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असुरक्षित सड़कों पर सुरक्षित सफर के दावे, इस बार तो बैठक भी नहीं कर पाए साहब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 02:36 AM IST
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Claims of safe travel on unsafe roads, this time he could not even hold a meeting
शहर के महाराणा प्रताप चौक पर टूट कर बिखरी सड़क। - फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। असुरक्षित सड़कों पर लोगों को सुरक्षित सफर के सपने दिखाए जा रहे हैं। लोग सड़क पर वाहन लेकर चलते हैं तो हादसे का शिकार हो जाते हैं। ज्यादातर सड़कों पर सफर बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। सड़कों से जेबरा क्रॉसिंग, संकेतक तक गायब हो चुके है। इस बार तो अधिकारियों को सड़क सुरक्षा की बैठक करने का भी समय नहीं मिला। 28 जून को होने वाली सड़क सुरक्षा की बैठक ठीक एक दिन पहले स्थगित कर दी। जुलाई भी बीतने को है। जबकि नियमानुसार सड़क सुरक्षा की बैठक हर माह होनी चाहिए। बैठक स्थगित होने से वह अधिकारी खुश हुए जिनके काम अब तक पूरे नहीं हुए। उन्हें डीसी के सवालों का जवाब देने के लिए थोड़ा समय और मिल गया।
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शिक्षामंत्री भी जता चुके हैं नाराजगी
टूटी सड़कों को लेकर खुद शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर भी नाराजगी जता चुके हैं। तीन दिन पहले मंत्री ने डीसी, एडीसी व अन्य अधिकारियों के साथ टूटी सड़कों का निरीक्षण किया था। सड़कों की खस्ता हालत को देखकर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई थी। यह सड़कें शिक्षामंत्री की जगाधरी विधानसभा में आती हैं। जिस पर डीसी ने आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह में सड़कों की मरम्मत करवा दी जाएगी।
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एक हाईवे की मरम्मत नहीं करवा पा रहे
जगाधरी बस स्टैंड से पांवटा साहिब तक जिले का एकमात्र नेशनल हाईवे है जो शहर के बीच से निकलता है। परंतु अधिकारी इस हाईवे को भी संभाल नहीं पा रहे। हाईवे पर कैल के मोड़ पर, तिकोना चौक, मानकपुर के अलावा प्रतापनगर में इतने गहरे गड्ढे हैं कि कोई भी ट्रैक्टर-ट्राली या सामान से भरा ट्रक इनमें से आसानी से पलट जाए। लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है इन गड्ढों के आसपास एक भी चेतावनी बोर्ड तक नहीं है। पीछे से तेज गति से आ रहे वाहन चालक जब हाईवे पर गहरे गड्ढों को अचानक देखते हैं तो वह एकदम से ब्रेक लगाते हैं। इससे वाहन अनियंत्रित हो जाता है। नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने इसकी मरम्मत का पैसा पीडब्ल्यूडी को दे रखा है, फिर भी अब तक काम शुरू नहीं हुआ।
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शहर में भी हादसों का खतरा
शहर की जिन सड़कों से अधिकारी दिनभर गाड़ी में बैठकर निकलते हैं उन पर भी सफर बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। कन्हैया साहिब चौक से लेकर संत निश्चल सिंह स्कूल तक पाइप लाइन दबाने के लिए खोदी गई मिट्टी को सड़क पर डाल रखा है। इससे सड़क न केवल संकरी हो गई है बल्कि सारा दिन धूल उड़ती रहती है। सुबह आठ से रात के आठ बजे तक इस सड़क पर भारी वाहनों की एंट्री बंद है, फिर भी दिन के उजाले में पुलिस के सामनेे से ट्रक बेधड़क नो एंट्री में चल रहे हैं। सड़कों किनारे लगाया गया शायद ही कोई ब्लिंकर ठीक से काम करता हो। शहर में लगी एक भी ट्रैफिक कंट्रोल लाइट ऐसे नहीं है जिसके सारे संकेतक काम करते हो। नगर निगम के एक्सईएन ने एक सप्ताह में विश्वकर्मा चौक पर नई ट्रैफिक कंट्रोल लाइट लगवाने का दावा किया था। तीन माह में भी वह कुछ नहीं कर पाए।

जल्द होगी सड़क सुरक्षा की बैठक : डॉ. सुभाष
जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र का कहना है कि सड़क सुरक्षा की बैठक जल्द होगी। जिन विभागों को जो काम निर्धारित अवधि में करने को दिए थे उनकी रिपोर्ट ली जाएगी। जिनके काम अधूरे होंगे उनकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।
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