{"_id":"6317b4d3ed2ed7793c78e5c5","slug":"chhachhrauli-got-the-status-of-sub-division-development-will-get-speed-yamuna-nagar-news-knl1203021121","type":"story","status":"publish","title_hn":"छछरौली को मिला उपमंडल का दर्जा, विकास को मिलेगी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छछरौली को मिला उपमंडल का दर्जा, विकास को मिलेगी रफ्तार
विज्ञापन
छछरौली। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार शाम छछरौली को उपमंडल का दर्जा देने की घोषणा की। इस घोषणा से छछरौली और प्रतापनगर क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। छछरौली उपमंडल शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर की जगाधरी विधानसभा में आता है। इसी के साथ ही अब छछरौली में एसडीएम व डीएसपी कार्यालय भी होगा। उपमंडल का दर्जा मिलने से छछरौली व प्रतापनगर में विकास को रफ्तार मिलेगी। अभी तक यह दोनों ही खंड विकास कार्यों में काफी पिछड़े हुए रहे हैं।
छछरौली को उपमंडल का दर्जा दिए जाने का आश्वासन मनोहर लाल ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान छछरौली अनाज मंडी को दिया था। जिसके बाद इस घोषणा को पूरा होने में कई साल का समय लग गया। छछरौली पुराने समय में राजा रविशेर सिंह की रियासत रही है। कई साल पहले छछरौली में पटवारखाना भी बना हुआ था। उपमंडल बनने के बाद इसमें दो खंड छछरौली और प्रतापनगर होंगे। दोनों खंडों में करीब 120 ग्राम पंचायतें हैं। जिनकी आबादी दो लाख से अधिक है। छछरौली में सरकारी अस्पताल, राजकीय महाविद्यालय, राजकीय आईटीआई पहले ही मौजूद हैं।
कस्बा छछरौली की आबादी भी लगभग 20 हजार है। छछरौली पुराने समय में कलसिया रियासत की राजधानी हुआ करती थी। जिले का पहला राजकीय कॉलेज भी छछरौली में ही खुला था। जिसका क्षेत्र के युवाओं को काफी फायदा हो रहा है, क्योंकि जिले के अन्य कॉलेजों की अपेक्षा छछरौली कॉलेज में ही छात्रों की सबसे ज्यादा संख्या है। हथिनीकुंड बैराज, कलेसर जंगल, ताऊ देवीलाल हर्बल पार्क व ताजेवाला सब उपमंडल में आएंगे। यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
क्षेत्र में ही होगा वाहनों का पंजीकरण
उपमंडल का दर्जा मिलने के बाद छछरौली व प्रतापनगर के लोगों को वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अब बिलासपुर के लिए कई किलोमीटर की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। क्योंकि बिलासपुर को पहले ही उपमंडल का दर्जा मिला हुआ है, इसलिए यहां पर वाहनों का रजिस्ट्रेशन व ड्राइविंग लाइसेंस बिलासपुर में ही बनते हैं। प्रतापनगर के आखिरी गांव की दूरी बिलासपुर से करीब 30 किलोमीटर से अधिक है। परंतु अब छछरौली व प्रतापनगर के वाहनों का रजिस्ट्रेशन उपमंडल छछरौली में ही हो सकेगा। वहीं छछरौली लोगों को सीएम विंडो की सुविधा भी मिलेगी। जिसके बाद लोग मुख्यमंत्री तक अपनी समस्या सीधे यहीं से पहुंचा सकेंगे। इसी के साथ यमुनानगर में अब चार उपमंडल हो जाएंगे।
विधानसभा भी रह चुकी है छछरौली
अब छछरौली भले ही जगाधरी विधानसभा में आता है। परंतु एक दशक पहले खुद छछरौली को भी विधानसभा का दर्जा प्राप्त था। छछरौली विधानसभा से आखिरी विधायक बसपा से अर्जुन सिंह थे। अर्जुन सिंह इस वक्त जजपा के जिलाध्यक्ष हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने छछरौली विधानसभा को भंग कर दिया था। जिसके बाद छछरौली व प्रतापनगर को जगाधरी विधानसभा में शामिल कर लिया गया। प्रतापनगर के गांव खिजरी निवासी अकरम खान हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर व चौटाला सरकार में मंत्री रह चुके हैं। गांव बहादरपुर से कंवरपाल गुर्जर पहले प्लान में विधानसभा स्पीकर व अब सरकार में वन एवं शिक्षा मंत्री हैं।
लोग बोले- सालों पुरानी मांग पूरी हुई
क्षेत्र के भाजपा नेता गुलशन अरोड़ा, कर्म सिंह नरवाल, राजेश गोयल, अंकित गर्ग ने बताया कि छछरौली को उपमंडल का दर्जा दिए जाने की मांग काफी समय से की जा रही थी। जब कंवरपाल गुर्जर विधानसभा स्पीकर थे तब से वह यह मांग उनके समक्ष रखते आ रहे हैं। अब जाकर यह मांग पूरी हुई है। इसके लिए वह शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हैं।
