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कठपुतली के खेल से आंगनबाड़ी में मिलेगी बच्चों को शिक्षा
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अब आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चे खेल-खेल में पढ़ना सीखेंगे। आंगनबाड़ी वर्कर्स केद्रों के प्ले स्कूल में बदलने के बाद उन्हें कठपुतली के खेल से शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों व संस्कारों की जानकारी प्रदान करेंगी। जिससे भारतीय परंपराओं को सरंक्षित करने में मदद मिलेगी। वहीं खेल खेल में बच्चे इन बातों को जल्द ग्रहण करेंगे। इसके लिए आंगनबाड़ी वर्कर्स को पांच दिन का प्रशिक्षण भी महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दिया जा रहा है।
सुपरवाइजर कुसुम व मोनिका ने बताया कि खंड के 172 केंद्रों में से पहले चरण में फिलहाल 35 आंगनबाड़ी वर्कर को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके बाद दो समूहों में वर्कर को प्रशिक्षित किया जाएगा। शिविर में वर्कर्स को शारीरिक विकास के अंतर्गत कागज फाड़ना, चित्र बनाना, रंग भरना, पकड़ना, दौड़ना, अंक बनाना, भाषा विकास में गपशप, ध्वनि खेल, कविता कहानी से संबंधित गतिविधियों को करने के बारे में बताया जा रहा है। इसके अलावा बौद्धिक विकास से संबंधित गतिविधियों में मिलान, स्मृति खेल, क्रम में लगाना, सामाजिक व भावात्मक विकास में समूह में खेलना, घर घर खेलना, शीशा खेल, गुड़िया खेल, रोल प्ले व नाटक, रचनात्मक विकास में चित्रकला, छापना, काल्पनिक प्रश्न, नाचना गाना, स्वतंत्र खेल इत्यादि शामिल किए गए हैं। शिविर में वर्कर को अंग्रेजी विषय में कविता व सामान्य बोल चाल में प्रयोग होने वाले अंग्रेजी शब्दों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को अधिक संख्या में आंगनबाड़ी केंद्रों में दाखिल करवाना और स्कूल दाखिला से पूर्व उन्हें आधारभूत शिक्षा देना है।
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सुपरवाइजर कुसुम व मोनिका ने बताया कि खंड के 172 केंद्रों में से पहले चरण में फिलहाल 35 आंगनबाड़ी वर्कर को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके बाद दो समूहों में वर्कर को प्रशिक्षित किया जाएगा। शिविर में वर्कर्स को शारीरिक विकास के अंतर्गत कागज फाड़ना, चित्र बनाना, रंग भरना, पकड़ना, दौड़ना, अंक बनाना, भाषा विकास में गपशप, ध्वनि खेल, कविता कहानी से संबंधित गतिविधियों को करने के बारे में बताया जा रहा है। इसके अलावा बौद्धिक विकास से संबंधित गतिविधियों में मिलान, स्मृति खेल, क्रम में लगाना, सामाजिक व भावात्मक विकास में समूह में खेलना, घर घर खेलना, शीशा खेल, गुड़िया खेल, रोल प्ले व नाटक, रचनात्मक विकास में चित्रकला, छापना, काल्पनिक प्रश्न, नाचना गाना, स्वतंत्र खेल इत्यादि शामिल किए गए हैं। शिविर में वर्कर को अंग्रेजी विषय में कविता व सामान्य बोल चाल में प्रयोग होने वाले अंग्रेजी शब्दों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को अधिक संख्या में आंगनबाड़ी केंद्रों में दाखिल करवाना और स्कूल दाखिला से पूर्व उन्हें आधारभूत शिक्षा देना है।
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