{"_id":"687161c076b5125d9b03bda9","slug":"children-who-won-the-chess-competition-were-honored-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-140608-2025-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: शतरंज स्पर्धा के विजेता बच्चों का किया सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: शतरंज स्पर्धा के विजेता बच्चों का किया सम्मान
Sat, 12 Jul 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 12 Jul 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा छह से 12वीं तक के बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में गिरीश, आर्यवीर, हर्ष, दैविश, राधव, लक्षिता, पर्व, मोक्ष, हेमा, लविश, पीयूष, देवांश, अरनवी को पहला स्थान हासिल करने पर सम्मानित किया गया।
प्रिंसिपल सुबे सिंह पंजेटों ने कहा कि निरंतर अभ्यास, लगन और परिश्रम से किसी भी खेल में महारत हासिल की जा सकती है। शतरंज के प्रति युवाओं में रुझान बढ़ रहा है। विद्यार्थियों के समग्र विकास, तार्किक चिंतन, निर्णायक क्षमता को बढ़ावा देने में विद्यालय में शतरंज प्रतियोगिता करवाई गई। शतरंज एक ऐसा खेल है, जिसे बच्चे-बड़े सभी खेलना पसंद करते हैं।
समय के साथ इस गेम की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। इस खेल से व्यक्ति ज्यादा क्रिएटिव बनता है। शतरंज के खेल को माइंड गेम के नाम से भी जाना जाता है। दिमागी कसरत के लिए शतरंज एक शानदार खेल है। शतरंज खेलने से याददाश्त बढ़ती है। इससे अवसाद और चिंता का खतरा कम होता है। इस गेम से अल्जाइमर का खतरा कम हो सकता है। शतरंज आईक्यू को बेहतर बनाता है।
विज्ञापन
शतरंज खेलने से आप किसी भी समस्या का हल भी तेजी से ढूंढना सीख जाते हैं। शतरंज खेलने से जिम्मेदारी का एहसास होता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। इस गेम से आप खुद पर भरोसा करना सीखते हैं। वाइस प्रिंसिपल रितेश पंजेटा ने कहा कि विद्यालय में शतरंज के साथ अन्य इंडोर खेल प्रतियोगिताएं भी करवाई जा रही है। इस मौके पर धर्मपाल, अशोक कुमार, अनु ग्रोवर, माेनिका, बलजीत सिंह सभी अध्यापक मौजूद रहे।
विज्ञापन
व्यासपुर। सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा छह से 12वीं तक के बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में गिरीश, आर्यवीर, हर्ष, दैविश, राधव, लक्षिता, पर्व, मोक्ष, हेमा, लविश, पीयूष, देवांश, अरनवी को पहला स्थान हासिल करने पर सम्मानित किया गया।
प्रिंसिपल सुबे सिंह पंजेटों ने कहा कि निरंतर अभ्यास, लगन और परिश्रम से किसी भी खेल में महारत हासिल की जा सकती है। शतरंज के प्रति युवाओं में रुझान बढ़ रहा है। विद्यार्थियों के समग्र विकास, तार्किक चिंतन, निर्णायक क्षमता को बढ़ावा देने में विद्यालय में शतरंज प्रतियोगिता करवाई गई। शतरंज एक ऐसा खेल है, जिसे बच्चे-बड़े सभी खेलना पसंद करते हैं।
विज्ञापन
समय के साथ इस गेम की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। इस खेल से व्यक्ति ज्यादा क्रिएटिव बनता है। शतरंज के खेल को माइंड गेम के नाम से भी जाना जाता है। दिमागी कसरत के लिए शतरंज एक शानदार खेल है। शतरंज खेलने से याददाश्त बढ़ती है। इससे अवसाद और चिंता का खतरा कम होता है। इस गेम से अल्जाइमर का खतरा कम हो सकता है। शतरंज आईक्यू को बेहतर बनाता है।
विज्ञापन
शतरंज खेलने से आप किसी भी समस्या का हल भी तेजी से ढूंढना सीख जाते हैं। शतरंज खेलने से जिम्मेदारी का एहसास होता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। इस गेम से आप खुद पर भरोसा करना सीखते हैं। वाइस प्रिंसिपल रितेश पंजेटा ने कहा कि विद्यालय में शतरंज के साथ अन्य इंडोर खेल प्रतियोगिताएं भी करवाई जा रही है। इस मौके पर धर्मपाल, अशोक कुमार, अनु ग्रोवर, माेनिका, बलजीत सिंह सभी अध्यापक मौजूद रहे।