छछरौली को उपमंडल का दर्जा दिए जाने से क्षेत्र में विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी। लोगों की कई सालों पुरानी मांग पूरी हुई है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने लोगों की इस मांग को पूरा किया है।
- कंवरपाल गुर्जर, शिक्षा एवं वन मंत्री, हरियाणा सरकार
विज्ञापन
छछरौली को उपमंडल का दर्जा दिए जाने का आश्वासन मनोहर लाल ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान छछरौली अनाज मंडी को दिया था। जिसके बाद इस घोषणा को पूरा होने में कई साल का समय लग गया। छछरौली पुराने समय में राजा रविशेर सिंह की रियासत रही है। कई साल पहले छछरौली में पटवारखाना भी बना हुआ था। उपमंडल बनने के बाद इसमें दो खंड छछरौली और प्रतापनगर होंगे। दोनों खंडों में करीब 120 ग्राम पंचायतें हैं। जिनकी आबादी दो लाख से अधिक है। छछरौली में सरकारी अस्पताल, राजकीय महाविद्यालय, राजकीय आईटीआई पहले ही मौजूद हैं।
विज्ञापन
कस्बा छछरौली की आबादी भी लगभग 20 हजार है। छछरौली पुराने समय में कलसिया रियासत की राजधानी हुआ करती थी। जिले का पहला राजकीय कॉलेज भी छछरौली में ही खुला था। जिसका क्षेत्र के युवाओं को काफी फायदा हो रहा है, क्योंकि जिले के अन्य कॉलेजों की अपेक्षा छछरौली कॉलेज में ही छात्रों की सबसे ज्यादा संख्या है। हथिनीकुंड बैराज, कलेसर जंगल, ताऊ देवीलाल हर्बल पार्क व ताजेवाला सब उपमंडल में आएंगे। यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
क्षेत्र में ही होगा वाहनों का पंजीकरण
उपमंडल का दर्जा मिलने के बाद छछरौली व प्रतापनगर के लोगों को वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अब बिलासपुर के लिए कई किलोमीटर की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। क्योंकि बिलासपुर को पहले ही उपमंडल का दर्जा मिला हुआ है, इसलिए यहां पर वाहनों का रजिस्ट्रेशन व ड्राइविंग लाइसेंस बिलासपुर में ही बनते हैं। प्रतापनगर के आखिरी गांव की दूरी बिलासपुर से करीब 30 किलोमीटर से अधिक है। परंतु अब छछरौली व प्रतापनगर के वाहनों का रजिस्ट्रेशन उपमंडल छछरौली में ही हो सकेगा। वहीं छछरौली लोगों को सीएम विंडो की सुविधा भी मिलेगी। जिसके बाद लोग मुख्यमंत्री तक अपनी समस्या सीधे यहीं से पहुंचा सकेंगे। इसी के साथ यमुनानगर में अब चार उपमंडल हो जाएंगे।
विधानसभा भी रह चुकी है छछरौली
अब छछरौली भले ही जगाधरी विधानसभा में आता है। परंतु एक दशक पहले खुद छछरौली को भी विधानसभा का दर्जा प्राप्त था। छछरौली विधानसभा से आखिरी विधायक बसपा से अर्जुन सिंह थे। अर्जुन सिंह इस वक्त जजपा के जिलाध्यक्ष हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने छछरौली विधानसभा को भंग कर दिया था। जिसके बाद छछरौली व प्रतापनगर को जगाधरी विधानसभा में शामिल कर लिया गया। प्रतापनगर के गांव खिजरी निवासी अकरम खान हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर व चौटाला सरकार में मंत्री रह चुके हैं। गांव बहादरपुर से कंवरपाल गुर्जर पहले प्लान में विधानसभा स्पीकर व अब सरकार में वन एवं शिक्षा मंत्री हैं।
लोग बोले- सालों पुरानी मांग पूरी हुई
क्षेत्र के भाजपा नेता गुलशन अरोड़ा, कर्म सिंह नरवाल, राजेश गोयल, अंकित गर्ग ने बताया कि छछरौली को उपमंडल का दर्जा दिए जाने की मांग काफी समय से की जा रही थी। जब कंवरपाल गुर्जर विधानसभा स्पीकर थे तब से वह यह मांग उनके समक्ष रखते आ रहे हैं। अब जाकर यह मांग पूरी हुई है। इसके लिए वह शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हैं।
छछरौली को उपमंडल का दर्जा दिए जाने से क्षेत्र में विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी। लोगों की कई सालों पुरानी मांग पूरी हुई है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने लोगों की इस मांग को पूरा किया है।
- कंवरपाल गुर्जर, शिक्षा एवं वन मंत्री, हरियाणा सरकार