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Yamuna Nagar News: नियम दरकिनार, जान पर भारी न पड़ जाए ‘सुकून’ की डुबकी
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प्रतापनगर। न नियमों की परवाह न ही जान जाने का डर। कुछ समय के सुकून के लिए युवा व किशोर नहरों में अठखेलियां कर रहे हैं, जबकि प्रशासन ऐसा न करने की हिदायत दे चुका है। ऐसा करते हुए कई बार किशोर और युवा बह भी जाते हैं और उनके शव कई दिनों बाद बरामद होते हैं। यहां से गुजरने वाली अराइयांवाला नहर में रोजाना ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है। इनमें से बहुत से युवा व किशोर अपने घर से चोरी छिपे यहां पहुंचते हैं और नहरों में जान जोखिम में डाल गोते लगाते हैं। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस तरह नहरों में नहाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए।
नहर में नहाना जोखिम भरा
सलीम खान, जाबिर खान, प्रवेज खान ताजेवाला व राजेश गोयल ने बताया कि गर्मी में कुछ समय के सुकून के लिए नहर व नदी में नहाना जोखिम भरा हो सकता है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है। वैसे ही नहर में डूबने के मामले भी सामने आ रहे हैं। इस बार भी गर्मी के सीजन में दर्जनों युवकों की नहर में नहाते समय डूबने की खबरें आ चुकी हैं। यह हालात तब हैं, जब प्रशासन की ओर से नदी व नहरों में नहाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस भी गश्त करती है, लेकिन यह लोग बाज नहीं आते।
पुल से लगाते हैं लांग
पश्चिमी यमुना नहर के ताजेवाला, अराइयांवाला , हथिनी कुंड, फैजपुर फतेहपुर पुल, चिट्टा मंदिर, बाड़ी माजरा, दड़वा घाट, अमादलपुर, हमीदा हैड व दादूपुर हैड पर गर्मियों के दिनों में नहाने वालों की सबसे अधिक भीड़ रहती है। सबसे अधिक हादसे भी इन्हीं जगहों पर होते हैं। यहां पर सिंचाई विभाग की ओर से चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद नहर में छलांग लगाने का सिलसिला जारी है। पश्चिमी यमुना नहर में हर वर्ष 12 से 15 लोग डूब जाते हैं। इनमें से अधिकतर 20 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। ज्यादातर की मौत ही हो जाती है, क्योंकि पश्चिमी यमुना नहर में कई जगह गहरे कुंड बने हुए हैं। इनमें नहाते हुए वे फंस जाते हैं।
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वर्जन
नहर किनारे समय-समय पर गश्त की जाती है फिर भी कर्मचारी भेज कर इन युवकों व किशोरों को नहाने पर रोक लगाई जाएगी। विभिन्न जगहों पर नहाने के लिए प्रतिबंधित स्थान के बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
- नवीन रंगा, एसडीओ सिंचाई विभाग।
नहर में नहाना जोखिम भरा
सलीम खान, जाबिर खान, प्रवेज खान ताजेवाला व राजेश गोयल ने बताया कि गर्मी में कुछ समय के सुकून के लिए नहर व नदी में नहाना जोखिम भरा हो सकता है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है। वैसे ही नहर में डूबने के मामले भी सामने आ रहे हैं। इस बार भी गर्मी के सीजन में दर्जनों युवकों की नहर में नहाते समय डूबने की खबरें आ चुकी हैं। यह हालात तब हैं, जब प्रशासन की ओर से नदी व नहरों में नहाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस भी गश्त करती है, लेकिन यह लोग बाज नहीं आते।
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पुल से लगाते हैं लांग
पश्चिमी यमुना नहर के ताजेवाला, अराइयांवाला , हथिनी कुंड, फैजपुर फतेहपुर पुल, चिट्टा मंदिर, बाड़ी माजरा, दड़वा घाट, अमादलपुर, हमीदा हैड व दादूपुर हैड पर गर्मियों के दिनों में नहाने वालों की सबसे अधिक भीड़ रहती है। सबसे अधिक हादसे भी इन्हीं जगहों पर होते हैं। यहां पर सिंचाई विभाग की ओर से चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद नहर में छलांग लगाने का सिलसिला जारी है। पश्चिमी यमुना नहर में हर वर्ष 12 से 15 लोग डूब जाते हैं। इनमें से अधिकतर 20 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। ज्यादातर की मौत ही हो जाती है, क्योंकि पश्चिमी यमुना नहर में कई जगह गहरे कुंड बने हुए हैं। इनमें नहाते हुए वे फंस जाते हैं।
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वर्जन
नहर किनारे समय-समय पर गश्त की जाती है फिर भी कर्मचारी भेज कर इन युवकों व किशोरों को नहाने पर रोक लगाई जाएगी। विभिन्न जगहों पर नहाने के लिए प्रतिबंधित स्थान के बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
- नवीन रंगा, एसडीओ सिंचाई विभाग।