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Yamuna Nagar News: विदेश में फंसने की बात कह ठगे लाखों रुपये
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साइबर ठगों ने अब लोगों को ठगने का नया तरीका निकाल लिया है। ठग खुद को विदेश में रहने वाला रिश्तेदार बताकर लोगों से लाखों रुपये ठग रहे हैं। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक ही दिन में ऐसी ही ठगी के दो मामले दर्ज किए हैं। जिनमें दो लोगों से आठ लाख 80 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोपी फोन पर इस तरह से बात करते हैं कि पीड़ित आसानी से शीशे में उतर जाता है। विदेश में मुसीबत में फंसे रिश्तेदारों की मदद करने के नाम पर लोग ऐसे लोगों की बातों में आसानी से आ रहे हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।
गांव रटौली निवासी हरपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह किसान है। 21 जनवरी को उनके पास यूके से व्हाट्सएप काल आई। फोन करने वाले ने कहा कि वह उनका भांजा गुरशरण बोल रहा है। वह पुलिस स्टेशन में फंस गया है। उसका मोबाइल व पासपोर्ट पुलिस ने जब्त कर लिया है। यूके में उसका किसी गोरे के साथ झगड़ा हो गया है। जमानत के लिए तीन लाख 60 रुपये की जरूरत है। उसके साथ दो और लड़के थे। दोनों ने तो अपनी जमानत करवा ली लेकिन वह फंस गया है। थोड़ी देर में उसका वकील उनसे बात करेगा। कुछ देर में बात करने वाले ने खुद को वकील व अपना नाम नंदा बताया। जिसने बताया कि वह तीन लाख 60 हजार रुपये भेज दें। यदि उसकी जमानत नहीं करवाई तो गुरशरण को फांसी भी हो सकती है। उसकी बातों में आकर हरपाल सिंह घबरा गया। जिस पर उसने रुपये जमा कराने के लिए एसबीआई का खाता नंबर भी दिया। उसने पीएनबी में जाकर उस खाते में तीन लाख 60 हजार रुपये जमा करा दिए। थोड़ी देर बाद वकील नंदा ने दोबारा फोन करके कहा कि वह पांच लाख 40 हजार रुपये और जमा करा दे। क्योंकि जिस व्यक्ति से झगड़ा हुआ था उसकी हालत गंभीर है। वह मरने को है। तब उन्हें आरोपियों पर शक हुआ। उसने गुरशरण के मोबाइल पर फोन किया तो उसने कहा कि वह तो पूरी तरह से ठीक है। उसका किसी से झगड़ा नहीं हुआ है। तब उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। फिर उन्होंने साइबर क्राइम के नंबर पर फोन किया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सरोजनी कॉलोनी के सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि वह उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त हैं। दो दिसंबर 2022 को उनके पास अनजान नंबर से फोन आया। बात करने वाले ने कहा कि वह कनाडा से उनका रिश्तेदार गुजराल बोल रहा है। उसका वीजा खत्म होने वाला है। जिससे वह तनाव में है। यदि इसकी फीस जमा नहीं कराई तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसकी संपत्ति भी कनाडा सरकार जब्त कर लेगी। वह एजेंट का नंबर भेज रहा है। उससे संपर्क कर पैसा जमा करा दो। इस पर जो भी खर्च आएगा वह उनके खाते में जमा करवा देगा। आरोपी ने इसके लिए उसके चेक बुक की फोटो कॉपी मांगी। पहले तो उसने रुपये देने से मना कर दिया। थोड़ी देर बाद एक युवती ने फोन पर उसे बताया कि वह आरबीआई से बोल रही है। कनाडा से उनके खाते में रुपये जमा कराया गया है जो 24 घंटे में उन्हें मिल जाएगा। फिर एजेंट ने फोन करके कहा कि यदि रुपये जमा नहीं कराए तो गुजराल बड़ी मुसीबत में फंस जाएगा। वह तुरंत पीएनबी में गया और अपनी एफडी तुड़वा कर आरोपी के खाते में पांच लाख 20 हजार रुपये जमा करवा दिए।
