यमुनानगर: भ्रष्टाचार के मामले में दो एएसआई और दो हेड कांस्टेबल समेत पांच पर केस दर्ज, अफीम बेचने के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर की वसूली
एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत डीआईजी को सौंपी, जिसके बाद डीएसपी को जांच के निर्देश दिए गए। प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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एनडीपीएस एक्ट के तहत झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली करने के मामले में हरियाणा के यमुनानगर जिले के साढौरा थाने के चार पुलिसकर्मियों और एक बिचौलिये पर केस दर्ज किया गया है। इसमें दो एएसआई और दो हेड कांस्टेबल शामिल हैं। आरोप है कि बिचौलिये के माध्यम से ही पुलिसकर्मी पैसे लेते थे। मामला तब उजागर हुआ जब एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत डीआईजी को सौंपी, जिसके बाद डीएसपी को जांच के निर्देश दिए गए। प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि जिस थाने में आरोपी पुलिसकर्मी तैनात हैं, वहीं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
डीआईजी को दी गई शिकायत में कपूरीवासी रमन ने बताया कि 29 अप्रैल को शामपुर के गौरव को एएसआई राजेश ने 98.33 ग्राम अफीम सहित गिरफ्तार किया था। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। इसकी जांच एएसआई दौलत द्वारा की जा रही थी। रमन ने बताया कि 30 अप्रैल की शाम वह अपनी बाइक रिपेयर की दुकान पर काम कर रहा था।
तभी पुलिस की जीप में एएसआई दौलत, एचसी लाभ सिंह और एचसी जसजीत उसकी दुकान पर पहुंचे। उनके साथ एनडीपीएस एक्ट में धरा गया आरोपी गौरव उर्फ गट्टू भी था। रमन के अनुसार गौरव से उसकी तीन साल पुरानी जान पहचान है, क्योंकि गौरव पहले रुचिरा पेपर मिल कालाआंब हिमाचल प्रदेश में नौकरी करता था। इस दौरान वह रमन की दुकान पर बाइक खड़ी करता था। इसी आधार पर पुलिसकर्मी रमन को जीप में बैठाकर थाने ले गए। आरोप है कि थाने ले जाकर रमन को अफीम के केस में फंसाने के लिए धमकाया गया।
इस बारे में जब रमन के भाई रज्जी को पता चला तो वह मोहड़ी के संदीप और शामपुर के कृष्ण को लेकर थाने पहुंचा। इसके बाद बिचौलिये कृष्ण ने पुलिस कर्मचारियों से बात करके रमन को छोड़ने के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की। फिर 30 हजार रुपये लेकर छोड़ने पर सहमति बनी। बातचीत के बाद संदीप ने 30 हजार रुपये लाकर कृष्ण को दिए, जिसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने रमन को छोड़ दिया।
शिकायतकर्ता रमन के अनुसार बाद में उसे पता चला कि इन्हीं पुलिस कर्मचारियों ने अफीम के केस में फंसाने की धमकी देकर राजन से 80 हजार, सौंटी से दो लाख और बबल से 25 हजार रुपये ऐंठे हैं। इसके अलावा विक्रम भोगपुर से पांच लाख रुपये की मांग की जा रही है।
पुलिस कर्मचारियों द्वारा इस तरह नाजायज वसूली की शिकायत डीआईजी अंबाला को सौंपी गई। डीआईजी के निर्देश पर रादौर के डीएसपी रजत गुलिया ने मामले की जांच की, जिसके बाद साढौरा थाने में कार्यरत दो एएसआई दौलत और राजेश तथा दो हेड कांस्टेबल लाभ सिंह व जसजीत के अलावा बिचौलिये कृष्ण निवासी शामपुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
डीआईजी के निर्देश पर रादौर के डीएसपी रजत गुलिया ने शिकायतकर्ता रमन की शिकायत पर आरोपों की जांच की है। इस आधार पर एएसआई दौलत, एएसआई राजेश, एचसी लाभ व एचसी जसजीत के अलावा शामपुर के कृष्ण के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत गलत फंसाकर रकम ऐंठने का मामला दर्ज किया गया है। - दिनेश, एसएचओ, साढौरा