{"_id":"68e012adf55a3589130ec76b","slug":"chemical-fertilizers-are-causing-diseases-naveen-jindal-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-144884-2025-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: रासायनिक खाद के कारण हो रहीं बीमारियां ः नवीन जिंदल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: रासायनिक खाद के कारण हो रहीं बीमारियां ः नवीन जिंदल
Fri, 03 Oct 2025 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 03 Oct 2025 11:45 PM IST
विज्ञापन
बैठक के दौरान मौजूद कुरुक्षेत्र, अंबाला सांसद, कृषि मंत्री व अन्य। डीआईपीआरओ
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला सचिवालय में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोर्डिनेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी (दिशा) की बैठक हुई। इसमें कुरुक्षेत्र से लोकसभा सांसद नवीन जिंदल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कहा कि हमें यमुनानगर को विकसित जिला बनाने के लिए मिलकर काम करना है। जिले को विकसित करने का काम मिलकर ही सम्भव हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नई-नई लाइलाज बीमारियां हो रही हैं। उसका बड़ा कारण कृषि उत्पादों में बढ़ता रसायनों एवं खादों का प्रयोग है। उन्होंने कहा कि हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि जो बड़े जमींदार हैं उनके माध्यम से प्राकृतिक खेती करवाने पर जोर दें।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता लाने के लिए शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करें व उनको प्रशिक्षण देकर शुद्ध एवं स्वास्थ्य वर्धक कृषि उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए ताकि खेती में रसायनों का प्रयोग कम हो सके और शुद्ध खाद्यान प्राप्त हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। जिला सचिवालय में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोर्डिनेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी (दिशा) की बैठक हुई। इसमें कुरुक्षेत्र से लोकसभा सांसद नवीन जिंदल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कहा कि हमें यमुनानगर को विकसित जिला बनाने के लिए मिलकर काम करना है। जिले को विकसित करने का काम मिलकर ही सम्भव हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नई-नई लाइलाज बीमारियां हो रही हैं। उसका बड़ा कारण कृषि उत्पादों में बढ़ता रसायनों एवं खादों का प्रयोग है। उन्होंने कहा कि हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि जो बड़े जमींदार हैं उनके माध्यम से प्राकृतिक खेती करवाने पर जोर दें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता लाने के लिए शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करें व उनको प्रशिक्षण देकर शुद्ध एवं स्वास्थ्य वर्धक कृषि उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए ताकि खेती में रसायनों का प्रयोग कम हो सके और शुद्ध खाद्यान प्राप्त हो।
विज्ञापन