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Yamuna Nagar News: मौसम बदलते ही वायरल की चपेट में बच्चे, तेजी से हो रहे संक्रमित
Wed, 30 Sep 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:29 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी की पर्ची बनवाते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। कभी गर्मी तो कभी ठंडक के कारण छोटे बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं। बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ने से परेशानी और बढ़ गई है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में इन दिनों आने वाले लगभग हर दूसरे बच्चे में वायरल के लक्षण मिल रहे हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 130 से 150 बच्चों की ओपीडी हो रही है, इनमें 80 से 100 से अधिक बच्चे वायरल की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
बच्चों की बढ़ती संख्या से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बार-बार बदलाव होने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और छोटे बच्चे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। इन दिनों बच्चों में बुखार, जुकाम, खांसी और गले में खराश जैसे लक्षण अधिक देखने को मिल रहे हैं।अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिंद्र संधू ने बताया कि इन दिनों बच्चों में वायरल के मामले बढ़ रहे हैं। मौसम में बार-बार गर्मी और ठंडक होने के कारण बच्चे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
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ऐसे में अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं और पौष्टिक आहार दें। बच्चे को बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द या अन्य लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें और चिकित्सक से जांच करवाएं।
बिना सलाह के दवा देने से बचें अभिभावक : डॉ. संधू
डॉ. हरिंद्र संधू ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा न दें। घर में किसी सदस्य में वायरल के लक्षण हैं तो बच्चे को उससे उचित दूरी पर रखें। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह से बच्चों को संक्रमण से बचाने में मदद मिल सकती है।
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यमुनानगर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। कभी गर्मी तो कभी ठंडक के कारण छोटे बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं। बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ने से परेशानी और बढ़ गई है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में इन दिनों आने वाले लगभग हर दूसरे बच्चे में वायरल के लक्षण मिल रहे हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 130 से 150 बच्चों की ओपीडी हो रही है, इनमें 80 से 100 से अधिक बच्चे वायरल की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
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बच्चों की बढ़ती संख्या से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बार-बार बदलाव होने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और छोटे बच्चे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। इन दिनों बच्चों में बुखार, जुकाम, खांसी और गले में खराश जैसे लक्षण अधिक देखने को मिल रहे हैं।अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिंद्र संधू ने बताया कि इन दिनों बच्चों में वायरल के मामले बढ़ रहे हैं। मौसम में बार-बार गर्मी और ठंडक होने के कारण बच्चे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
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ऐसे में अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं और पौष्टिक आहार दें। बच्चे को बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द या अन्य लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें और चिकित्सक से जांच करवाएं।
बिना सलाह के दवा देने से बचें अभिभावक : डॉ. संधू
डॉ. हरिंद्र संधू ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा न दें। घर में किसी सदस्य में वायरल के लक्षण हैं तो बच्चे को उससे उचित दूरी पर रखें। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह से बच्चों को संक्रमण से बचाने में मदद मिल सकती है।