{"_id":"67bcc14874a2fdba5100ad0a","slug":"children-will-be-proficient-in-primary-school-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-133609-2025-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: प्राथमिक पाठशाला में बच्चे होंगे निपुण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: प्राथमिक पाठशाला में बच्चे होंगे निपुण
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सरकारी प्राथमिक पाठशालाओं में पढ़ रहे बच्चों को भाषा, अध्ययन व नैतिकता का विकास करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से निपुण कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को आधारित किताबी के साथ अनुभवात्मक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। यह शिक्षा बच्चों को केवल अनुभव से मिल सकती है। इसके लिए विभाग की ओर से प्राथमिक स्कूलों और बाल वाटिकाओं में निपुण गतिविधियां करवाई जा रही हैं।
इन गतिविधियों से बच्चों में विभिन्न गतिविधियों से सीखने की प्रवृति का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए प्राथमिक पाठशालाओं में निपुण मेला लगाया जाएगा। यह निपुण मेला कलस्टर स्तर पर लगाया जाना है। जिसकी शुरुआत सोमवार को खंड बिलासपुर के कलस्टर मछरौली के मिल्कखास की पाठशाला से की गई है। कार्यक्रम में एसडीएम जयपाल सिंह गिल मुख्यातिथि रहे। इस दौरान उन्होंने पाठशाला के कक्षों और प्रांगण का निरीक्षण किया। निपुण मिशन के करवाई जा रही गतिविधियों की जानकारी ली।
इन गतिविधियों से बच्चों में सीखने की प्रवृति का विस्तार किया जाएगा। चूंकि बच्चे मौखिक की अपेक्षा क्रियाओं से ज्यादा सीखते हैं। बड़ों की क्रियाएं देखकर बच्चे उन्हें दोहराते हैं और कार्य स्वयं से करने का प्रयास करते हैं। इससे बच्चों का विकास तेजी से होता है। यही कारण है कि शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में यह कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
इस कार्यक्रम के तहत खेल-खेल में, नृत्य, बाल गीत इत्यादि गतिविधियां शामिल हैं। बता दें कि इसके बाद जिले के सभी कलस्टर में यह कार्यक्रम करवाए जाएंगे। जिले में कुल 74 कलस्टर हैं, जिनमें 592 प्राथमिक पाठशाला हैं।
इन प्राथमिक पाठशालाओं में 41000 बच्चे पढ़ रहे हैं। कार्यक्रम जिला एफएलएन समन्वयक संजीव सैनी के नेतृत्व में करवाया गया। जिसकी अध्यक्षता पाठशाला मुखिया कर्म सिंह राठी ने की। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम लता बक्शी, खंड संसाधन समन्वयक रमेश पाल, खंड संसाधन समन्वयक धर्म सिंह राठी, क्लस्टर मुखिया पूनम, बीआरपी डॉ. रोमिका, बीआरपी सुखविंद्र सिंह, पूजा, मुख्य शिक्षक पवन कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
यह करवाए कार्यक्रम
निपुण मेले के अंतर्गत आदर्श कक्षा कक्ष, प्रिंट रिच रूम, रीडिंग कॉर्नर, लो कॉस्ट टीएलएम प्रदर्शनी, हेल्दी फूड स्टाल, निपुण विद्यार्थी व निपुण अध्यापक कार्यक्रम करवाए गए। वहीं, बच्चों ने निपुण रामलीला का मंचन किया।
बच्चों ने रामायण के पात्रों की भूमिका निभाई और शानदार संवाद किए। वहीं, कक्षा चार व पांच के बच्चों ने निपुण रिपोर्टर की भूमिका निभाई। रिपोर्टर बनकर बच्चों ने अतिथियों का साक्षात्कार लिया। बच्चों ने कार्यक्रम व करवाई गतिविधियों संबंधी अधिकारियों से सवाल किए। बच्चों की निपुणता देख अधिकारी प्रभावित हुए। इस दौरान एसडीएम ने निपुण विद्यार्थी, निपुण अध्यापक सहित शैक्षिक व अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों बच्चों को सम्मानित किया।
