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Yamuna Nagar News: हड़ताल पर लिपिक, दफ्तरों में काम अटके
Tue, 13 Aug 2024 03:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 13 Aug 2024 03:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर लिपिकों की तीन दिन की हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई। लिपिकों ने अनाजमंडी गेट पर धरना दकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हड़ताल का नेतृत्व जिला प्रधान दीपक ढुल ने किया। धरने में पहुंचे राज्य प्रधान बलजीत सिंह ने कहा कि उनकी 35400 वेतन की मांग वर्षों से चली आ रही है। सरकार इस पर गौर नहीं कर रही है। संगठन ने 28 जुलाई को सीएम आवास घेराव प्रधान सचिव टू सीएम राजेश खुल्लर के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाना गया।
उन्होंने बताया कि हड़ताल में विभिन्न विभागों करीब 300 लिपिकों ने भाग लिया। हड़ताल के कारण करीब 100 वाहनों की आरसी, 150 लाइसेंस सहित तहसील कार्यालय के काम अटक गए। इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालयों के काम भी प्रभावित हुए। सरकार व एसोसिएशन की सहमति नहीं बनती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। इस दौरान उपप्रधान तरसेम सहित मीडिया प्रभारी अभिजीत सिंह, गौरव कुमार, अभिषेक, रूचि, नीलम सहित सभी लिपिक उपस्थित रहे।
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सुबह लोग कार्यालय पहुंचे तो लिपिकों की कुर्सियां खाली मिलीं। काम न होने से लोग निराश होकर लौट गए। वहीं हड़तालका असर अधिकारियों के काम पर भी पड़ा। तमाम तरह की फाइलें लंबित रहीं। वहीं दूसरे कर्मचारी भी अधिकांश समय खाली बैठ रहे। पहले दिन विभिन्न विभालों की करीब 500 फाइलें अटक गई। सबसे ज्यादा असर ई-दिशा केंद्र पर देखने को मिला। इस दौरान रजिस्ट्री, आरसी, प्रमाणपत्र, इंतकाल, जमाबंदी, बैक, नगर निगम, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी सहित तमाम कार्यालयों में लोगों को परेशानी हुई।
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जगाधरी। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर लिपिकों की तीन दिन की हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई। लिपिकों ने अनाजमंडी गेट पर धरना दकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हड़ताल का नेतृत्व जिला प्रधान दीपक ढुल ने किया। धरने में पहुंचे राज्य प्रधान बलजीत सिंह ने कहा कि उनकी 35400 वेतन की मांग वर्षों से चली आ रही है। सरकार इस पर गौर नहीं कर रही है। संगठन ने 28 जुलाई को सीएम आवास घेराव प्रधान सचिव टू सीएम राजेश खुल्लर के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाना गया।
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उन्होंने बताया कि हड़ताल में विभिन्न विभागों करीब 300 लिपिकों ने भाग लिया। हड़ताल के कारण करीब 100 वाहनों की आरसी, 150 लाइसेंस सहित तहसील कार्यालय के काम अटक गए। इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालयों के काम भी प्रभावित हुए। सरकार व एसोसिएशन की सहमति नहीं बनती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। इस दौरान उपप्रधान तरसेम सहित मीडिया प्रभारी अभिजीत सिंह, गौरव कुमार, अभिषेक, रूचि, नीलम सहित सभी लिपिक उपस्थित रहे।
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सुबह लोग कार्यालय पहुंचे तो लिपिकों की कुर्सियां खाली मिलीं। काम न होने से लोग निराश होकर लौट गए। वहीं हड़तालका असर अधिकारियों के काम पर भी पड़ा। तमाम तरह की फाइलें लंबित रहीं। वहीं दूसरे कर्मचारी भी अधिकांश समय खाली बैठ रहे। पहले दिन विभिन्न विभालों की करीब 500 फाइलें अटक गई। सबसे ज्यादा असर ई-दिशा केंद्र पर देखने को मिला। इस दौरान रजिस्ट्री, आरसी, प्रमाणपत्र, इंतकाल, जमाबंदी, बैक, नगर निगम, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी सहित तमाम कार्यालयों में लोगों को परेशानी हुई।