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Yamuna Nagar News: बादलों ने बढ़ाई ठंड, कम तापमान गेहूं के लिए लाभकारी
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मंगलवार को सुबह से लेकर देर रात तक आसमान में बादल छाए रहे। बादलों से जिले में ठंड बढ़ गई है। वहीं इस मौसम से गेहूं की फसल को फायदा है, लेकिन दिन का तापमान बढ़ने से सब्जियों की फसल प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार शु्क्रवार तक इसी प्रकार से मौसम रहने की संभावना है। जिले में कोहरा पड़ने की भी संभावना है।
पिछले कई दिनों से मौसम पूरी तरह से साफ था। दिन में धूप होने से लोग नवंबर माह में भी गर्मी का एहसास कर रहे थे। जिस कारण लोग अभी तक टी-शर्ट व कमीज में ही दिख रहे थे। मंगलवार को सुबह से लेकर दोपहर तक हल्की धूप निकली। बीच-बीच में तेज धूप निकलती तो लोग इसका आनंद लेने के लिए घरों से बाहर निकलते। परंतु दोपहर बाद तो धूप गायब ही हो गई। फिर से ठंड बढ़ गई। शाम चार बजे के बाद तो हल्की धुंध पड़ने का एहसास होने लगा। दृश्यता भी कम होने लगी। धूप के जाने के बाद एक बार तो बूंदाबांदी होने के आसार बन गए, लेकिन नहीं हुई।
कृषि विज्ञान केंद्र दामला के समन्वयक डॉ. संदीप रावल ने बताया कि अब तक मौसम साफ था। दो दिन से आसमान में बादल छाए हैं। सुबह व शाम को ठंड का असर है। यह समय गेहूं की फसल के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। जिन किसानों ने गेहूं की अगेती बिजाई कर ली है और एक बार पानी दे दिया है उसके लिए घटता तापमान काफी लाभकारी है। इससे गेहूं के पौधे को टिलरिंग यानि मेढ़ बनाने में मदद मिलेगी।मौसम में बदलाव होने के बाद मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.0 व न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है।
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वहीं दूसरी तरफ मौसम में बदलाव के बाद अस्पतालों में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। नागरिक अस्पताल के साथ-साथ निजी अस्पतालों में लोग पहुंच रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि मौसम में आए बदलाव से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहना चाहिए। इस मौसम में सर्दी, खांसी, सांस, जुकाम, गले में खराश के अलावा निमोनिया की बीमारी अधिक होती है। इसलिए छोटे बच्चों व बुजुर्गों को घर के अंदर गर्म कपड़ों में या फिर रजाई में रहना चाहिए। जितना हो सके घर से बाहर न निकलें। अधिक से अधिक हल्के गर्म पानी का सेवन करें। यदि बीमार हो जाते हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
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पिछले कई दिनों से मौसम पूरी तरह से साफ था। दिन में धूप होने से लोग नवंबर माह में भी गर्मी का एहसास कर रहे थे। जिस कारण लोग अभी तक टी-शर्ट व कमीज में ही दिख रहे थे। मंगलवार को सुबह से लेकर दोपहर तक हल्की धूप निकली। बीच-बीच में तेज धूप निकलती तो लोग इसका आनंद लेने के लिए घरों से बाहर निकलते। परंतु दोपहर बाद तो धूप गायब ही हो गई। फिर से ठंड बढ़ गई। शाम चार बजे के बाद तो हल्की धुंध पड़ने का एहसास होने लगा। दृश्यता भी कम होने लगी। धूप के जाने के बाद एक बार तो बूंदाबांदी होने के आसार बन गए, लेकिन नहीं हुई।
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कृषि विज्ञान केंद्र दामला के समन्वयक डॉ. संदीप रावल ने बताया कि अब तक मौसम साफ था। दो दिन से आसमान में बादल छाए हैं। सुबह व शाम को ठंड का असर है। यह समय गेहूं की फसल के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। जिन किसानों ने गेहूं की अगेती बिजाई कर ली है और एक बार पानी दे दिया है उसके लिए घटता तापमान काफी लाभकारी है। इससे गेहूं के पौधे को टिलरिंग यानि मेढ़ बनाने में मदद मिलेगी।मौसम में बदलाव होने के बाद मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.0 व न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है।
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वहीं दूसरी तरफ मौसम में बदलाव के बाद अस्पतालों में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। नागरिक अस्पताल के साथ-साथ निजी अस्पतालों में लोग पहुंच रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि मौसम में आए बदलाव से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहना चाहिए। इस मौसम में सर्दी, खांसी, सांस, जुकाम, गले में खराश के अलावा निमोनिया की बीमारी अधिक होती है। इसलिए छोटे बच्चों व बुजुर्गों को घर के अंदर गर्म कपड़ों में या फिर रजाई में रहना चाहिए। जितना हो सके घर से बाहर न निकलें। अधिक से अधिक हल्के गर्म पानी का सेवन करें। यदि बीमार हो जाते हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।