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गंदगी में रह रही बिन मां बाप की बच्ची को किया रेस्कयू
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जगाधरी। मौसेरे भाई के साथ रह रही अनाथ बच्ची को चाइल्डलाइन की टीम ने रेस्क्यू किया। बच्ची के बारे आसपास के लोगों ने चाइल्डलाइन हेल्प लाइन नंबर पर सूचना दी थी। लोगों ने बताया कि बिन मां बाप की 10 वर्षीय बच्ची अपने मौसी के लड़के के साथ फैक्टरी में रहती है। बताया कि उसका भाई बेहद लापरवाह है और उसका ख्याल नहीं रखता है। भाई हमेशा नशे में धुत रहता है। सूचना मिलते ही उत्थान संस्थान से चाइल्डलाइन की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को रेस्क्यू कर लिया।
मामला गांव चनेटी का है। यहां से एक संस्था की सदस्या ने सूचना दी थी। चाइल्डलाइन निदेशिका डॉ. अंजू वाजपेयी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक 10 साल की बच्ची है। उसके माता पिता नहीं है। वह यहां एक फैक्टरी में अपनी मौसी के लड़के के साथ रहती है। इस पर चाइल्डलाइन टीम आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर व अध्यापिकाओं से बच्ची से मिलने बताए पते पर पहुंचे। वहां पहुंचकर देखा तो रहने वाली जगह बहुत गंदी थी। गंदगी के कारण मक्खी, मच्छर की भरमार थी और बदबू आ रही थी। वहीं बच्ची की हालत भी बहुत ज्यादा खराब थी।
उसके भाई से बात करनी चाही मगर वह नशे मे धुत था। आसपास के लोगों ने बताया कि बच्ची को यहां से ले जाएं। चूंकि यहां रहकर उसका कोई भविष्य नहीं है। उसका भाई दिन रात शराब पीकर घूमता रहता है। बच्ची की सुरक्षा को देखते हुए हमारी टीम ने उसे अपने साथ कार्यालय लेकर आई। बच्ची को नहला कर स्वच्छ कपड़े पहनाकर खाना खिलाया गया। बच्ची की थाने में डीडीआर कटवाकर सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया। सीडब्ल्यूसी के आदेशों पर बच्ची को शेल्टर होम में भेज दिया गया है। डॉ. अंजू वाजपेयी ने कहा कि लोगों से अपील की है कि वे कहीं भी ऐसा बच्चा देखे जिसे मदद की जररूत हो तो इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर दें। ताकि उसे रेस्क्यू किया जा सके।
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मामला गांव चनेटी का है। यहां से एक संस्था की सदस्या ने सूचना दी थी। चाइल्डलाइन निदेशिका डॉ. अंजू वाजपेयी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक 10 साल की बच्ची है। उसके माता पिता नहीं है। वह यहां एक फैक्टरी में अपनी मौसी के लड़के के साथ रहती है। इस पर चाइल्डलाइन टीम आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर व अध्यापिकाओं से बच्ची से मिलने बताए पते पर पहुंचे। वहां पहुंचकर देखा तो रहने वाली जगह बहुत गंदी थी। गंदगी के कारण मक्खी, मच्छर की भरमार थी और बदबू आ रही थी। वहीं बच्ची की हालत भी बहुत ज्यादा खराब थी।
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उसके भाई से बात करनी चाही मगर वह नशे मे धुत था। आसपास के लोगों ने बताया कि बच्ची को यहां से ले जाएं। चूंकि यहां रहकर उसका कोई भविष्य नहीं है। उसका भाई दिन रात शराब पीकर घूमता रहता है। बच्ची की सुरक्षा को देखते हुए हमारी टीम ने उसे अपने साथ कार्यालय लेकर आई। बच्ची को नहला कर स्वच्छ कपड़े पहनाकर खाना खिलाया गया। बच्ची की थाने में डीडीआर कटवाकर सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया। सीडब्ल्यूसी के आदेशों पर बच्ची को शेल्टर होम में भेज दिया गया है। डॉ. अंजू वाजपेयी ने कहा कि लोगों से अपील की है कि वे कहीं भी ऐसा बच्चा देखे जिसे मदद की जररूत हो तो इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर दें। ताकि उसे रेस्क्यू किया जा सके।
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