निपुण मिशन के तहत प्राथमिक पाठशालाओं में निपुण मेला लगाया जाएगा। जिसकी शुरुआत बिलासपुर खंड से कर दी गई है। इसके बाद सभी खंडों के क्लस्टर में मेला लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में सीखने की प्रवृति का विकास करना है। - संजीव सैनी, जिला समन्वयक एफएलएन।
विज्ञापन
जगाधरी। सरकारी प्राथमिक पाठशालाओं में पढ़ रहे बच्चों को भाषा, अध्ययन व नैतिकता का विकास करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से निपुण कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को आधारित किताबी के साथ अनुभवात्मक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। यह शिक्षा बच्चों को केवल अनुभव से मिल सकती है। इसके लिए विभाग की ओर से प्राथमिक स्कूलों और बाल वाटिकाओं में निपुण गतिविधियां करवाई जा रही हैं।
इन गतिविधियों से बच्चों में विभिन्न गतिविधियों से सीखने की प्रवृति का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए प्राथमिक पाठशालाओं में निपुण मेला लगाया जाएगा। यह निपुण मेला कलस्टर स्तर पर लगाया जाना है। जिसकी शुरुआत सोमवार को खंड बिलासपुर के कलस्टर मछरौली के मिल्कखास की पाठशाला से की गई है। कार्यक्रम में एसडीएम जयपाल सिंह गिल मुख्यातिथि रहे। इस दौरान उन्होंने पाठशाला के कक्षों और प्रांगण का निरीक्षण किया। निपुण मिशन के करवाई जा रही गतिविधियों की जानकारी ली।
विज्ञापन
इन गतिविधियों से बच्चों में सीखने की प्रवृति का विस्तार किया जाएगा। चूंकि बच्चे मौखिक की अपेक्षा क्रियाओं से ज्यादा सीखते हैं। बड़ों की क्रियाएं देखकर बच्चे उन्हें दोहराते हैं और कार्य स्वयं से करने का प्रयास करते हैं। इससे बच्चों का विकास तेजी से होता है। यही कारण है कि शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में यह कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
इस कार्यक्रम के तहत खेल-खेल में, नृत्य, बाल गीत इत्यादि गतिविधियां शामिल हैं। बता दें कि इसके बाद जिले के सभी कलस्टर में यह कार्यक्रम करवाए जाएंगे। जिले में कुल 74 कलस्टर हैं, जिनमें 592 प्राथमिक पाठशाला हैं।
इन प्राथमिक पाठशालाओं में 41000 बच्चे पढ़ रहे हैं। कार्यक्रम जिला एफएलएन समन्वयक संजीव सैनी के नेतृत्व में करवाया गया। जिसकी अध्यक्षता पाठशाला मुखिया कर्म सिंह राठी ने की। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम लता बक्शी, खंड संसाधन समन्वयक रमेश पाल, खंड संसाधन समन्वयक धर्म सिंह राठी, क्लस्टर मुखिया पूनम, बीआरपी डॉ. रोमिका, बीआरपी सुखविंद्र सिंह, पूजा, मुख्य शिक्षक पवन कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
यह करवाए कार्यक्रम
निपुण मेले के अंतर्गत आदर्श कक्षा कक्ष, प्रिंट रिच रूम, रीडिंग कॉर्नर, लो कॉस्ट टीएलएम प्रदर्शनी, हेल्दी फूड स्टाल, निपुण विद्यार्थी व निपुण अध्यापक कार्यक्रम करवाए गए। वहीं, बच्चों ने निपुण रामलीला का मंचन किया।
बच्चों ने रामायण के पात्रों की भूमिका निभाई और शानदार संवाद किए। वहीं, कक्षा चार व पांच के बच्चों ने निपुण रिपोर्टर की भूमिका निभाई। रिपोर्टर बनकर बच्चों ने अतिथियों का साक्षात्कार लिया। बच्चों ने कार्यक्रम व करवाई गतिविधियों संबंधी अधिकारियों से सवाल किए। बच्चों की निपुणता देख अधिकारी प्रभावित हुए। इस दौरान एसडीएम ने निपुण विद्यार्थी, निपुण अध्यापक सहित शैक्षिक व अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों बच्चों को सम्मानित किया।
निपुण मिशन के तहत प्राथमिक पाठशालाओं में निपुण मेला लगाया जाएगा। जिसकी शुरुआत बिलासपुर खंड से कर दी गई है। इसके बाद सभी खंडों के क्लस्टर में मेला लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में सीखने की प्रवृति का विकास करना है। - संजीव सैनी, जिला समन्वयक एफएलएन।