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बाद में उसने रिश्तेदारों को फोन किया तो पता लगा कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। वह बैंक में अपना खाता चेक करने गया तो पता चला कि उसमें केवल 370 रुपये हैं। उसने थाने में शिकायत दी।
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गांव रटौली निवासी हरपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह किसान है। 21 जनवरी को उनके पास यूके से व्हाट्सएप काल आई। फोन करने वाले ने कहा कि वह उनका भांजा गुरशरण बोल रहा है। वह पुलिस स्टेशन में फंस गया है। उसका मोबाइल व पासपोर्ट पुलिस ने जब्त कर लिया है। यूके में उसका किसी गोरे के साथ झगड़ा हो गया है। जमानत के लिए तीन लाख 60 रुपये की जरूरत है। उसके साथ दो और लड़के थे। दोनों ने तो अपनी जमानत करवा ली लेकिन वह फंस गया है। थोड़ी देर में उसका वकील उनसे बात करेगा। कुछ देर में बात करने वाले ने खुद को वकील व अपना नाम नंदा बताया। जिसने बताया कि वह तीन लाख 60 हजार रुपये भेज दें। यदि उसकी जमानत नहीं करवाई तो गुरशरण को फांसी भी हो सकती है। उसकी बातों में आकर हरपाल सिंह घबरा गया। जिस पर उसने रुपये जमा कराने के लिए एसबीआई का खाता नंबर भी दिया। उसने पीएनबी में जाकर उस खाते में तीन लाख 60 हजार रुपये जमा करा दिए। थोड़ी देर बाद वकील नंदा ने दोबारा फोन करके कहा कि वह पांच लाख 40 हजार रुपये और जमा करा दे। क्योंकि जिस व्यक्ति से झगड़ा हुआ था उसकी हालत गंभीर है। वह मरने को है। तब उन्हें आरोपियों पर शक हुआ। उसने गुरशरण के मोबाइल पर फोन किया तो उसने कहा कि वह तो पूरी तरह से ठीक है। उसका किसी से झगड़ा नहीं हुआ है। तब उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। फिर उन्होंने साइबर क्राइम के नंबर पर फोन किया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सरोजनी कॉलोनी के सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि वह उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त हैं। दो दिसंबर 2022 को उनके पास अनजान नंबर से फोन आया। बात करने वाले ने कहा कि वह कनाडा से उनका रिश्तेदार गुजराल बोल रहा है। उसका वीजा खत्म होने वाला है। जिससे वह तनाव में है। यदि इसकी फीस जमा नहीं कराई तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसकी संपत्ति भी कनाडा सरकार जब्त कर लेगी। वह एजेंट का नंबर भेज रहा है। उससे संपर्क कर पैसा जमा करा दो। इस पर जो भी खर्च आएगा वह उनके खाते में जमा करवा देगा। आरोपी ने इसके लिए उसके चेक बुक की फोटो कॉपी मांगी। पहले तो उसने रुपये देने से मना कर दिया। थोड़ी देर बाद एक युवती ने फोन पर उसे बताया कि वह आरबीआई से बोल रही है। कनाडा से उनके खाते में रुपये जमा कराया गया है जो 24 घंटे में उन्हें मिल जाएगा। फिर एजेंट ने फोन करके कहा कि यदि रुपये जमा नहीं कराए तो गुजराल बड़ी मुसीबत में फंस जाएगा। वह तुरंत पीएनबी में गया और अपनी एफडी तुड़वा कर आरोपी के खाते में पांच लाख 20 हजार रुपये जमा करवा दिए।
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बाद में उसने रिश्तेदारों को फोन किया तो पता लगा कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। वह बैंक में अपना खाता चेक करने गया तो पता चला कि उसमें केवल 370 रुपये हैं। उसने थाने में शिकायत दी।