कम होने के चलते प्रशासन को उसे रद्द करना पड़ा था।
बुधवार को इनकी हुई थी बोली ः बात करें तो बुधवार को हुई बोली के दौरान व्यासपुर छौली शराब का ठेका सबसे महंगा बिका। इसका 13 करोड़ 36 लाख रुपये था। जिसे महेंद्र सिंह एंड संस ने 13 करोड़ 51 लाख 11 हजार 111 रुपये में खरीदा। दूसरे सबसे महंगा ठेका जगाधरी बस स्टैंड का रहा। जिसका रिजर्व प्राइज 11 करोड़ 39 लाख रुपये था। यह ठेका 11 करोड़, 52 लाख 11 हजार 111 में बिका। इसी तरह जोन 1 असगरपुर का रिजर्व प्राइज 6 करोड़ 40 लाख रुपये था। यह ठेका महेंद्र सिंह एंड संस ने यह 6 करोड़ 55 लाख रुपये में खरीदा। इसी तरह मुख्य साढौरा का ठेका अपने रिजर्व प्राइस से 21 लाख रुपये महंगा गया।
इसका प्राइज साढ़े छह करोड़ रुपये था। यह ठेका महेंद्र सिंह एंड संस ने छह करोड़ 71 लाख रुपये में खरीदा। जबकि साढौरा दो का ठेका भी महेंद्र सिंह संस के नाम छूटा। फर्म ने यह यह ठेका 4.61 करोड़ की बजाए 4.72 करोड़ रुपये में खरीदा। बक्करवाला कोट ठेका दो लाख रुपये महंगा छूटा। इसका रिजर्व प्राइज 3.91 करोड़ था और यह 3.93 करोड़ रुपये में बिका। यह ठेका कर्णवाल वाइंस ने खरीदा। मंधार-मुसिंबल जोन का मूल्य 5.03 करोड़ था। जो महेंद्र सिंह फर्म ने इसे 5 करोड़ 21 लाख 55 हजार 555 रुपये रुपये में खरीदा। सारण सरस्वती नगर का रिजर्व प्राइज 9.40 करोड़ 30 लाख था।
महेंद्र सिंह संस ने 9 करोड़ 61 लाख रुपये में खरीदा। मानकपुर, मुबारकपुर का जोन आरक्षित मूल्य 7.52 करोड़ रुपये था। यह ठेका महेंद्र सिंह एंड संस फर्म ने 7.77 करोड़ रुपये में खरीदा लिया। बस स्टैंड जगाधरी एसएल मार्केट का निर्धारित मूल्य 12 करोड़ 99 लाख रुपये रखा गया था। महेंद्र सिंह एंड संस फर्म ने यह ठेका 13 करोड़ 22 लाख 22 हजार 222 रुपये में अपने नाम कर लिया था।